बुद्धू बालम
नेहा वर्मा आज मेरी भाभी कंचन वापस घर आ गई। यहां से…
बारिश और खूबसूरत चाची
वक़्त इंसान से कुछ भी करवा सकता है! इस बात का अंदाज…
पहले पिछवाड़ा !
प्रेषक : लवर बॉय दोस्तो, मेरा नाम बताना ज़रूरी तो नह…
पहला गैंगबैंग
प्रेषक : प्रकाश कुमार सभी अन्तर्वासना के पाठकों को प्र…
बेईमान दिल
प्रेषिका : यशोदा पाठक मैं अब बड़ी हो गई हूँ। मेरी म…
बस से शयनकक्ष तक
प्रेषक : रोहण पटेल अन्तर्वासना के सभी पाठकों को खास …
बन्ना सा री लाडली
प्रेषिका : लक्ष्मी बाई राजस्थान में मैं जयपुर, बीकान…
जवानी एक बला
लेखिका : नेहा वर्मा मैंने जवानी की दहलीज़ पर कदम रख…
प्यार या वासना
प्रेषक : दीपक प्यारे दोस्तो, मैं दीपक कोटा से एक बार…
बहकता हुस्न
विजय पण्डित अहमदाबाद एक बहुत बड़ा शहर है, साबरमती क…