काल बोय की कहानी

हेलो !

दोस्तो, मैं एक काल बोय हूँ और मेरा नाम अमित है। मैं लक्ष्मीनगर में रहता हूँ।

मेरी पहली कहानी गाँव की भाभी आपको पसन्द आई और पढ़ कर आपने मुझे बहुत से मेल किए।

एक लड़की ने मेल करके अपना पता दिया और मुझे अपने घर पे बुलाया और जब मैं वहां पंहुचा तो उसने मुझे एक पार्क में बुलाया उस वक्त शाम के ६:०० बजे थे और कहने लगी की मुझे तुम यहीं पर शांत करो।

तब मैं बोला कि कोई देख लेगा तो वो बोली कि कोई नहीं देखेगा। तब उसने मुझे कस के पकड़ लिया और मुझे किस करते हुए एक झाड़ी के पीछे ले गयी और उसने अपने सारे कपड़े अपने आप ही उतार दिए।

मैंने भी अपने कपड़े उतार फेंके और हम दोनों लग गए अपनी लीला में।

मैं उसे किस करता हुआ उसकी चूत तक आ पहुँचा और उसकी चूत चाटने लगा।

अब वो पूरी तरह गरम हो गयी अब मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा और धीरे -२ उसने अपना पानी निकाल दिया।

अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और वो चीखने लगी।

मैंने उसका मुंह बंद कर लिया और धक्के तेज़ करता गया। थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।

और उसके मुँह से आवाज आने लगी- आ आया आह आ आ व अ ओह माय गोड येया और तेज़ आज ज्ज्ज्ज मत छोड़ना, सच ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्होर्ण आआआअ आया चोदो ऊ ऊऊऊऊऊऊऊऊ अब नहीं सहा जाता प्लीज़ चोदू ऊओऊ आआआआआ

और कुछ देर बाद उसने और मैंने दोनों ने अपना पानी साथ -२ छोड़ दिया।

थोड़ी देर तो हम लोग एक दूसरे से चिपके रहे और एक दूसरे को किस करते रहे जब मैं उठा और कपड़े पहनने लगा तो उसने भी अपने कपड़े पहन लिए और मुझे 5000  रुपये दिए और ये कह कर चली गयी कि अगली मुलाक़ात मेरी गांड के साथ जल्दी होगी।

मैं भी अपने घर चला गया।

ये थी मेरी कहानी दूसरी कहानी।

उस लड़की की गांड मारने की कहानी मैं अगले भाग में लिखूंगा।

सभी पाठकों को मेरी तरफ़ से प्रार्थना है कि जिसे भी मेरी ये कहानी पसंद आए तो प्लीज़ मुझे मेल करें

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