सुहागरात- एक लंड की चाहत-1

मैं एक दिन चैट कर रहा था कि तभी कोई शालिनी ऑनलाइन आई, अपना परिचय दिया और मेरा परिचय लिया।

उसने कहा- मैंने आपकी लिखी हुई बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं, आपकी लिखने की शैली मुझे भा गई। इसे पहले मेरे एक दोस्त राज ने मेरी चुदाई की बहुत सारी कहानियाँ अन्तर्वासना पर हिन्दी में लिखी हैं, क्या आप मेरी सुहागरात की कहानी लिखेंगे?

मैं उसके बात करने के तरीके से समझ गया कि यह लड़की किसी अच्छे परिवार से है और मैंने उसकी कहानी लिखने के लिए हाँ कर दी।

हमारी जो बातें हुई, उन पर आधारित कहानी इस प्रकार है।

मैं शालिनी राठौर, 32, जयपुर, विवाहित, 36-32-38, बहुत सुंदर गोल सुडौल भरे हुए मम्मे, 8 साल पहले शादी हुई थी, एक बिटिया 6 साल की है, अब फ़िर से प्रेग्नेंट हूँ, अब तक दस लौड़ों से चुद चुकी हूँ। सारे लंड मैंने शादी के बाद लिए हैं। ऐसा नहीं कि मेरे पति का लंड छोटा है या वो मस्त नहीं चोदते, उनके लंड का आकार 7′ 2.5′ है बहुत दमदार चुदाई करते हैं वो, पर मेरी परेशानी यह है कि वो बैंक जॉब में हैं और हफ्ते में 3-4 दिन बाहर रहते हैं… और मेरी चूत को हर रात चुदने की आदत पड़ गई है… तो पाठको, आप ही बताओ कि किसी और से ना चुदूँ क्या… इस बहाने अब तक 10 लौड़ों को अपना योनि स्नान तो करवा चुकी हूँ… और आगे भी 20-30 लौड़ों को अपनी चूत में संगम बनाने का इरादा रखती हूँ… चाहे मेरी चूत उनसे ठण्डी हो या ना हो पर उन लण्डों को भी मेरी फ़ुद्दी में गोते लगाने को मिल जाएँगे!

आप लोग मुझे कहेंगे कि मैं अपने पति से दगाबाज़ी कर रही हूँ… उनको धोखा देकर चुद रही हूँ… पर मैं अपनी जगह मज़बूर हूँ… साला लंड है ही ऐसी चीज़ एक बार मिला तो चूत बार बार उसको मांगती है… पर मैं इतनी बड़ी धोखेबाज़ भी नहीं हूँ… मेरे बेटी मेरी पति का बीज़ है और अब जो बच्चा मेरे पेट में है वो भी पति का ही है।

मैं अब अपनी शादी से पहली की याद ताज़ा करती हूँ। 2004 में बी.ए फाइनल ईयर में अपने माता पिता के साथ जोधपुर में थी कि तभी किसी परिचित ने मेरे पेरेंट्स को अजय की बारे में बोला कि लड़का बहुत अच्छा, सुंदर सुशील, लम्बा कद, बैंक में अच्छे पद पर जॉब, जयपुर में रहता है। बात आगे चली तो मैंने भी हाँ कह दी और हमारी सगाई हो गई और शादी की तारीख भी तय हो गई।

मेरी एक सहेली निशी है बहुत हंसमुख और अच्छे स्वभाव की है वो, उसकी शादी कुछ दिन पहली जोधपुर में ही हो गई थी… वो मुझे अपनी पति द्वारा चुदाई की बातें सुनाती थी तो मेरी चूत गीली हो ज़ाती थी।

उसने मेरे लिए अपने दूर की भाभी रेणु जिसका ब्यूटी पार्लर जोधपुर में ही था, मेरी शादी के शृंगार के लिए तय कर दिया। हमारे यहाँ प्रथा है कि दुल्हन का शादी से 9 दिन पहले ही घर से निकलना बंद कर दिया जाता है इसलिए वो शादी वाले दिन सुबह ही हमारे घर निशी के साथ पहुँच गई।

निशी- रेणु भाभी, आज़ शालिनी को इतना सुंदर तैयार करना कि अजय जीजू शालिनी को एक परी समझें और देखते ही बेहोश हो ज़ाएँ…

रेणु- तू फिकर मत कर… तुझे भी तो मैंने ही तैयार किया था ना! और नंदोई सा का तेरी सुहागरात को जो हाल हुआ था, और जो हाल नन्दोई सा ने तेरा किया था, उससे भी कहीं अधिक मजे लेगी शालिनी…

निशी- शालिनी, मैं अब चलती हूँ! मैं टेलर के सिर पर बैठूँगी तभी वो मेरा ब्लाउज़ सिलेगा जो मुझे आज़ तेरे शादी में पहनना है।

यह कहते हुई निशी बाहर चली गई, रेणु भाभी ने कमरा बंद किया और अपना बॉक्स में से सामान निकलना शुरू किया…

तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई, वो निशी थी- भाभी एक मिनट दरवाज़ा खोलो, मैं शालिनी को तैयार करने की लिए बहुत जरूरी चीज देना तो भूल गई…

भाभी ने दरवाज़ा खोला तो निशी ने पहले भाभी को आँख मारी और एक छोटी बोतल जिस पर लिखा हुआ था इलेक्शन कमीशन और एक तख्ती लिखने की कलम जैसी दी और बोली- मैं मम्मी के सामान से इस दिन की लिए चुरा कर लाई थी… और ज़ल्दबाज़ी में आपको देना भूल गई थी…

मैं उन दोनों की आँख मिचौली को एक उल्लू की तरह देख रही थी… तो मैंने कहा- ऐसी कौन सी ब्यूटी क्रीम है जो तेरी टीचर मम्मी के पास ही स्पेशल मिलती है…

तो दोनों बहुत ज़ोर से हंस दी और भाभी ने फट से वो बोतल और कलम अपने बॉक्स में रख दी और निशी को बाहर धकलते हुए दरवाज़ा बंद कर दिया।

निशी- हैं भाभी, अपना वायदा याद है ना? मुझे फ़ोटो चाहिएँ… याद से तैयार कर लेना!

रेणु भाभी मुझे तैयार करने में जुट गई… मैनीक्यूर, पेडिकयोर, वैक्सिंग और ना ज़ाने क्या क्या किया उन्होंने! मुझे पूरी नंगी कर दिया और मेरी झाँटें हेयर रिमूविंग क्रीम से साफ की, मेरी चूत बिल्कुल मखमली बना दी… ऐसा लगता था कि चूत ना हो बल्कि दो पाव रोटी जोड़कर रखी हुई हैं।

रेणु- शालिनी, मैंने अब तक कोई 30 दुल्हनों को तैयार किया है पिछले 8 साल में! पर तेरे जैसी सुंदर और मस्त चूत किसी की भी नहीं थी… तेरा पति भाग्यवान है जो इतनी सुंदर चूत मिल रही है उसे!

यह कहते हुए उन्होंने मेरे चूत पर पहले तो हाथ फेरा और फ़िर बहुत ज़ोर की चुम्मी ली… यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

मैं तो शर्म सी पानी पानी हो गई। मैं सोच रही थी कि क्या मेरा पति भी मेरी चूत को ऐसे ही चूमेगा…?

फ़िर भाभी ने कहा- अब 5 मिनट चुपचाप लेटी रहना और आँखें बंद कर लो! अब मैं एक सरप्राइज़ आइटम तैयार करूँगी।

वो मेरी चूत पर 5-7 मिनट तक किसी चीज को चुभाती रही शायद वो चूत पर किसी मोटी कलम से कुछ लिख रही थी…

मुझे बहुत गुदगुदी हो रही थी… पर मैं पियामिलन की चाह में वो सब सह गई… फ़िर उन्होंने मेरी टाँगें पूरी चौड़ी कर दी कि मेरी चूत फटने को हो गई, और 3-4 बार क्लिक की आवाज़ आई, शायद वो मेरी चूत की पस्वीरे ले रही थी… मैंने सोचा कि भाभी अपनी मार्केटिंग के लिए मेरी सुंदर चूत की तस्वीरें उतार रही है तो मैंने कुछ नहीं बोला।

रेणु- आँखें खोलो और देखो मेरे फ़ोन में किसकी तस्वीरें हैं…

यह कहते हुए उन्होंने मेरी आँखों के सामने अपना फ़ोन कर दिया… मैंने देखा तो मेरे होश उड़ गए… उनके सेलफोन में मेरी चूत की 4-5 बहुत स्पष्ट तस्वीरें थी और चूत के ऊपर दाईं और बाईं तरफ़ कुछ लिखा हुआ था…

मैं फट से उठ गई और अपनी चूत को देखा तो हैरान रह गई… वहाँ लिखा हुआ था-

C H U T OF

S FOR A

पहले तो मुझे कुछ गुस्सा आया कि मेरी चूत बिगाड़ दी, वो भी चुनाव में प्रयोग होने वाली ना मिट सकने वाली स्याही से… पर थोड़ी देर में सब समझ गई… और फ़िर मैं और रेणु भाभी दोनों हंसते-हंसते लोटपोट हो गई…

भाभी मुझे ड्रेसिंग टेबल के पास ले गई और कहा- अब देख ले अपनी चूत को ध्यान से…

और मैं अपनी ही चूत को देखकर शर्म से पानी हो गई… और भाभी के गले लग गई, उनको चूमने लग गई और साथ साथ बोले ज़ा रही थी- यू आर ग्रेट… यू हव डन अ वंडरफुल जॉब…

फ़िर मेरा विवाह बहुत धूमधाम से हुआ, विवाह में निशी की पहचान अजय सी हो गई थी। मैं विदा हुई और ससुराल आ गई।

कहानी जारी रहेगी। हजारों कहानियाँ हैं अन्तर्वासना पर!

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