दस साल बाद सही चुदाई हुई

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Das Saal Bad Sahi Chudai Hui हैलो दोस्तो, मैं झुंझुनूं राजस्थान से हूँ मेरा नाम लकी है। मैं दिखने में एक 27 वर्ष का आकर्षक युवा हूँ मेरा कद 5 फुट 9 इन्च है। मेरा जिस्म कसरती है और मेरे लिंग का नाप 8 इन्च है।

मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ और मैंने इसकी सभी कहानियाँ पढ़ी हैं और आज मैं अपनी पहली कहानी लिख रहा हूँ।

यह कहानी आज से 6 साल पहले की है जब मैं कॉलेज की पढ़ाई करता था। हमारे घर के पास में एक विवाहित जोड़ा रहने आया। उनकी शादी को दस साल हो चुके थे, पर उनका कोई बच्चा नहीं था और पत्नी करीबन 35-36 वर्ष की उम्र की रही होगी।

उनके पति एक व्यापारी थे, थोड़े दिन रहने के बाद उनकी हमारी जान-पहचान हो गई और हमारा-उनका आना-जाना हो गया।

वो बहुत कामुक थी, वैसे उस आंटी का फिगर 34-28-34 का रहा होगा, उसके मम्मे बड़े थे और एकदम उठे हुए थे। जब वो चलती थी तो उसके मम्मों में एक गजब की थिरकन होती थी। यह देख कर कोई भी लौड़ा मचल जाए।

उसका पति अक्सर महीने में 10-15 दिन बाहर रहता ही था हालांकि शुरू में मैं उसके घर कम ही जाता था। मैं बहुत ही शर्मीला किस्म का लड़का था, सो मैं उसको छुप-छुप कर देखता रहता और उसको चोदने के विषय में सोचा करता कि काश इसको किसी तरह चोद सकूँ और घर में रह कर मूठ मारता था। मैं उसके मम्मों और गाण्ड के बारे में सोच-सोच कर मूठ मारा करता था।

मैं जब भी उसके घर जाता तो, उसे देख कर मुझे लगता था कि वो कुछ उदास-उदास सी रहती है।

एक दिन जब मैं उसके घर गया तो उसका घर का दरवाजा खुला हुआ था और मैं घन्टी बजाए बगैर ही उसके घर मैं चला गया। मैंने देखा कि घर में कोई नहीं है… शायद वो बाथरूम में थी, तो मैं सोफ़े पर जाकर बैठ गया।

कुछ देर बाद वो आई और मुझे देख कर बोली- अरे लकी तुम.. तुम कब आए?

मैंने कहा- बस अभी..

वो बोली- कैसे आना हुआ?

मैं बोला- घर पर मन नहीं लग रहा था, सो आ गया।

वो बोली- तुम बैठो.. मैं तुम्हारे लिए चाय लाती हूँ।

वो कुछ देर बाद चाय बना कर लाई, कुछ देर तक कुछ इधर-उधर की बातें हुईं।

उसके बाद उसने कहा- लकी तुम ड्रिंक करते हो?

तो मैंने धीरे से कहा- यस।

वो बोली- मैं भी करती हूँ मगर अकेले पीने की इच्छा नहीं होती अगर तुम बुरा ना मानो तो आज रात हम कुछ ड्रिंक लें?

मैंने कहा- इट्स ओके.. मगर मैं पीने के बाद घर वापस नहीं जा पाऊँगा क्योंकि मैं घर वालों के सामने कभी ड्रिंक नहीं करता हूँ, सो मैं किसी दोस्त को कहता हूँ कि आज रात को उसके पास सोऊँगा।

तो वो बोली- किसी दोस्त को क्यों परेशान करते हो.. आज तुम मेरे घर ही सो जाना।

मैं मन ही मन खुश हो गया। घर में मैंने कह दिया कि आज रात को मुझे सीकर शादी में जाना है, सो घर नहीं आ पाऊँगा, यह कह कर मैं घर से 6 बजे ही निकल गया और मेरी पसंदीदा ‘मैजिक मोमेंट’ के एक बोतल ले कर छुप कर आंटी के घर पहुँच गया कि मुझे मेरे घर वाले देख ना लें।

अब 7 बज चुके थे, आंटी ने दरवाजा खोला और बोली- इतनी जल्दी?

मैंने कहा- सीकर का बहाना बना कर आया हूँ, तो जल्दी तो निकलना ही पड़ेगा ना…

वो बोली- इट्स ओके.. चलो मैं दो गिलास और कुछ खाने के लिए लाती हूँ।

वो कुछ ही देर में गिलास ले आई।

मैंने पैग बनाना शुरू किया और चियर्स बोला कर पीना शुरू कर दी, जल्दी ही आधी बोतल खाली कर दी।

अब मुझे नशा चढ़ गया और आंटी भी नशे में टुन्न हो गई।

मैं बोला- आंटी अपने पति के बारे में कुछ बताओ।

तो वो बोली- इस वक्त उस कुत्ते का नाम मत लो…

मुझे अब मेरा सपना सच होता लगा, आंटी ने काले रंग की साड़ी पहनी थी, वो बहुत ही चुदासी लग रही थी।

मैं उठा और बोला- आंटी बाथरूम कहाँ है मुझे पेशाब आ रही है।

वो नशे में तो थी ही सो बोली- तुम्हारी जो भी इच्छा हो रही हो वो यहीं कर दो.. पानी ही तो है सब सूख जाएगा।

मैं भी नशे में था.. मैंने वहीं पैन्ट की चैन खोली और चालू हो गया।

आंटी मेरे लंड को देख रही थी और वो बोली- इसकी साइज़ क्या है?

मैं बोला- खुद ही नाप लो.. मुझे नहीं पता..

तो आंटी बोली- ओके..

वो झूमती हुई उठी, उसका पल्ला भी गिर गया था सो उसने साड़ी उतार दी और अन्दर स्केल लाने जाने लगी, उसको ब्लाउज-पेटीकोट में देखा तो मेरा नशा फटने लगा, वो स्केल से मेरा लंड नापने लगी तो वो 4 इंच का निकला।

आंटी बोली- बस इतना छोटा.. मेरे पति का तुमसे बड़ा है।

मैंने कहा- आंटी इधर आओ..

मैंने आंटी के हाथ में मेरे लंड थमा दिया और बोला- इसे ऊपर-नीचे करो..

आंटी ने मेरा लौड़ा पकड़ लिया और हिलाने लगी। कुछ ही देर में वो अपनी औकात पर आ गया।

मैंने कहा- अब नापो…

आंटी ने जब उसे नापा तो वो 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा निकला।

तो आंटी डर गई और बोली- मैजिक..

मैंने कहा- आंटी ये आधी मोमेंट का असर है, इस वक्त कुछ भी हो सकता है।

आंटी बोली- आज गर्मी बहुत है.. मैं अभी नहा कर आती हूँ।

मैं बोला- ओके..

वो नहाने चली गई और मैंने 2 पैग और खींचे और उठ कर आंटी को बुलाने चला गया क्योंकि इतनी देर हो गई.. क्या हुआ?

बाथरूम का दरवाजा खुला था, मैंने देखा कि आंटी नहा चुकी थी और तौलिया से अपना जिस्म सुखा रही थी।

आंटी के क्या मम्मे थे.. मेरा लौड़ा 90 डिग्री पर आ गया.. मैं नशे में तो था ही.. बाथरूम में अन्दर घुस गया और बोला- आंटी मुझे भी नहाना है।

आंटी डर गई और बोली- तुम्हें दरवाजा खटखटाना चाहिए था।

मैंने कहा- मैंने ड्रिंक ज्यादा कर ली है मुझे अब कुछ भी नहीं सूझ रहा है..बस मुझे नहाना है।

आंटी बोली- अच्छा ठीक है.. नहा लो।

मैंने कहा- आप मुझे नहला दो..

वो मुझसे बोली- मुझे नशा हो रहा है। मुझसे ठीक से तो नहीं होगा पर फिर भी तुम बैठ जाओ।

मैं बैठ गया और आंटी ने फुव्वारा चालू कर दिया.. पानी की मस्त बूंदों में मैं मचलने लगा, वो मुझे.. अपने हाथों से रगड़ने लगी।

वो भी एकदम नंगी थी, उसे भी नशा हो गया था.. सो उसे भी होश नहीं था कि वो पूरी नंगी है।

वो मेरी छाती की घुंडियों को मसल रही थी, फिर मेरा पेट और फिर उसने मेरे लौड़े को भी पकड़ लिया और बोली- तुम्हारा ये इतना कड़क क्यों हो गया है?

मैं बोला- इसको छेद की भूख लग रही है।

‘वो कौन सा छेद है? जिससे इसकी भूख मिटती है?’

मैं बोला- बताऊँ?

वो बोली- बता।

मैं बोला- मना तो नहीं करोगी?

वो बोली- नहीं करूँगी।

मैंने कहा- चलो.. पहले दोनों नहा लें फिर बताऊँगा।

आंटी बोली- पहले मुझे छेद बताओ ये क्या है?

मैं बोला- ये बाहर ही है।

हम नहा कर तौलिया से अपने जिस्मों को पोंछ कर बाहर आ गए और दोनों ही नंगे सोफा पर आ कर बैठ गए।

आंटी बोली- अब बताओ।

मैं बोला- ओके अपनी आँखें बंद करो और मुँह खोलो।

आंटी ने वैसा ही किया।

मैंने कहा- अब 15 मिनट तक आँखें मत खोलना चाहे कुछ भी हो जाए।

आंटी बोली- ओके..

मैंने अपना लंड आंटी के मुँह में दे दिया।

आंटी बोली- ये क्या है?

मैं बोला- आपका मुँह छेद है।

‘और मुँह में क्या है?’

मैंने कहा- जब आपने मुँह खोला तो खाली कैसे रहने देता। मेरे पास एक क्रीम रोल है.. वो आपके मुँह में है।

वो बोली- पर ये तो फीका है।

मैं समझ गया कि आंटी खुद चुदवाना चाहती है।

मैं बोला- अब इसे चूसो तो इसमें से क्रीम निकलगी.. यह भी मैजिक मोमेंट का मैजिक है..

वो बोली- सच?

मैं बोला- यस.. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे लौड़े को चूसने लगी, कुछ देर बाद बोली- लकी.. मैं सब जानती हूँ कि मेरे मुँह में तुम्हारा लौड़ा है। इसलिए तुम भी मेरी क्रीम खाओ और मुझे चोदो..

मुझे यह सुन कर मस्ती चढ़ गई और मैं उसके मम्मे चूसने लगा।

क्या मस्त रसीले मम्मे थे…

मुझे लगा कि मेरी क्रीम निकलने वाली है तो मैं बोला- आंटी क्रीम खाओगी?

‘हाँ..’ वो बोली।

बस मैंने लौड़े से जल्दी-जल्दी उसका मुँह चोदना चालू कर दिया.. एक क्रीम की धार उसके मुँह में चली गई और उसने बड़े मजे से क्रीम चाट ली।

बोली- बहुत मस्त क्रीम रोल है.. और मोटा भी बहुत है..

अब मैंने उसकी टाँगें ऊपर कीं, वो सोफे पर बैठी थी.. उसकी नरम चूत को देखा एकदम गुलाबी चूत.. मज़ा आ जाएगा। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और जीभ से ही उसकी चूत को चोदने लगा।

वो मस्ती में सिसियाए जा रही थी- चाट.. मेरी चूत चाट खाले.. हाआअ… वओ.. ऊओऊव…. चूस डाल चूत को खा जा..

मैं दस मिनट तक उसकी चूत चूसता रहा। मेरे लौड़े में फिर से करंट दौड़ने लगा, मैंने उसके पैर ऊपर किए और अपना लौड़ा उसकी चूत पर रख दिया।

वो बोली- लकी मेरी जान.. आज मुझे चाहे चोद-चोद कर मार ही डालना …मगर मेरा एक काम जरूर करना..

मैं बोला- क्या?

तो वो बोली- मुझे एक बच्चा दे दो प्लीज़.. मैं इसके बदले तुम को 2 लाख रूपए दूँगी।

मैं बोला- ठीक है.. रानी… अब चुदने को तैयार हो जा।

मैंने एक झटका मारा.. तो वो चिल्ला उठी- लकी धीरे..

मैंने कहा- जानू बच्चा चाहिए तो दर्द तो सहना ही पड़ेगा और मुझे भी जोर तो लगाना ही पड़ेगा।

मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा तो मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में चला गया और उसकी चूत में से खून आने लगा।

वो रो रही थी और मैं हैरत में था कि साली अभी अनचुदी थी।

मैंने कहा- चुप हो जा.. अगर बच्चा चाहिए तो..

वो चुप हो गई फिर मैं धक्के देने लगा, कुछ ही देर बाद उसे भी अब मजा आने लगा और अब वो बोले जा रही थी- लकी मुझे चोद दो.. फाड़ दो.. मेरे राजा मेरी चूत को.. अपनी रानी बना दो..

मैं भी ज़ोर-ज़ोर से उसे चोद रहा था। इस वक्त वो दो बार झड़ चुकी थी।

मैं अब और ज़ोर से उसे चोदने लगा.. वो लगातार सिसिया रही थी- मारर प्प्प्पफहहहा मेरी चूत को.. साले.. अपनी राण्ड बना दे..

कुछ देर बाद मैं झड़ गया.. मेरी सारी क्रीम उसकी चूत में चली गई… उस भी मज़ा आ गया।

वो बोली- आज पूरी रात मुझे चोद।

मैंने पूरी रात उसे 5 बार चोदा और सुबह 11 बजे अपने घर चला गया।

उसके बाद तो रोज़ ही मैं उसे चोदने लगा.. बाद में उसने मुझे पैसे दे दिए।

एक साल बाद उसे एक बच्चा हो गया और उसका नाम भी उसने मेरी पसन्द का ही रखा है। बच्चा होने के बाद वे लोग इधर से चले गए क्योंकि उसके पति को मालूम था कि ये बच्चा उसका नहीं था तब भी वे दोनों खुश थे।

दो साल बाद उसने फोन करके मुझे अपने पास हरियाणा बुलाया। फोन पर उसने मुझसे कहा कि उसकी ननद को बच्चा चाहिए..

तो मैंने ‘हाँ’ कर दी…मुझे भी पैसे की उम्मीद हो चली थी।

उसकी चुदाई की कहानी फिर कभी लिखूँगा।

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