जयपुर की रूपा की अन्तर्वासना-2

गुजराती भाभी की चुदाई की कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि एक देसी भाभी भीड़ भरी बस में थी, एक युवक उसके पीछे खड़ा था, बस में लग रहे धक्कों से युवक लंड भाभी की गांड में घुसा जा रहा था. भाभी भी मजा लेने लगी और वो युवक भाभी के साथ ही उतर गया.

पप्पू अपनी जीभ रूपा के क्लीवेज पे घुमा कर पेटीकोट के नीचे हाथ डाल के एक हाथ से उसकी नंगी टाँगें सहलाते हुए और दूसरे हाथ से मम्मे ज़रा ज़ोर से मसलते हुए बोला- जल्दी तो नहीं रानी, बस तेरा गर्म और गोरा जिस्म नंगा देखने की ख्वाहिश है और कुछ नहीं. अरे हुक टूटा तो क्या हुआ? जब यहाँ से जायेगी तो जान तू क्या सीने पे पल्लू नहीं लेगी? उम्म बड़ा गर्म माल है तू. मुझे ये समझ में नहीं आता कि ऊपर वाला तेरी जैसी गर्म माल को इतना ठंडा पति क्यों देता है.. या शादी को इतने साल हो गए.. इसलिए पति को अपनी सेक्सी बीवी में दिलचस्पी नहीं रहती?

रूपा अपना सीना और तान के पप्पू का सिर पकड़ के अपने मम्मों पे दबाते हुए बोली- अरे अब तेरे पास हूँ तो नंगी करेगा ही ना, इतनी जल्दबाज़ी मत कर, या तूने किसी और को समय दे रखा है? अरे पल्लू तो डालूँगी पर उसके नीचे से खुला हुक लोगों को मुफ्त का तमाशा दिखाएगा… उसका क्या? रहा मेरी किस्मत का सवाल तो तू तो ऐसे बोल रहा है कि हर खूबसूरत औरत का पति ऐसा होता है. असल में मेरा पति काम की वजह से थकता है, नहीं तो मैं उसके साथ दो लड़कियां कैसे पैदा करती? आहह सुन इतना बेरहम मत बन, आराम से मेरा सीना हौले हौले मसल न.

अब आगे:

आधी खुली साड़ी, घुटनों तक ऊपर आए पेटीकोट और हुक टूटे ब्लाउज में रूपा को एक बार देख के पप्पू उसे नीचे बिठा के उसकी गोद में सिर रख के लेटते हुए और हल्के-हल्के उसके मम्मे मसलते हुए बोला- मैंने किसी को समय नहीं दिया जान… पर सोचा तुझे जल्दी होगी जाने की, वैसे जल्दी नहीं होगी तो रात भर रखूंगा तुझे. तेरी जैसी गर्म औरत का सीना हर दिन थोड़ी लोगों को देखने को मिलता है, एक दिन फ़्री में दिखा दिया तो तेरा क्या जायेगा? अब जो दो लड़कियाँ हैं… वो तेरी हैं पर उनका बाप कौन है रानी? तेरे चूतिया पति की ही निशानी हैं वो दोनों या किसी और की? तेरी जैसी गर्म औरत को बेरहमी से ही मसलना चाहिये, जिससे तुम और गर्म हो कर चुदवाती हो, रूपा मैं तेरी जैसी औरतों को खूब जानता हूँ.

नीचे बैठने से रूपा का पेटीकोट खराब हो गया. वो उठना चाहती थी लेकिन तब तक पप्पू उसकी गोद में लेट गया था.

पप्पू के बालों में हाथ घुमाते हुए वो बोली- अरे ये क्या पप्पू, ये नीचे क्यों बिठा दिया? मेरी साड़ी पूरी खराब हो जायेगी, वैसे ही पसीने से भीगी थी… अब उस पे मिट्टी लगेगी. उम्म बस ऐसे ही मसल हौले-हौले मेरे मम्मे, आहह बहुत मजा आता है. क्या तू ऐसे ही अपनी बीवी को भी मसलता है? तो उसे रोज़ जन्नत नसीब होती होगी? अरे मेरा सीना हर किसी को दिखाने के लिए थोड़े ना है. हाँ ये बात और है कि तेरे जैसे लोग चोरी छिपे देख लेते होंगे. वैसे मेरा सीना कड़क है इसलिए तो तूने मुझे देखा ना…? रही बात मेरे बच्चों की तो पप्पू वो दोनों मेरे पति के ही बच्चे हैं. मेरे पति ने ही मुझे माँ बनाया… इतनी ताकत है उसमें… भले आज वो मेरे साथ पहले जैसा हर दिन मस्ती नहीं करता.

ये सब बोलने के बाद रूपा ने मोबाइल से अपनी सहेली को फोन करके बताया कि वो किसी काम में फंसी है… इसलिए उसे आने में देर होगी, लेकिन वो आएगी ज़रूर.

फोन पे हुई रूपा की बात सुन के पप्पू खुश हुआ और रूपा को झुका के उसके मम्मे बारी बारी से चूमते हुए पप्पू बोला- ये अच्छा किया तूने कि सहेली से कहा कि तुझे देर होने वाली है. अब फ़ुर्सत से तुझे चोदूँगा रानी, तेरी जैसी औरत को मस्ती से चोदना चाहिये… तब पूरा मजा मिलेगा. रूपा साड़ी खराब हुई तो क्या… तेरी चूत को तो मजा मिलेगा ना?

पप्पू मुड़कर पेटीकोट के ऊपर से चूत चूमते हुए बोला- मेरी शादी नहीं हुई अब तक इसलिए तेरी जैसी गर्म औरतों को ढूँढता हूँ. तुम गुज्जू औरतें बहुत शर्मीली होती हो, पर चुदवाने की इच्छा बहुत होती है… इसलिए जब मेरे जैसे मर्द के हाथ आ जाती हो तो ना ना करते दिल खोल के चुदवा ही लेती हो. रूप हंस दी.

फिर वो ब्लाउज के ऊपर से किस करते हुए बोला- रूपा रानी! जैसे तेरे ये मम्मे हैं… वो देख कर तो किसी की भी नियत खराब होगी जान और उससे पहले तो तेरी मस्त गोल गांड देख कर मेरी नज़र तुझ पर आ गई. तुम औरतें ये ऊंची ऐड़ी की सैंडल पहन कर खूब अच्छा करती हो… इससे तुम्हारी गांड और उभर जाती है. क्या ये सच है कि तेरे पति ने ही तुझे चोद के वो बच्चे पैदा किये… रूपा?

पप्पू से तारीफ और बातें सुन के रूपा को अच्छा भी लगा और शर्म भी आई. पप्पू द्वारा मम्मे और चूत चूमने से मस्त हो कर रूपा ने अपने ब्लाउज के हुक खोल दिए.

अब वो पप्पू को अपने सीने का पूरा मुआयना करवाती हुई बोली- हुम्म्म्म उम्म्म प्लीज़ और चूस… और चूस मेरे मम्मे और मसल भी उनको पप्पू.
तू सच बोलता है, मेरी जैसी गर्म गुजराती औरत तेरे जैसे मर्द के हाथ आए तो पहले शर्माती है, पर फिर दिल खोल के मजा लूटने देती है. पप्पू तू पहला मर्द नहीं जो मेरा कसा जिस्म देख के मेरे पीछे पड़ा, पर पिछले कई सालों में तू वो पहला मर्द है जिसे मैंने पूरी लिफ्ट दी है. शादी से पहले मैंने भी कई लंड लिए हैं. पर पप्पू इतनी भी गाली मत दे मेरे पति को और उसे इतना भी निकम्मा मत समझ. मेरी दोनों बेटियों का बाप मेरा पति ही है.

रूपा की ब्रा में भरे मम्मों को देख के पप्पू चकाचौंध हो गया क्योंकि वो बड़े और कसे हुए मम्मे रूपा कि ब्रा में भी नहीं समा रहे थे.

उस टाइट ब्रा में कसे रूपा के मम्मे देख कर पागल जैसे उनको चूसने, मसलने और हल्के-हल्के काटते हुए पप्पू बोला- आहह साली क्या मस्त चूचियाँ हैं, तेरा वो चूतिया पति ज्यादा चोदता या ज्यादा मसलता नहीं क्या तुझे… जो अब तक तेरा जिस्म इतना मस्त है? साली तू एकदम गर्म माल है जान, खूब मजा आएगा तुझे चोदने में. क्यों गाली नहीं दूँ तेरे चूतिया पति को? साला घर में इतना गर्म गुजराती माल छुपा के रखता है, गाँडू कभी मिला मुझे तो उसकी गांड मारूँगा.

रूपा के मम्मों से खेलते हुए पप्पू ने रूपा का हाथ पकड़ के अपने लौड़े पे लाकर रखा.

पप्पू की गंदी बातें और चूत छूने से रूपा की चूत और गर्म हो गई. पप्पू के लंड पे हाथ जाते ही रूपा को करंट सा लगा और उसके निप्पल काफी कड़क हो गए. पप्पू का मुँह अपने मम्मे पे दबाते हुए वो बोली- आहह… आहह ओहहह माँ हाँ.. और चूस… और चूस ले इनको… बहुत बेताब हूँ मैं राजा. मेरे पति ने मेरे मम्मे बहुत मसले हैं, शादी से पहले ही मसलता था, जब हम मिलते थे, अब मेरे मम्मों के साइज़ से तो अंदाज़ लगा कि मुझे वो कितना मसलता था. बाप रे…! तेरे सामान की लंबाई और चौड़ाई तो काफी है, शादी क्यों नहीं की अब तक? ऐसे सामान वाले के नीचे कोई भी औरत सोने को तैयार हो कर ऐसे सामान का पूरी-पूरी रात मजा ले.

पप्पू ने रूपा की ब्रा खोल के उसके कड़क निप्पल देखे तो बेताबी से उनको मसलते हुए और फिर एक-एक को चूसते हुए बोला- सामान क्यों बोलती है साली? क्या है इसका नाम? साली तेरे उस चूतिया पति का लंड सामान होगा… मेरा तो लौड़ा है लौड़ा… समझी? सिर्फ़ पैंट के ऊपर से छू कर क्या बोलती है, ज़िप खोल के बाहर निकाल कर देख कैसा है मेरा लंड रूपा! बहनचोद… इसे क्या मसलना बोलते हैं? गाँडू में ताकत है या नहीं? अब मम्मे मैं मसलूँगा… तब देख कैसे चीख चीख के उछलेगी तू.
साली शादी की तो एक ही चूत चोदने को मिलेगी लेकिन नहीं की तो तेरी जैसी मस्त गर्म चूत मिलेगी… और तू इस लौड़े से चुदवा कर तेरी सहेलियों को भी सुलायेगी मेरे नीचे… है ना?

पप्पू की ज़िप खोल कर रूपा ने अपने दोनों पैर घुटनों में मोड़ लिए, जिससे उसकी साड़ी जाँघों से ऊपर खिंच गई और पप्पू को उसकी चूत दिखाई दी क्योंकि रूपा ने पेटीकोट के नीचे पैंटी ही नहीं पहनी थी.

झटके से पप्पू की पैंट खोल के रूपा ने अपने हाथ से उसका लंड निकाला. काले साँप जैसे सख्त गर्म लंड को वो देख कर वो खुश हो गई.

लंड के आजू बाजू में घनी झाँटें देख कर उसमें अपनी उंगलियाँ घुमाती हुई वो बोली- ओहह वाओ! क्या मस्त लंड है तेरा पप्पू. लंड बोलने में ज़रा शर्म आती थी इसलिए मैंने सामान बोला. सुन पप्पू तेरा ये लंड का प्रसाद सहेलियों में क्यों बाँटू? तेरा ये लंड तो मैं ही पूरा खाऊँगी और खाकर थक गई तो फिर किसी सहेली को दूँगी… मेरी सहेलियों को चोदना है तो मेरी मिन्नतें करनी पड़ेंगी… मेरे पप्पू.

रूपा की नंगी गीली चूत देख कर उस पे हाथ रख कर मसलते हुए रूपा की साड़ी कमर तक उठा दी.

फिर वैसे ही लेटे लेटे उसकी चूत के पास आकर उसकी चूत पे जीभ फेरने के बाद पप्पू बोला- अब अंजान मर्द से चुदवाने वाली है तो लौड़ा बोलने में कैसी शरम जान? एक हाथ से लंड सहला और दूसरे से मेरी गोटियाँ. साली आज तुझे जन्नत की सैर करवाऊँगा. मिन्नतें तो क्या मेरी जान… मैं तो तेरा गुलाम हूँ… चाहे तो मुझे अपनी सैंडल की नोक पे रख… और अगर मुझे अपनी सहेलियों की चूत दिलवायेगी तो तू कहेगी तो तेरे सैंडलों के तलवे तक चाटूँगा. वैसे तेरी लड़कियों की उम्र क्या है रूपा? मेरा लंड तुझे इतना अच्छा लगा है तो देख आज तुझे कितना मजा दूँगा, वैसे बता न मेरा लंड इतना अच्छा क्यों लगा तुझे रूपा जान?

अपनी चिकनी चूत पे पहले पप्पू का हाथ और फिर चूत को चाटने से रूपा को अच्छा लगा. वो अपनी चूत हल्के से पप्पू के मुँह पे दबा कर अपनी उंगली पे पप्पू के लौड़े का रस लेके बोली- अब तेरा हाथ मम्मों पे पड़ा तो ये लगा मुझे कि मसलना किसको कहते हैं और मर्द का हाथ कैसा होता है. मेरा पति आज तक मम्मे मसलता था पर उसमें वो बेरहमी नहीं थी, जो तू दिखा रहा है. पप्पू तुझे एक बात माननी पड़ेगी कि उसके दबाने या ना दबाने की वजह से मेरे मम्मे आज भी ढीले नहीं हैं और तने हुए हैं… जिससे मुझ में अपने आप कॉनफीडेंस आता है और दूसरी औरतों की तरह पुश-अप ब्रा नहीं पहननी पड़ती है.
देख तो सही मेरे मम्मे देख कर तेरा लंड कैसा फुँफकार रहा है… मानो मम्मे देखे ही ना हो… तू मेरे सैंडलों के तलवे चाटने की बात तो कर रहा है… साले… सोच ले… मैं भी बहुत कुत्ती औरत हूँ… सच में चटवाऊँगी अपने सैंडलों के तलवे… फिर मत कहना.

रूपा की चूत चाट कर उसके मम्मे मसलते हुए पप्पू रूपा की उंगली उसके ही मुँह में घुसाते हुए बोला- साली ले मेरे लौड़े का पानी चाट ले… वो तेरे लिए ही है, अभी तूने उंगली पे पानी लिया है, फिर पूरा लंड तेरे मुँह में डालना है जान. साली तूने खुद को इतना मेंटेंन कर रखा है जान, जिससे आज भी तू 30-32 साल की ही लगती है. ऐसा मस्त जिस्म तो नई-नई शादी हुई लड़कियों का ही होता है रूपा. पर आज तेरे इस वेल-मेंटेंड गुजराती जिस्म की चूत, गांड, मुँह और मम्मों का भोसड़ा बनाकर रख दूँगा समझी? बहनचोद तुझे इतना चोदूँगा कि तुझमें उठने का दम ही नहीं रहेगा. साली रूपा बहनचोद.. तेरी जैसी गर्म औरत आज तक मेरे लौड़े ने नहीं देखी… इसलिए मेरा लंड ऐसे फुँफकार रहा है. मुझे पता है कि तू बहूत कुत्ती औरत है, पर मैं भी ज़ुबान का पक्का हूँ… कहे तो मैं अभी तेरी सैंडल के तलवे अपनी जीभ से चाट दूँ.

पप्पू की जीभ के बार-बार चूत चाटने से एक सरसराहट रूपा के जिस्म में दौड़ी. अपने होंठ काटते हुए रूपा पप्पू का मुँह जोर से अपनी चूत पे दबाते हुए बोली- उम्म्म हाँ और चाटो राजा. तुझसे चूत चटवाने में बड़ा मजा आ रहा है. अरे ऐसा लौड़ा मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार देखा, साला मूसल जैसा है… मानो किसी घोड़े का हो. और जब जानवर चुदाई करता है तब चूत, गांड, मुँह और मम्मों का तो भोसड़ा बनता ही है और मुझे भी वैसा ही चाहिए. पप्पू तुझे मेरा ये जिस्म जैसे चोदना है वैसे चोद.. तू मेरे सैंडलों के तलवे चाटने को तैयार है तो मैं भी कम नहीं… आज ये गुज्जू रूपा तेरे लिए सब करेगी… क्योंकि मुझे आज तेरे जैसे मर्द से पूरा मजा चाहिए.

रूपा की कमर में दोनों हाथ डाल कर उसकी चूत बेताबी से चाटते हुए पूरी जीभ चूत में घुसा के पप्पू चाटने लगा.

अच्छे से चूत चाट कर फिर बेरहमी से रूपा के मम्मे मसलते हुए वो बोला- मजा आ रहा है ना रानी? कभी किसी मर्द ने ऐसे चाटी थी तेरी चूत जान? पहले तो तेरी चूत जीभ से चोदूँगा और फिर मैं जानवर जैसे उसमें लंड डाल कर कुतिया बनाके चोदूँगा. बहनचोद तेरी जैसी सब औरतों ने मुझसे यही कहा है कि उन्होंने मेरे जैसा लंड देखा नहीं है. मैं न जाने कितनों की चुत को चोद के भोसड़ा बना चुका हूँ. आज तेरी बारी है. सुन रूपा आज रात भर तुझे चोदूँगा, तेरी सहेली गई भाड़ में.. आज तुझे उसके घर जाने ही नहीं दूँगा, अभी यहाँ चोद कर फिर मेरे घर ले जाऊँगा समझी? बहनचोद साली तुझे बच्चों के बारे में पूछा तो जवाब क्यों नहीं देती हरामी.

गुस्से से पप्पू ने रूपा के मम्मे ज़ोर से दबा दिए.

गालियाँ और बेरहमी से चूत मसलने से रूपा को बड़ा अच्छा लग रहा था. पहली बार एक जानवर जैसे मर्द से मस्ती करने में उसे मजा आ रहा था.

पप्पू की गोटियाँ मसलते हुए वो बोली- आहहहह… और चाट मेरी चूत और ऐसे ही मसल डाल मेरे मम्मे पप्पू. आज तक पति ने इस तरह कभी मसला नहीं मेरा जिस्म और उसने नहीं चूत भी चाटी. मेरे बदन से खूब खेल.. फिर डाल अपना जानवर जैसा लंड मेरी चूत में.. मैं भी बेताबी से तुझ से एक जंगली जैसी चुदवाने को तड़प रही हूँ साले. कई बार अपनी चूत को केले से चोदते हुए गधे के लंड की कल्पना करती हूँ… तेरा लंड भी कम नहीं है… चाहे जो हो जाए आज… चाहे मेरी चूत फटे, मुँह सूजे, मम्मों से खून निकले या गांड फटे, मैं तेरा लौड़ा आज ले लूँगी और पूरी तरह से लूँगी. तू तो ऐसा बोल रहा है जैसे तूने बहुत चूतों को चोदा है, तेरी स्टाइल से और तेरे अंदाज़ से ये भी मानना ही पड़ेगा, पर मैं घर जाके नहीं चुदवाऊँगी, मुझे यहीं चुदना है. घर तो अब आना जाना रहेगा ही… वो फिर कभी देखूंगी. तू तो मेरी लड़कियों के बारे में मेरे पीछे ही पड़ गया है. मेरी लड़कियाँ हैं… ये सुन के तेरी आँखों में चमक क्यों आ जाती है साले पप्पू?

पप्पू खड़ा हो कर नंगा हुआ और फिर रूपा को भी खड़ी करके उसका पेटीकोट और साड़ी निकाल के उसको सिर्फ़ ब्लाउज में खड़ी किया. वो दोनों हाथों से रूपा का ब्लाउज खींच कर उतारने लगा, जिससे उसका ब्लाउज फट गया. रूपा की ब्रा उतार कर पप्पू ने उसको पूरी नंगी कर दिया.

अब रूप सिर्फ ब्राऊन कलर के ऊंची ऐड़ी के सैंडल पहने पप्पू के सामने खड़ी थी.

रूपा की चूत में दो उंगली डाल के उसके मम्मे मसलते हुए पप्पू बोला- साली, मुझे मालूम है तेरी जैसी रंडी गर्म गुजराती औरत को कैसे बेरहमी से गालियों और मार के साथ चोदना चाहिये. तेरी जैसी औरत को काफी पसंद हैं.. जानवर जैसे चुदवाना है.. हाँ..! बहनचोद तुम गुज्जू औरतों के पति पैसे कमाने के चक्कर में रहते हैं और तुम घर में सती सावित्री बनी फिरती हो, पर हमारे सामने एकदम राँड बन जाती हो तुम.. साली तेरी बेटियों की बात सुन के मेरी आँखों में इसलिए चमक आई क्योंकि मुझे तो कमसिन लड़कियाँ भी बड़ी पसंद हैं. तेरी जैसी गर्म गुजराती औरतों की जवान बेटियाँ भी गर्म होती हैं और उनको चोदने में बड़ा मजा आता है. बहनचोद… तेरी कमसिन बेटियाँ हैं… ये सुन के लौड़े में और गर्मी भर गई, मादरचोद… उनकी उम्र और नाम तो बता.

अपनी कमर आगे पीछे करके रूपा पप्पू से चूत में उंगली करवाती हुई उसका लंड मसलते हुए बोली- देख पप्पू, तू गालियाँ दे या जो कुछ भी करे… मुझे कोई प्राब्लम नहीं, पर मार नहीं खाऊँगी. देख मैं बाकी औरतों जैसी नहीं हूँ. अब तुझसे चुदवाना है तो पूरा दिल खोल के चुदवा लूँगी, उसमें मेरा ब्लाउज फटे या बाकी कपड़े गंदे हों तो भी कोई बात नहीं, मैं कुछ नहीं कहूँगी पर साले अब मेरी चूत को बराबर सहला. मुझे बहुत मजा आता है, जब तू ऊपर से सहलाते हुए चूत में उंगली करता है. अरे तेरा ऐसा मूसल जैसा लंड मैं छोड़ने वाली नहीं हूँ, आज तुझसे तू जैसे चाहेगा वैसे चुदवा लूँगी. मेरी बेटियाँ हैं और वो जुड़वां हैं, पर तुझे क्या दिलचस्पी है उनमें ये तो बता? एक का नाम नीता और दूसरी का श्वेता है.

रूपा की वो हल्की अकड़ देख के पप्पू ने गुस्से से उसकी चूचियाँ बड़ी बेरहमी से मसलीं और निप्पल काटते हुए तीन उंगलियाँ ज़ोर से चूत में घुसा दीं, जिससे रूपा को बड़ा दर्द हुआ. पर फिर भी रूपा ने उससे और लिपट कर आहें भरीं.

अपना लंड रूपा के हाथ में दे कर और उसके निप्पलों से खेलते हुए पप्पू बोला- तेरी माँ की चूत साली, मुझे मत सिखा कि क्या करूँगा रंडी.. मैं जैसे चाहूँगा तुझे चोदूँगा, जितना चाहूँगा मारूँगा समझी? तेरी जैसी रंडी चूत को मार मार कर चोदने से तुम हमेशा हमारे हमारे लंड की गुलाम रहती हो. मेरे सामने ज्यादा अकड़ना नहीं समझी? मैंने प्यार से तेरे सैंडल के तलवे छाटने की बात कही तो तू ज्यादा ही अकड़ने लगी… भैन की लौड़ी साली ले..

उसने रूपा को एक झापड़ मारा, फिर रूपा भाभी की चिकनी चूत सहलाते हुए नीचे बैठ कर उसको चाटते हुए कहा- मुझे मालूम है तेरी जैसी गर्म चूत मेरा तगड़ा लंड कभी नहीं छोड़ेगी लेकिन साली तुझे चोदने की कीमत चाहिये मुझे… और कीमत है तेरी वो दो जुड़वां लड़कियाँ, आहहहहहह नाम भी क्या सैक्सी हैं उनके, नीता और श्वेता, उम्र क्या है तेरी उन बेटियों की रूपा?

पप्पू के झापड़ से रूपा के गाल पे लाल निशान आ गया. उसके बाल बिखर के चेहरे पे आ गए. उसने अपने बाल संवारे और उसका पप्पू को दबाने का जोश कुछ ठंडा पड़ गया.

जिस तरह पप्पू उसकी चूत चाट रहा था, उससे रूपा मदहोश हो कर पप्पू का सिर चूत पे दबाते हुई बोली- आहहह चोद जैसे मर्ज़ी आए वैसे चोद. आज तू चाहे कुछ भी कर ले लेकिन ऐसा मस्त लौड़ा जाने नहीं दूँगी मैं.. तू जी भर के गालियाँ दे… मार मुझे लेकिन जानवर बना के चोद भी मुझे.. पप्पू! पर बदले में तू भी मेरी गालियाँ सुनने और मेरी मार खाने के लिए तैयार रह… मुझे भी चुदाई के वक्त वहशियाना अंदाज अच्छा लगता है… पप्पू तू मेरी जैसी औरत को रंडी क्यों बोलता है? पति के अलावा मैं कई साल बाद किसी अजनबी संग चुत चुदाई का मजा ले रही हूँ… इसलिए रंडी बोलता है क्या मुझे? मेरी उम्र से तू ही अंदाजा लगा मेरी बेटियों की उम्र का. नहीं लगा सकता ना अंदाज़ तू? तो सुन दोनों अभी-अभी 20 साल की हो गई हैं.

गुजराती भाभी की चुदाई की कहानी जारी है, मेरी सेक्स स्टोरी पर कमेन्ट भेजिए. [email protected]

Comments:

No comments!

Please sign up or log in to post a comment!