बहन का नग्नतावाद से परिचय-14

प्रेषक : आसज़

सम्पादक : प्रेमगुरू

जब मैं कैबिन पर पहुँचा तो मुझे लगा कि तब तक करेन अभी भी सो रही थी।

मैंने सोचा कि दाढ़ी बना ली जा और नहा लिया जाए। लेकिन मुझे अपना छोटा बैग कहीं भी नहीं मिला। मैं इसके बारे में करेन से पूछने के लिए शयन कक्ष के दरवाजे पर दस्तक देने को ही था कि मुझे वहाँ उसका नोट मिला: स्नान को जा रही हूँ ! हम नाश्ता बाहर करेंगे।”

मैं बाथरूम के पास गया, देखा कि दरवाजा बंद था, पानी के चलने की आवाज़ भीतर से आ रही थी।

“करेन !” मैंने आवाज लगाई। “क्या तुम अंदर हो?”

“हाँ ! गुड मोर्निंग ! सुबह की सैर अच्छी रही?” उसने जवाब दिया।

“हाँ ! क्या तुम मेरा शेविंग का सामान और टूथब्रश देखा है?” मैंने पूछा।

“ओह हाँ, वो मेरे पास है,” उसने कहा,”अंदर आ जाओ !”

मैंने छोटे से स्नानघर में प्रवेश किया और एक छोटे स्टूल पर मेरा कुछ सामान मिल गया, मेरे रेज़र को छोड़कर सभी कुछ। करेन उस समय मेरी तरफ पीठ किये शॉवर में नंगी थी। उसके काले बाल उसकी पीठ पर नीचे भीगे लटके थे और बल्ब की रोशनी और जल की धारा से उसके बड़े नग्न चूतड़ चमक रहे थे। वह नहाने में व्यस्त थी और कोई बात नहीं कर रही थी।

मेरा रेज़र?” मैंने पूछा।

“इसे मैं प्रयोग कर रही हूँ !” उसने मुड़े बिना कहा,”तुम्हें जल्दी वापस मिल जाएगा, चिंता मत करो।”

मैंने अपना टूथब्रश और साबुन उठाया और बाहर दूसरे स्नान कक्ष में चला गया।

मैंने पानी में मुंह धोया, पानी ठंडा था लेकिन बहुत मज़ा आया। करेन अभी भी नहा रही थी।

“हे !” मैंने दीवार की ओर मुँह करके पुकारा, स्नानघर की छत नहीं थी,”मेरा रेज़र?”

उसने कहा,”पकड़ो !”

और उसने दीवार के ऊपर से रेजर और ब्रश फेंक दिया।

जैसा कि मैंने झाग बनाते हुये रेजर का निरीक्षण किया, ब्लेड के बीच आधा दर्जन मोटे काले झांटों के बाल फंसे थे।

“आह ! धन्यवाद !” मैंने उत्तर दिया।

रेजर से बाल नोंचते हुये और उनको देखते हुए मुझे याद आया कि उसने रात को कहा था कि वह नग्न हो जाने के विचार से पहले उसे अपने वस्तिस्थल को साफ़ करना चाहेगी।

तो क्या आज का दिन तय किया है करेन ने पूर्ण नग्न होने के लिए? मैं सोच रहा था।

बाद मैंने दाढ़ी बना कर नहाने के बाद शॉवर से बाहर निकला करेन उसके शावर से बाहर आ चुकी थी और बेसिन के पास खड़े होकर उसके चेहरे और हाथों में क्रीम लगा रही थी। उसने फिर से वही हिंदेशियन वस्त्र पहना हुआ था।

“यह जल्द ही धोना होगा !” उसके हिंदेशियन वस्त्र को झटकते हुये मैंने कहा,”और फिर तुम क्या पहनोगी?”

उसने कहा,”तुमने काफ़ी देर लगाई आज सैर पर? वहाँ ऐसा क्या था?”

“आप मुझ पर विश्वास नहीं करेंगी, अगर मैं तुम्हें बता दूँ।”

“बताओ तो !” उसने कहा।

“ठीक है ! मैंने एक प्लेटीपस देखा !” मैंने कहा,”और उसके बाद मैं उस युगल के साथ रहा जिसे हमने कल जंगल में देखा था।”

“तुम किस्मत के धनी हो !” उसने कहा।

“हाँ, वे लोग काफ़ी मिलनसार हैं !” मैं हंसा।

“मेरा मतलब था कि तुम प्लेटीपस देखने में भाग्यशाली रहे थे, मूर्ख !” वह मुस्कुराई।

मैंने कहा,” अगर हम आज रात या कल सुबह जाएँ तो हो सकता है आप भी इसे देख सकें !”

“तो क्या वह जोड़ा…” करेन पूछा,”…वे वही पुराने करतब कर रहे थे ऊपर पहाड़ी पर?”

“असल में .

.” मैं झिझकते हुए बोला,” जबसे हम यहाँ आए, हमारे लिए यह विश्वास बनाए रखना कठिन हो गया कि नग्नतावाद में यौन का कोई स्थान नहीं है।

“क्या तुम सही कह रहे हो?” उसने पूछा और एक काल्पनिक पेंसिल और एक अदृश्य नोटबुक खोलने का नाटक करने लगी।

“उस युगल ने मेरे सामने यौन क्रिया की !” मैंने कहा,”और उन्होंने मुझे तस्वीरें खींचने के लिये भी आग्रह किया।”

“हे भगवान !” वह खिलखिलाई,”और तुमने उनकी तस्वीरे खींची?”

“हाँ !”

“वाह !” उसने कहा,” तो मुझे अपने नोट्स में जोड़ने के लिए तस्वीरें मिल जाएँगी?”

मैं उसके साथ हँसा।

“इसमें तो संदेह है !” मैंने कहा,”उनका कैमरा था और मुझे बहुत यकीन है कि वे उन दृश्यों को निजी रखना चाहेंगे।”

उसने कहा,”मैंने सोचा था कि यहाँ कैमरा लाना वर्जित है, इसलिए मैं नहीं लाई। लेकिन यहां हर कोई खुद की तस्वीरें लेना चाहता है ! हमें भी लगता है कुछ शॉट्स ले लेने चाहिएँ..”

“ज़रूर !” मैंने कहा,”हम अपने फोन कैमरे का उपयोग सकते हैं लेकिन्पहले आप सुनिश्चित कर ले कि आप अपनी नग्न तस्वीरें चाहती हैं?”

“मम्म… अच्छी बात है !” उसने कहा,”मैं इसके बारे में सोचूँगी ! हम्म ! क्या अभी नाश्ते के लिए तैयार हो?”

हमने छोटी सी दुकान से जल्द ही नाश्ते के लिए ताजा कॉफी और गर्म पेस्ट्री ले ली। अब शिविर क्षेत्र में लोग दिखने लगे थे और करेन ने सभी को हाथ हिला हिला कर अच्छी तरह अभिवादन किया।

उसके बाल अभी भी नम थे लेकिन उसने उन्हें ऊपर कस कर बाँध रखा था और एक नीले रंग की बेसबॉल टोपी पहने थी। यहाँ आने के बाद उसकी त्वचा धूप में तप्त होकर थोड़े गहरे रंग की हो गई थी और चमक रही थी। सुबह से ही कुछ तैराक पूल में थे जो पानी में अठखेलियाँ कर रहे थे और उनके बीच में कार्ल भी था।

करेन ने उसे हाथ हिला कर अभिवादन किया और “सुप्रभात” कहा तो उसने भी वापस हाथ लहराया।

“कल की घटना का कोई पछतावा नहीं है आपको?” मैने करेन से पूछा।

उसने कहा,”उसके बारे में कुछ नहीं !”

“ओह !”

“या तुम्हारे बारे में ? मूर्ख !” वह हँसी,”इतनी चिंता करना बंद करो ! तुम स्वाभाविक जीवन जीना चाहते हो ! है या नहीं ? कल रात को जो हुआ वह स्वाभाविक था ! अब भूल जाओ उस बात को !”

और मैंने करेन की यह बात अपने मन से डालने की कोशिश की।

जैसे ही हमने नाश्ता समाप्त किया, करेन ने एक तस्वीर लेने के लिए मुझे सेलफोन लाने को कहा और मैं कमरे में वापस जाकर जल्द ही फ़ोन ले आया।

जब मैं वापिस आया तो करेन एक आदमी के साथ एक बातचीत कर रही थी और अब उसने उससे पूछा कि क्या वह हमारे फोटो लेना पसंद करेगा।

उसने फोन ले लिया और हम एक दूसरे के पास-पास हमारे हाथ फैलाए बैठे रहे, दोनों ने थम्स-अप के रूप में ऊपर अंगूठे ऊपर किए।

“अरे रुको !” करेन ने कहा,” हैट पहने रखूँ या हटा दूँ? तुम्हें क्या लगता है?”

“हटा दो !” मैंने कहा।

“नहीं ! मेरे बाल करीने से नहीं हैं और यह कपड़ा मेल नहीं खा रहा है !” उसने हिंदेशियन वस्त्र की ओर संकेत किया और एक झटके से इसे खींच कर उतार कर मेज पर रख दिया।

उस व्यक्ति ने हमें दूसरे शॉट के लिए कहा क्योंकि उसके पहले शॉट पर मैं कैमरे की ओर नहीं देख रहा था। मैं अपनी बहन की ताजी-चिकनी योनि को घूर रहा था।

कहानी अभी जारी रहेगी !

Comments:

No comments!

Please sign up or log in to post a comment!