बिल्लू से चुदवा दो ना

मेरा नाम रणदीप है, शादी को सिर्फ दो साल हुए हैं। मेरी पत्नी माधुरी बेहद खूबसूरत और सेक्सी है। चूंकि मैंने लव-मैरिज की थी तो हम दोनों घर वालों से अलग अकेले रहते हैं। मैं एक प्राइवेट कम्पनी में सेल का काम करता हूँ।

हम दोनों बहुत खुश हैं अपनी जिंदगी से। मेरी पत्नी और मुझ में सेक्स की भूख कूट-कूट कर भरी है और सेक्स करते समय हम खूब गन्दी बातें भी करतें है और खूब गालियाँ भी निकालते हैं।

ऐसे ही एक दिन मैंने एक ब्लू फिल्म चलाई थी और मैं माधुरी को अपने लौड़े पर बिठा कर फिल्म दिखा रहा था। फिल्म में दो काले आदमी अपने मोटे मोटे लौड़ों से एक लड़की को चोद रहे थे। मैंने कहा- माधुरी, अगर तू इस लड़की की जगह होती तो कैसा लगता तुझे? माधुरी के मुंह से सिसकारी निकल गई और वो मेरे लौड़े पर कूदने लगी। मैंने फिर कहा- माधुरी, तूने जवाब नहीं दिया?

माधुरी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी, माधुरी ने कहा- बहन के लौड़े! मेरी किस्मत में सिर्फ तेरा ही लौड़ा लिखा है! और वो मुझे मिल रहा है! ऐसे दो काले नाग मेरी किस्मत में कहाँ? मुझे माधुरी की बातों में मजा आने लगा, माधुरी को भी सेक्स का नशा होने लगा। मैंने कहा- डार्लिंग, तू फ़िक्र मत कर! मैं तुझे एक बढ़िया काला लौड़ा दिलवा दूंगा! तू सिर्फ बता दे मुझे कि किससे चुदना है तुझे? माधुरी ने कहा- मुझे क्या पता? तू ही चुदवा दे किसी मर्द से! मैंने कहा- मेरा वो दोस्त है न बिल्लू! वो कैसा रहेगा?

वैसे तो बिल्लू का असली नाम विनोद है पर सभी उसे बिल्लू ही कहते हैं।

माधुरी की आँखें ख़ुशी से चमक उठी क्योंकि बिल्लू एक सेक्सी आदमी था पूरे छह फ़ुट का और मुझ से लगभग दो गुना होगा उसका शरीर! और उसका लौड़ा तो कयामत था, एक-दो बार तो मैंने भी उसका लौड़ा चूसा था। माधुरी ने कहा- सच में? प्लीज मुझे बिल्लू से चुदवा दो ना!

मैंने भी एक शर्त रखी- तुम खुद बिल्लू को अपने जाल में फंसाना और इसके लिए मैं तुम्हें पूरी छूट दूँगा!

अगले ही दिन मैंने बिल्लू को घर पर बुला लिया- आज पेग-शेग लगायेंगे! मैंने रास्ते में ही बिल्लू को कह दिया था कि माधुरी का तुझसे चुदने का बड़ा मन है।

बिल्लू तो वैसे भी कब से माधुरी को देख कर मुठ मारता था इसलिए वो तुरन्त राजी हो गया। पर मैंने उसे पहल करने से मना कर दिया था। शाम को जैसे ही मैं और बिल्लू घर पहुंचे तो माधुरी के तो जैसे पैरों में घुंघरू बंध गये हों! एक दूसरे को हेलो बोलने क बाद हम ड्राइंग रूम में बैठ कर बातें करने लगे।

अब आगे की कहानी, हम तीनों की जुबानी :

कमरे में हम तीनों थे मगर माधुरी और बिल्लू एक दूसरे को ऐसे देख रहे थे जैसे वहाँ सिर्फ वो दोनों ही हों। बिल्लू: अरे माधुरी, हमें कुछ खिला-पिला भी दो! माधुरी: हाँ हाँ! बोलो, क्या लोगे चाय या कॉफी? बिल्लू : अरे नहीं! आज तो दारू पिला दो! माधुरी : अभी लाई!

माधुरी कुछ पकौड़े, नमकीन तीन गिलास और शराब की बोतल जो मैं पहले ही ले आया था, ले आई। दो दो पेग हम तीनों ने लिए और मस्त मूड सेट हो गया।

माधुरी और बिल्लू एक दूसरे को काफी देर से देख रहे थे, मुझे पता था कि आज मेरी घरवाली रांड बन कर चुदने वाली है, मेरा लौड़ा मस्त हो रहा था और शायद बिल्लू का भी। तभी अचानक बिजली चली गई, कमरे में अँधेरा हो गया।

कुछ देर तक खामोशी के बाद मुझे कुछ आवाज सुनाई दी जैसे कोई पानी पी रहा हो। दो तीन मिनट बाद बिजली आई तो मेरी आँखों के सामने का नजारा बड़ा सेक्सी था : माधुरी बिल्कुल नंगी थी और बिल्लू सिर्फ कच्छे में! दोनों नीचे लेटे हुए थे और एक दूसरे को चूम रहे थे।

मुझे देख कर माधुरी ने उठने का नाटक किया तो बिल्लू ने उसे अपनी तरफ खींचते हुए कहा- अरे इस गांडू से क्यों डरती है? आ जा मेरी रंडी! यह बहन का लौड़ा तो खुद मेरा ही लौड़ा चूसता था। माधुरी ने कहा- क्यों रणदीप? साले! कमीने! मादरचोद! इतना स्वादिष्ट लण्ड सिर्फ अकेले ही पी गया बहन के लौड़े? अब तो मैं बिल्लू से और तुझसे जी भर के चुदूँगी! क्यों बिल्लू? बिल्लू- वाह मेरी रंडी तू तो बड़ी सेक्सी है!

बिल्लू ने अपना लण्ड कच्छे से निकाला तो माधुरी देखती ही रह गई। दस इंच का मस्त काला लोला! माधुरी- क्या मस्त लौड़ा है तेरा! ए मेरे बिल्लू! बिल्लू- तेरा ही है आज से यह कला नाग! मैं भी अब तक नंगा हो चुका था और माधुरी के पीछे से उसे चूम रहा था और आगे से बिल्लू उसे मसल रहा था।

तभी माधुरी नीचे बैठ कर बिल्लू का लौड़ा चूसने लगी, बिल्लू ने उसे उठा कर सोफे पर लिटा लिया और उसके होंट पीने लागा। माधुरी बिल्लू के सामने मस्त हो गई थी। बिल्लू- बहनचोद रणदीप, तू मेरा लौड़ा चूस! तब तक मैं माधुरी के होंट पी लूँ!

मैं बिल्लू का लौड़ा चूसने लगा मगर माधुरी पूरी रंडी बन चुकी थी और उसने बिल्लू को बड़े सेक्सी अंदाज में कहा- मेरे लौड़े राजा! तेरे लौड़े को सिर्फ मैं चुसूँगी! हटा इस मादरचोद को अपने लौड़े से!

बिल्लू ने मुझे हटा कर लौड़ा माधुरी के मुंह में ठूंस दिया और मैं माधुरी की फुद्दी चाटने लगा मगर माधुरी ने मुझे वहाँ से हटा दिया और कहा- इस फुद्दी को अब सिर्फ बिल्लू जी ही चाटेंगे! और अपनी फुद्दी बिल्लू के मुंह पर रख दी।

अब मुझे माधुरी ने अपनी ब्लू फिल्म बनाने को कहा और मैं अपने हैन्डीकैम से उन दोनों की फिल्म बनाने लगा।

बिल्लू पूरे जोश से माधुरी की फुद्दी चाट रहा था तो माधुरी जल्दी ही झर गई और सोफे पर सीधी लेट गई। बिल्लू ने अपने दस इंच के लौड़े को तीन झटको में माधुरी की फुद्दी में पूरा उतार दिया। धीरे-धीरे गति बढ़ने लगी, माधुरी अपनी आँखें बंद करके चुद रही थी।बिल्लू ने उसे पूरी रात में पाञ्च बार ठोका।

माधुरी ने बिल्लू को कुछ दिन के लिए घर पर ही रख लिया।

एक दिन बिल्लू अपने भाई वीरू को भी ले आया देखने में बिल्कुल बिल्लू जैसा ही था और तब माधुरी अवस्था बदल बदल कर दोनों से चुदी। माधुरी ने मेरा भी काम बना दिया है। माधुरी ने एक कामवाली को रख लिया है जो रोज मुझसे चुदती है।

मेरी कहानी आपको कैसी लगी दोस्तो? जरूर बताना… [email protected]

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