मेरी और मेरी सहेली की चूत की कामुकता-4

मेरी और मेरी सहेली की चूत की कामुकता-1 मेरी और मेरी सहेली की चूत की कामुकता-3

मेरी फ्री सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैं अपनी सहेली के साथ गोवा गयी मस्ती करने, वहां पांच लड़कों से पूरी रात चुदाई के बदले एक लाख रुपये तय किये. हमारी चुदाई शुरू हो गई थी. अब आगे:

कुछ ही देर में लड़कों के लंड फिर से फड़क उठे. उन्होंने देखा कि रिया एक हाथ में बियर की बोतल थामे धीरे धीरे घूंट भर रही थी और उसके दूसरे हाथ में सुलगी हुई सिगरेट थी. तो सब के सब मेरी ही तरफ मुड़ गए. राहुल ने अपना लंड मेरे होटों से सटा दिया तो मैंने भी तुरंत उसे चूसना चालू किया.

तभी यश ने कहा- चलो, इसे अंदर बेड पर लेकर चलते हैं, अब की बार जरा तबियत से चोदना है भाइयो! राहुल ने अपना लंड मेरे मुंह से निकाल कर मुझे अपनी गोद में उठाया और सब अंदर चल पड़े. मेरा तो ये सोच कर हलक सूख गया कि अब ये पांचों एक साथ मुझे चोदेंगे. मगर उस ख्याल से मेरी चूत भी फड़क उठी.

हम जैसे रूम में पहुंचे तो राहुल ने मुझे लगभग पटक ही दिया बेड पर. मैंने देखा कि रिया दरवाजे पर खड़ी होकर तमाशा देख रही थी. जैसे मैं बेड पर गिरी, सारे लड़के मुझ पर टूट गये. सबके लंड एकदम तने हुए थे. मैं एक साथ इतने लंड, इतने नजदीक से पहली बार देख रही थी. सब मुझे पागलों की तरह नोच रहे थे, जिसको जो अंग मिलता, वो उसी को अपने दाँतों से काट रहा था. एक मेरी चूची मसल रहा था, एक चूची काट रहा था, एक मेरे मदमस्त होंठों को अपने होंठों से चूसे जा रहा था, एक मेरे नर्म नर्म गालों को अपने दाँतों से चबा रहा था और मेरी गांड मसल रहा था और एक मेरी सबसे बड़ी अमानत यानि मेरी चूत को मसल रहा था, मसलते-मसलते वो उंगली भी कर देता था जिससे मैं चिहुँक जाती थी.

वहाँ मेरी लाइव चुदाई देखकर रिया ने कामुकता वश अपनी उंगली खुद की ही चूत में दे रखी थी. मेरी हालत इस वक्त एक असली रण्डी की तरह हो गयी थी. मेरे बदन का एक भी ऐसा अंग नहीं था जो उन लोगों से अनछुआ हो, सब मुझे मसल रहे थे, मुझे मजे कम और दर्द ज्यादा हो रहा थी, मैं चीख रही थी लेकिन कोई नहीं सुन रहा था.

मॉन्टी झुक कर मेरी चूत को चाटने लगा. अब मैं धीरे-धीरे मदहोश होने लगी, गर्म होने लगी. सारे लड़के एक एक करके मेरी चूत चूस रहे थे. कुछ ही देर में मैं पूरी गर्म हो उठी. चूसने वाले का सर पकड़कर अपनी चूत पे दबाने लगी.

तभी राजीव अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा तो मॉन्टी ने कहा- पहले मैं डालूँगा.

मनीष ने कहा- यार लड़ो मत, हम लोग एक साथ ही इसे चोदेगें. यह बात सुनकर मेरी सारी गर्मी निकल गयी.

मनीष आया और बोला- चल साली, कुतिया बन जा.

मैं कुछ बोलती, इससे पहले सबने मिलकर मुझे कुतिया बना डाला और मनीष ने राहुल को इशारा किया, उसने मेरी गांड पर लंड टिकाया और पेलने की कोशिश करने लगा.

फिर उसने मेरी गांड पे लंड रखा और बिना कुछ लगाए सूखे लंड से ही एक जोरदार धक्का मारा और लंड मेरी गांड को ककड़ी की तरह चीरता हुआ आधा लंड गांड में घुस गया. मेरी तो जैसे दर्द से साँस अटक गयी, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गर्मा गर्म रॉड गांड में डाल दी हो, मैं जोर से चिल्लाई और रोने लगी.

अभी दर्द रुका नहीं कि राहुल ने फिर एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लण्ड मेरी छोटी सी गाण्ड में जड़ तक फिट कर दिया. अब मैं और तेज से रोने लगी, ऐसा दर्द पहले कभी भी नहीं हुआ था. गांड में दर्द और तेज जलन हो रही थी. आज तक ऐसे बेहरमी से मुझे किसी ने नहीं चोदा था. मैं छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैं असमर्थ थी और मन ही मन सोच रही थी कि किसी लड़की का सेक्सी बदन होना भी एक गुनाह ही है. इधर राहुल मस्ती में मेरी गांड मार रहा था. तभी मनीष ने मुझे सीधी कर के अपना लंड मेरी चूत से सटाया और एक ही झटके में पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. मैं एकदम अधमरी सी जोर जोर से चिल्ला रही थी लेकिन मेरी आवाज किसी को सुनाई नहीं दे रही थी.

सब मेरी जिस्म की जम के तारीफ कर रहे थे. मॉन्टी ने कहा- साली की गांड एकदम कसी है. तो यश ने कहा- साली की चूत लाजवाब है. राजीव मेरे निप्पल उमेठते हुए बोला- इसका तो आज रात भर चोदन करना पड़ेगा.

इस तरह सब बोलते बोलते मेरी चूत और गांड की चुदाई हो रही थी. आज तक मैं एक साथ दो लंड से नहीं चुदी थी, दोनों मिल कर मेरी तबियत से चुदाई कर रहे थे. ऐसी चुदाई मैंने पॉर्न मूवीज में ही देखी थी, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कभी ऐसे चुदूँगी.

तभी यश ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा कर जोर जोर से आगे पीछे करने लगा, वो मेरी मुँह की ऐसी चुदाई कर रहा था जैसे वो मेरी मुँह नहीं चूत हो. अब तो मैं चिल्ला भी नहीं सकती थी. उसका लंड गले तक जाता, फिर बाहर लाता और फिर जोर से लंड गले तक पेल देता. तीन लड़कों ने तो अपना लंड जगह ढूंढ कर डाल दिया.

अब बचे मॉन्टी और राजीव, उन दोनों ने मेरे दोनों हाथों लंड पकड़ा दिया और आगे पीछे करने को बोला.


अब पांचों के लंड मेरे चीथड़े उड़ाने में लगे थे. मुझे भी इस अनोखी चुदाई में मजा आने लगा. मैं अभी पाँच लंड का इस्तेमाल कर रही थी…

या यूं कहना चाहिए कि मैं पाँच लंडों की रानी थी. या यूं कि वो पांच लंड मुझे रण्डी की तरह चोद रहे थे.

मगर अगले ही पल मेरे दिल ने कहा- कमीनी निकी, तू तो गजब ढा गयी यार, कोई रण्डी भी एक साथ पांच लंड से नहीं चुदाती होगी.

मेरे मुंह से थोड़ी थोड़ी सिसकारी निकलने लगी. सारे लड़के लंड आगे पीछे करने में लगे थे. मैं भी एकदम गर्म हो गयी और मुझे भी मजे आने लगे लेकिन मैं ज्यादा देर तक टिक नहीं पायी और झड़ गयी लेकिन ये लड़के झड़ने का नाम ही नहीं ले रहे थे.

कुछ मिनट बाद मनीष ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मेरी चूत में जोर से पिचकारी मार कर अपने वीर्य से मेरी चूत को गीला किया. तभी यश, जो मेरे मुँह को चोद रहा था, उसने मेरे मुंह में ही अपना वीर्य छोड़ दिया और मुझे एक एक बूंद पीना पड़ा. तभी राजीव ने अपने लंड को मेरी हाथ से छुड़ाकर मेरी चूत में और मॉन्टी ने मेरे मुंह में लंड डाल दिया और फिर से दोनों चोदने लगे. वो दोनों भी कुछ मिनट में झड़ गये और फिर से मेरे मुंह और चूत में वीर्य की वर्षा हो गयी.

अब तक चार लड़के झर चुके थे, सिर्फ राहुल ही था जो मेरी गांड अभी तक चोदे जा रहा था, वो छूटने का नाम ही नहीं ले रहा था, वो धकापेल मेरी गांड को चोदे जा रहा था. तकरीबन 10 मिनट बाद वो झरने को आया तो बोला- निकी, अब मेरा छूटने वाला है. तो मनीष बोला- लंड निकाल कर साली की मुंह में डाल और वहीं निकाल!

मेरे मुंह में तो पहले से ही दो लड़के का वीर्य था, उसने वैसा ही किया, लंड निकल कर मेरे मुंह में घुसा दिया और चोदने लगा और 5-7 मिनट बाद मेरे मुंह में फिर से एक बार वीर्य की बाढ़ आ गयी, वीर्य निकल रहा था और वो मुझे गालियों के साथ चोदे जा रहा था, उसने अपने वीर्य की एक एक बूंद वीर्य मेरे मुंह में निचोड़ी और मेरे ऊपर ही निढाल होकर गिर गया.

रिया मेरे पास आई और मेरे होठों की जबरदस्त चुम्मी लेकर उसने कहा- निकी, आय लव यू यार! पूरे पांच को झेल गयी तू तो! मेरे चहरे पे एक कमजोर सी मुस्कान आ गयी.

तभी मॉन्टी ने रिया के चूतड़ों पे जोर से चपत मारी और कहा- रांड, ये मत सोच कि तुझे बख्श दिया, चल आकर मेरा लंड चूस दे… और इसके साथ रिया का गैंगबैंग चालू हुआ.

एक एक करके सारे लड़के फिर से चुदाई करने ज्वाइन हुए.
अब की बार तो उनका पानी भी जल्दी नहीं निकलने वाला था. करीब आधा पौना घंटा रिया को चोदने के बाद उन्होंने मुझे उठा कर रिया के ऊपर बिछा दिया जिससे हम दोनों की चूत एक दूसरे के ऊपर नीचे आ गयी. अब वो एक बार रिया की चूत में लंड डाल कर 4-5 धक्के मारते तो फिर मेरी चूत में लण्ड डाल कर थोड़ा मुझे चोदना चालू किया. अब एक टाइम एक ही बंदा चोदता और बाकी सब अपनी अपनी राह देखते. ऐसा करने से लड़कों को आराम मिलता मगर हम दोनों की चूत का पूरा भुर्ता बन गया… रात भर हम दोनों की लगातार अदलबदल कर हर छेद में चुदाई चलती रही.

मैंने और रिया ने भी, सारे दर्द सह कर, इस रात के हर पल का पूरा लुत्फ़ उठाया!

सुबह करीब नौ बजे मेरी आँख खुली. देखा कि हम सब नंगे ही एक ही बेड पे पसर गए थे. मैंने झुककर रिया के होटों पे किस करके उसे जगाया और फिर हम दोनों ने सभी लड़कों को लिप किस करके जगाया.

सब के सब फिर पूल में दाखिल हुए और वहाँ चुदाई का एक और आखरी दौर चला!

जब हम दोनों ने तैयार होकर चलने की सोची तो लड़कों के चहरे पे ऐसे भाव थे कि उनकी पसंदीदा चीज कोई उनसे दूर ले जा रहा था. राजीव ने हमारे सामने एक लाख रुपये रख दिए. मैंने और रिया ने एक दूसरी की तरफ देखा. फिर मुस्कुरा के लड़कों से कहा- हम ये पैसे नहीं ले सकती.

इस पर तो सभी लड़के भौचक्के से हो गए. राजीव ने कहा- पर क्यों? ये तो तुम्हारा हक़ है. हमारी बात इस पे तय हुई थी.

मैंने एक सिगरेट सुलगते हुए कहा- दोस्तो, माफ़ करना, हमने आप सबसे एक बात छुपाई. हम दोनों कोई पेशेवर रंडिया नहीं हैं. हम दोनों अच्छी सहेलियां और पेशे से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं. यह तो हमने अपनी खुद की जिंदगी के मजे लूटने के लिए किया. तभी रिया बोल पड़ी- एक्चुअली, मेरी जिद थी कि जिंदगी में एक बार तो रंडियों वाली हरकत करनी है तो निकी ने भी मेरा साथ दिया और निकी ने सही कहा कि हम ये पैसे नहीं ले सकती!

अब लड़कोंके चेहरे पे भूचाल सा आ गया था. सबसे पहले मॉन्टी उठा, मुझे बाहों में लेते हुए उसने कहा- सो सॉरी निकी, पता नहीं मैं तुम्हें क्या क्या कह गया. मैंने हंस कर उसका हाथ थपथपाया. मनीष और यश ने रिया को गले लगाकर उसकी माफ़ी मांगी. राहुल और राजीव ने मेरे पास आकर मुझे गले लगाया और फिर से कहा- निकी, माना कि ये सब अनजाने में हुआ. मगर आप दोनों को ये पैसा ले लेना चाहिए. मैंने उन दोनों के होटों पे एक हल्का सा किस किया और कहा- लो, मिल गए पैसे!

राजीव ने पलटकर मेरे और रिया होटों पे प्यारा सा किस किया और कहा- मैंने अपनी मैं कभी भी तुम जैसी लड़कियाँ नहीं देखी जो इतनी पढ़ी लिखी हो, मॉडर्न हो और अपनी जिंदगी अपने ढंग से जीती हो.
रिया तुमने कल रात सही कहा था ‘अब आगे जिंदगी में मुझे कोई लड़की इतनी अच्छी नहीं लगेगी जितना इस वक़्त तुम दोनों लग रही हो! यू बोथ रियली रॉक गर्ल्स!’

लड़कों को वैसे ही सदमे वाली हालत में छोड़ कर हम अपनी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल पड़ी! जीप चलाते चलाते मेरी मंद मुस्कान देखकर रिया ने पूछा- क्या हुआ?

मैंने कहा- सोच रही हूँ कि तेरा साथ छोड़ दूं. कमीनी मजाक मजाक में तूने तो मुझे सचमुच की फ्री वेश्या बना डाला. रिया ठहाके मार के हंस पड़ी मगर तभी यकायक उसकी हंसी कही बिखर गयी, चेहरे पर कड़वापन छा गया. मैंने हैरत से पूछा- क्या हुआ रिया?

फिर एक कमीनी सी हंसी के साथ रिया ने कहा- सालों ने फ्री में बड़ी तबियत से चोदा यार! बदन का हर छेद दर्द कर रहा है! हम दोनों फिर से ठहाके मार के हंस पड़ी!

फिर गोवा की सेक्सी यादें लेकर हम दो दिन बाद फिर से अपने मुकाम दिल्ली पहुँच गयी!

आगे मेरी चूत ने और क्या क्या गुल खिलाए ये जानने के लिए मेरी अगली सेक्स स्टोरी का इंतज़ार करें. यह फ्री सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल करके ज़रूर बताइएगा. आपकी अपनी सेक्सी रंडी निकी [email protected]

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