बहन का नग्नतावाद से परिचय-10

प्रेषक : आसज़

सम्पादक : प्रेमगुरू

करेन अचानक उठ खडी हई और सोफे की ओर बढ़ने लगी। मैं एक पल के लिए घबरा गया और उसे वापस खींचने की कोशिश की लेकिन वह मुड़ी और मुस्कुराई,”चिंता मत करो। मैं कुछ नहीं करने वाली हूँ।”

वह उन तीनों के सामने पहले फर्श पर घुटनों के बल बैठ गई और अपना एक हाथ वैल के टखने पर रख आराम से उस दृश्य को देखने लगी। अब मैं अकेला रह गया। मैंने देखा डेव और ट्रेव जो स्पष्ट रूप एक दूसरे में व्यस्त थे।

मैंने वैल से आँख मिलाई। वह मुस्कुराई, उसके होंठ मेरे लिये चुंबन के लिये हिले जैसे कह रही थी,”चिंता मत करो !”

मैं सोफे में बैठा अपने लिंग को सहलाने लगा। मैं इस समय बहुत ज्यादा अकेलापन महसूस कर रहा था। वो दोनों उसकी योनि को मसल रहे थे। जब तक उसकी योनि पूरी तरह गीली नहीं हो गई उसने अपनी आँखें नहीं खोली।

फिर वैल ने मेरी तरफ देखा तो उसके मुँह से निकला,” टिम मुझे देख कर हस्तमैथुन करो।”

अब मैं पूरी गंभीरता से अपने लिंग को झटके देते हुए वैल को देख रहा था। अब डेव की आँखों में झलकती खुशी देखी जा सकती थी। हम में से हर एक उन पलों का आनंद ले रहा था।

मैंने देखा कि करेन ने वैल के चेहरे की ओर देखा और कुछ कानाफूसी की तो वैल ने सिर हिलाया और बदले में मुस्कुराई, और तभी करेन ने बायां हाथ आगे बढ़ा कर कार्ल की बडी गेंदों को पकड़ लिया। वैल ने अपने हाथ से कार्ल के लिंग को ऊपर और नीचे करना जारी रखा। करेन की पीठ मेरी तरफ थी और वह क्या कर रही थी यह देखने के लिए मुझे गर्दन ऊँची करनी पड़ रही थी।

वैल मुस्कुराई और करेन के कंधे को धीरे से धक्का दिया तो मैं उस दृश्य को देख कर रोमांचित हो उठा। करेन अपने हाथों में कार्ल की गेंदों कोई कामुक इरादे से नहीं बल्कि लगभग उन्हें वैज्ञानिक तरीके से पकड़े थी जैसे वजन नाप रही हो।

वैल का हाथ कार्ल के लिंग पर एक लम्बे स्ट्रोक के साथ आगे-पीछे हो रहा था और मैं उसकी छोटी उंगली को करेन की उंगलियों तक पहुंचते और स्पर्श करते देख सकता था।

फिर करेन ने अपनी उंगलियों को खोला और धीरे से कार्ल के लिंग की विशाल परिधि के चारों ओर लपेट लिया। वैल एक पल के लिए रुकी फिर कार्ल के लिंग के सुपारे को अपनी मुट्ठी में भींच कर जोर जोर से घुमाने लगी। जल्द ही करेन और वैल लय में आ गई और अब उन दोनों के हाथ ऊपर और नीचे उसके लिंग पर चल रहे थे। उन दोनों के हाथ कभी लिंग को मोड़ते और कभी कभी उसके विशाल सुपारे को अपने अंगूठे से रगड़ने के लिये रुक रहे थे।

वातावरण अब यौन-उत्तेजना और कामुक ध्वनियों से गर्म हो चुका था, वैल ने अपने कूल्हों को हिलाना शुरू कर दिया, उसके मुंह से आह… आ.

. ह… की ध्वनि भी निकलने लगी थी। वह अपनी योनि को दो मर्दों के हाथो में जोर से मसले जाने के लिए खुद प्रयास कर रही थी। वह रॉड को अपनी उंगलियों को और अन्दर तक घुसाने के लिये मजबूर कर रही थी। वह लगभग ठिनक रही थी और उसकी भगनासा कार्ल की उंगलियों से और भी अधिक मसलवाने पर आमादा लग रही थी।

मैं अपने सख्त लिंग को हाथ में लिये बैठा वैल के होंठों से बह रही लार, चेहरे पर आनन्द की अनुभूति और उसकी आँखों में एक संभोग-चर्मोत्कर्ष के साथ उसके बदन में कंपकंपी देख रहा था। एक क्षण के लिए उसके हाथ उन दो लण्डों पर थम गए थे लेकिन जल्द ही वह फिर से उसी तरह अपना काम करने लगी।

“आह …” मैंने ट्रेव की आवाज सुनी।

शायद वह स्खलित होने वाला था। मैंने जैसे ही उसे देखने के लिए अपना सर घुमाया, उसके लिंग ने डेव के हाथ में अब सफेद मोटी वीर्य की धार छोड़ दी। डेव ने उसके लिंग की मुख को जकड़ लिया लेकिन उसकी उंगलियों के बीच से वीर्य निकल कर नीचे उसके हाथ पर बहने लगा था।

मैं यह नहीं बता सकता कि डेव चर्मोत्कर्ष तक पहुँची या नहीं, लेकिन वह सीधी हो गई और ट्रेव का हाथ अपनी योनि से हटा दिया और फुसफुसाई,”बकवास !”

अब रॉड के स्खलन की बारी थी। उसने कोई खास मुद्रा नहीं बनाई सिर्फ इतना कहा,”मम्म…..”

और अपने पेट पर अपने लिंग से वीर्य की एक छोटी सी धार छोड़ दी। इस समय मैं सोच रहा था शायद इसकी बीवी इसे इतना सूखा रखती है। मैं उसके इतने कम वीर्य से हैरान नहीं था।

मुझे अपनी और देखते हुए जान कर वैल बुदबुदाई,”भाग्यशाली कमीने !” और फिर उसने अपनी उंगली को अपनी योनि पर घिसा और फिर उसको चाट कर एक चटखारा लिया। वह अभी भी मेरी बहन साथ कार्ल के लिंग का हस्तमैथुन कर रही थी पर करेन आसपास चल रहे चर्मोत्कर्ष से अनजान लग रही थी।

“ओह…. ब… . बस करो यह बहुत अधिक हो गया !” कार्ल ने कहा।

और फिर उसके लिंग से निकलता वीर्य लावे की तरह भड़क उठा, उसके लिंग से बाहर निकलती वीर्य की मोटी धारा चारों ओर बह रही थी, तो भी दोनों हाथ नीचे चलते रहे। करेन और वैल दोनों अपने अपने हाथ उसके लिंग के सुपारे की तरफ लाई, अंतिम क्षणों में उसको मसला और अंगूठे के साथ वह सब तरल गाढ़ा द्रव्य अपने अपने हाथ में लिपटा लिया।

अब सब कुछ शांत हो गया था और सभी अपनी अपनी सीटों पर आकर अपनी थकान मिटाने लगे।

करेन अपनी ऊँची एड़ी के जूतों के साथ वापस बैठ गई और एक नैपकिन ले कर अपने हाथ से लिपटे वीर्य को पोंछ दिया। वैल ने अपनी टांगें सिकोड़ ली और उन दोनों लिंगों को छोड़कर अपने हाथों पर लगे वीर्य को अपने स्तनों पर पोंछ लिया।

वातावरण में अब मौन सा था।

मेरे बगल में बैठा ट्रेव धीरे से हँसा और फिर उसने कहा,”अरे… क्या कॉफी मिल सकती है?”

करेन तुरन्त बोली,”मैं सोना चाहती हूँ….
प्लीज मेरे लिए कॉफ़ी मत मंगवाना ! नहीं तो मैं सो नहीं सकूँगी। शुभरात्रि…. टिम चलो !”

उसका मकसद जो भी था मैं उसके साथ बहस नहीं करने जा रहा था। बल्कि मैंने सोचा कि इससे पहले की परिस्थितियाँ और अधिक उत्तेजक हो जायें, अपने कैबिन में जाना एक अच्छा विचार है।

हमने अलविदा कहा और सभी को जाने से पहले गले लगा कर आलिंगन किया। रॉड और वैल हमें नीचे छोड़ने आये।

“मुझे आशा है, यह हमने जो भी किया, आप में से कोई हैरान या नाराज नहीं है !” वैल कहा।

“बिल्कुल नहीं !” करेन ने कहा,”मैने बताया था कि मैं अब नग्नता के साथ सहज हूँ और टिम अब बड़ा हो गया है और अपना मन खुद बना सकता है।”

जब हम विदाई चुंबन ले रहे थे तब वैल मेरे कान में फुसफुसाई,”आप करेन को छोड़ कर जल्द ही वापस आओ !”

कहानी अभी जारी रहेगी !

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