मेरी सहेली ने मेरी चूत और गांड फ़ड़वा दी-2

मैं और मेरी सहेली कामुकता वश नंगी होकर लेसबीयन सेक्स करने लगी और फिर एक दूसरी की चूत में उंगली करके दोनों झड़ गयी.

हम दोनों एक दूसरे के बगल में बिलकुल नंगी पड़ी थी और सांसें भर रही थी। मैंने कहा- यार, फिर से चुदवाने को मन कर रहा है पर मोटे से बड़े से लन्ड से। तन्वी ने बोला- कोई नहीं जल्दी ही मिल जाएगा कोई बड़ा लन्ड।

तीन-चार दिन तक तो कॉलेज की सामान्य दिनचर्या चलती रही। फिर एक दिन सुबह तन्वी बोली- यार, मुझे कुछ काम से बाहर जाना है, तू कॉलेज चली जा, मैं कल जाऊँगी। मैंने उससे ज्यादा सवाल जवाब नहीं किए और तैयार हो के कॉलेज चली गयी।

मैं जब क्लास कर के हॉस्टल वापस आई तो तन्वी की मिसकाल देखी फोन पे।

मैंने उसे वापस फोन किया तो उसने बड़ी देर में फोन उठाया। मैंने पूछा- हाँ बोल क्या हुआ, हो गया काम, कितनी देर में आएगी? तन्वी बोली- काम में ही लगी हूँ यार, एक हेल्प कर दे। मैंने बोला- बता क्या हेल्प चाहिए? तन्वी बोली- यार एक पता मैसेज कर रही हूँ उसपे अपनी वो ब्लू यानि नीली वाली ड्रेस ले के आ जाएगी क्या? एक पार्टी में चलना है।

मैंने पूछा- कौन सी पार्टी? तो तन्वी बोली- तू आ जा ना बस, मजे करेंगे, खूब खाएँगे, और फ्री का खाना तो और भी अच्छा लगता है। मेरी आँखों में चमक आ गयी पार्टी का नाम सुन के।

तन्वी ने बोला- एक पता मैसेज कर रही हूँ, वहाँ अपनी वो वाली ड्रेस और मेकअप का सामान लेके आ जा जल्दी।

उस वक़्त तक मुझे नहीं पता था तन्वी क्या गुल खिला रही थी। मैंने अपना बैग पैक करा और निकल गयी उस पते पे।

वो पता एक होटल का था। जैसे ही मैं वहाँ पहुंची, तन्वी का फोन आया और वो बोली- रूम नंबर 604 में आ जा, मैं यहीं हूँ।

मैं उसके बताए अनुसार रूम में पहुँच गयी और अंदर देखा कि तन्वी अकेली ही बैठी है रूम में। मैंने पूछा- यहाँ क्या कर रही है, और पार्टी यहीं है क्या? तन्वी बोली- हाँ यहीं है पार्टी, थोड़ी देर में … जा तैयार हो जा। मैं खुश हो गयी और दूसरे कमरे में कपड़े बदलने चली गयी।

मैंने फटाफट अपने कपड़े बदले और मेकअप किया और बाल खोल लिए। फिर मैं बाहर आ गयी तन्वी के पास और बोली- चलें क्या? तन्वी बोली- हमें कहीं नहीं जाना, पार्टी यही है तो मेरे दोस्त यहीं आ रहे हैं। मैंने कहा- ठीक है!

और हम ऐसे ही बात करने लगे.

मैंने पूछा- तेरे इतने अमीर दोस्त कहाँ से बन गए जो इतने आलीशान होटल में पार्टी करते हैं? तन्वी मुस्कुरा के बोली- दोस्ती करने के लिए बेधड़क बनना पड़ता है, शर्माने से दोस्त नहीं बनते, और दोस्त तो हमेशा काम ही आते हैं। मैंने कहा- ठीक है.

और अपने फोन में व्यस्त हो गयी।

थोड़ी देर बाद मुझे मेरे बॉयफ्रेंड करन का फोन आया तो मैं बात करने दूसरे कमरे में चली गयी। जब बात कर के मैंने फोन काटा तो तो मुझे बाहर हाल में लड़कों के हंसने की आवाज आई तो मैं समझ गयी कि तन्वी के दोस्त आ गए हैं.

तो मैं भी बाहर आ गयी और आते ही ‘हाय गाय्ज’ यानि सबको हैलो बोला और अगले ही पल चौंक गयी। उन दो लड़कों ने भी ‘हाय सुहानी’ बोला।

कमरे में तन्वी के दोस्त उन्हीं अफ्रीकन पर्यटकों में से थे जिन्हें तन्वी ने दिल्ली में घूमते हुए देखा था। अब मुझे समझते हुए देर नहीं लगी कि यहाँ सिर्फ दाल में ही कुछ काला नहीं बल्कि 2 सांड जैसे काले काले आदमी भी हैं।

मैंने तन्वी से कहा- तन्वी इधर आ, मुझे कुछ बात करनी है अर्जेंट। तन्वी मुसकुराते हुए मेरे पास आई तो मैं उसका हाथ पकड़ के अंदर वाले कमरे में ले गयी।

मैंने उससे गुस्से से पूछा की- क्या है ये सब? इंडिया के लड़के तो तेरे दोस्त बनते नहीं, दूसरे देश के कहाँ से बना लिए, और बनाने ही थे तो ये काले कलूटे ही मिले, अंग्रेज़ ही बना लेती। तन्वी बोली- अरे पागल है क्या, अंग्रेजों के लंड भी लगभग उतने ही बड़े होते हैं जितने अपने यहाँ के लोगों के, पर इन लोगों के तो बहुत बड़े होते हैं। मैंने कहा- तेरा दिमाग तो खराब नहीं है, तू यहाँ पार्टी करने आई है या उनके लंड से चुदवाने। तन्वी मुसकुराते हुए बोली- हम दोनों ही तो यहाँ चुदवाने आई है पागल।

अब मेरा पारा सातवे आसमान पे पहुँच गया, मैं चिल्ला के बोली- तू बिलकुल पागल हो गयी है, ये मज़ाक नहीं चल रहा, तुझे पता है ना तू क्या बोल रही है? तन्वी ने मेरा हाथ पकड़ा और उत्सुक होते हुए बोली- हाँ पता है, तू करवा के तो देख, मजा ना आए तो कहना! और मुझे बाहर खींच के ले जाने लगी।

मैंने उसका हाथ झटक के कहा- तुझे जो करना है कर; पर मुझे इस चक्कर में मत फं सा। तन्वी बोली- देख बेटा फंसाना ही होता तो कब की फंसा चुकी होती. पर सच्ची दोस्त हूँ, अकेले मजे नहीं लेती, इसलिए तुझे भी बुलाया है। मैंने कहा- तुझे लेने है मजे तो तू ले, मैं चली हॉस्टल! और बाहर जाने लगी।

जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो वो दोनों सांड जैसे आदमी अंदर आ गए। मैंने घबराते हुए सी कहा- एक्सक्यूज मी। उनमें से एक लड़का बोला- आर यू गर्ल्स रेडी? (क्या तुम दोनों लड़कियां तैयार हो?) पाठकों के लिए अब से मैं इंग्लिश में हुई हर बात को हिन्दी में अनुवाद कर के लिखूँगी.


मैंने कहा- मेरी फ्रेंड तैयार है, आप लोग उसके साथ पार्टी कर लीजिये। मुझे जरूरी काम है, मैं जा रही हूँ। वो दोनों लड़के तन्वी को घूर के देखने लगे. तन्वी ने मुस्कुराते हुए कहा उनसे कहा- आप लोग 5 मिनट इंतज़ार कीजिये।

वो मेरे पास आई और झुंझलाते हुए बोली- तू क्या नाटक कर रही है, प्लीज मान जा ना, ये भी वैसे ही हैं जैसे हर्षिल, करन या आकाश। और किसी को भी पता नहीं चलेगा कि यहाँ क्या हुआ था, आज की दुनिया में सब होता है बंद कमरों में और किसी को कुछ पता नहीं चलता।

मैंने कहा- मुझे तो पता रहेगा ना, तू कितनी बेशरम होती जा रही है। तन्वी बोली- अच्छा जी, मैडम उस दिन रात को ब्लू फिल्म देखते हुए तो बड़ा कह रही थी यार, कितना बड़ा लंड है इन लोगों का, कितना मजा देता होगा. और आज जब मैंने मजे का इंतजाम किया है तो फट रही है तेरी! सच में सुहानी तू ठंडी पड़ चुकी है।

मैंने कहा- बकवास मत कर, मैं कोई ठंडी नहीं पड़ी हूँ। तन्वी बोली- ठंडी नहीं पड़ी तो क्यूँ नाटक कर रही है? उस दिन तो बड़ा मन हो रहा था, आज जब मौका है तो डर रही है।

इधर तन्वी मुझे चाबी लगाए जा रही थी और हमारे बीच खूब चिल्ला चिल्ला के लड़ाई हो रही थी. और उधर मेरा मन भी अब धीरे धीरे फिसलता जा रहा था।

शायद सेक्स के मामले में बहुत से लड़के लड़कियों का मन फिसलने लगता है और मैं कोई अनोखी नहीं हूँ।

आखिरकार फिसलते फिसलते मैं तन्वी की बातों में गिर ही गयी और मैंने चिल्ला के कहा- ठीक है, बस पर पहले तू चुदवा। तन्वी बोली- ठीक है, तो चल अपने कपड़े ठीक कर और अंदर चल। आज तुझे जबर्दस्त ढंग से चुदवाती हूँ।

बेड पे बैठ के मैंने अपने दिमाग को 10 मिनट शांत किया। मैंने सोचा क्या फर्क पड़ता है, किससे चुदवाऊँ, हमारी चुत तो बनी ही है लंड के लिए, ये बड़े लंड भी ट्राई कर लेती हूँ, किसी को क्या पता चल रहा है।

शायद आप में से काफी लोग भी ऐसा ही करते अगर कोई खूबसूरत अंग्रेज़ लड़की ऐसे मिल जाती आपको सेक्स करने के लिए। फर्क सिर्फ इतना है कि मुझे बड़े लंड वाले अफ्रीकन सांड मिले। फिर मैंने अपने कपड़े सेट किए, क्लीवेज बाहर को इस तरह निकाला कि मेरे 40% बूब्स चमकने लगे। बाल दुबारा बहाये और गहरी पिंक लिपस्टिक लगा ली फिर से।

मैंने तन्वी से मुस्कुरा के कहा- तू बहुत बड़ी कमीनी है, पता नहीं किस किस से चुदवएगी मुझे! चल। तन्वी ने कहा- क्या करूं … तू है ही इतनी खूबसूरत, तेरे बहाने मुझे भी लंड मिल जाते हैं अच्छे अच्छे!

फिर हम दोनों अंदर आ गयी उन लड़कों के सामने।

तन्वी ने कहा- कौन से लंड से चुदेगी? तो मैंने लंबे वाले लड़के को चुना और उसके पास जा के उसका हाथ पकड़ के उठा लिया।

उस आदमी का नाम डेविड था और उसकी उम्र लगभग 35 साल से ज्यादा ही होगी, वो खुश हो गया और मुझे एकदम से गोद में उठा के अंदर वाले कमरे में ले आया और मुझे बेड पे लिटा दिया।

अब तक मेरा जवानी का जोश मेरी शराफत वाली सोच को काबू कर चुका था और मैं इस विदेशी लंड से चुदवाने को उत्सुक हो रही थी।

मैंने बेड पे बैठे हुए ही पूछा- पहली बार आए हो क्या आप इंडिया घूमने? उसने बताया- हाँ, पहली बार आए हैं हम सब दोस्त इंडिया घूमने.
हम चार दोस्त वहाँ जॉब करते हैं और इस बार छुट्टियां मनाने इंडिया घूमने आए हैं। हमने इंडियन लड़कियों की बहुत तारीफ सुनी थी, उस दिन जब आप लोग दिल्ली घूम रहे थे तो हम सब आपको ही नोटिस कर रहे थे. फिर आपकी फ्रेंड तन्वी ने आ के हमसे खुद ही बात करी थी। फिर धीरे धीरे दोस्ती और आज हम यहाँ हैं। मैं समझ गयी उस दिन तन्वी ने खुद ही शुरुआत की थी, हवस की भूखी तो है ही वो।

आगे उसने बताया- जब हमने आपके बारे में पूछा तो तन्वी ने बोला कि वो आपको मना लेगी, आप लोग चिंता ना करें।

फिर डेविड ने कहा- तो शुरू करें मिस सुहानी? मैंने सोचा- चलो क्या फर्क पड़ता है. लाइफ में ये अनुभव लेके भी देख लेते हैं. वैसे भी एक ही ज़िंदगी मिलती है, तो क्यूँ ना पूरा फायदा उठाया जाए. तो मैंने हामी भरते हुए कहा- ठीक है मिस्टर डेविड, मैं तैयार हूँ।

फिर मैं भी बेड से पैर लटका के बैठ गयी और डेविड भी मेरे बगल में आ के बैठ गया। कुछ पल तक मैं और वो एक दूसरे को देखते रहे।

मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धक धक कर रहा था और मैं सोच रही थी कि पता नहीं आज क्या होने वाला है. क्या सच में ये लोग ब्लू फिल्म की तरह ही सेक्स करते हैं. क्या सच में इनका लंड उतना बड़ा होता है? एक पल के लिए तो मुझे लगा कि मैं किसी ब्लू फिल्म के सेट पे हूँ. मेरी आँखों के सामने एक आलीशान कमरा था सफ़ेद सफ़ेद और उस कमरे में मेरे साथ एक काला, बदसूरत पर एक लंबा चौड़ा बड़े लंड वाला आदमी।

डेविड ने पूछा- क्या सोच रही हो तुम? मैंने उससे उत्सुकतावश पूछा- क्या सच में आप लोगों का वो उतना बड़ा होता है जितना ब्लू फिल्मों में दिखाते हैं? उसने मुस्कुरा के बोला- जी हाँ, अफ्रीका में ऐसा ही होता है, वैसे इंडिया में बहुत सुंदर लड़कियां होती हैं, आप बहुत खूबसूरत और बहुत प्यारी हो। मैं हल्का सा शरमा के नीचे देखने लगी।

कॉलेज गर्ल की चुदाई कहानी जारी रहेगी. [email protected]

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