Top Five Stories – April 2015

Top Five Stories – April 2015

मैंने लोगों से सुना था कि किसी लड़की या औरत की खूबसूरती उसके उरोजों और नितम्बों से जानी जा सकती है। पर गुरूजी तो कुछ और ही फरमाते हैं। वो कहते हैं “चूत की सुन्दरता उसकी चौड़ाई से, गांड की सुन्दरता उसकी गहराई से और लंड की सुन्दरता उसकी लम्बाई से जानी जाती है। एक बार मैंने विशेष प्रवचन में गुरूजी से पूछा था कि चूत तो दो अंगुल की सुन्दर मानी जाती है तो फिर चूत की चौड़ाई से क्या अभिप्राय है तो गुरूजी ने डांटते हुए कहा था, “अरे भोले इसके लिए दोनों अंगुलियों को आड़ी नहीं सीधी यानि कि लम्बवत देखा जाता है और ये अंगुलियों जैसी, जितनी लम्बी होगी, उतनी ही सुन्दर होगी। इसीलिए चूत दो अंगुल की सुन्दर मानी जाती है। मैं जिस चौड़ाई की बात कर रहा हूँ वो चूत के नीचे दोनों जाँघों की चौड़ाई की बात है.”… read more

वातस्यायन ने सच ही कहा है कि सृष्टि के रचना काल से ही नर नारी के सम्बन्ध चले आ रहे हैं। यदि ये सम्बन्ध नहीं होते तो इतना बड़ा संसार कहीं नज़र नहीं आता और यह संसार केवल पत्थरों, पहाड़ों, जंगलों और मरुस्थलों से अटा पड़ा होता। इस संसार की उत्पत्ति काम से हुई है और यह उसी के वशीभूत है। प्रकृति ने संसार का अस्तित्व जन्म प्रक्रिया द्वारा हमेशा बनाए रखने के लिए “काम” को जन्म दिया है और उसमें इतना आनंद भरा है। स्त्री पुरुष के मिलन के समय प्राप्त होने वाले आनंद को बार बार प्राप्त करने की मानवीय चाह ने संसार को विस्तार और अमरता दी है। जिस प्रकार भूख प्यास और निद्रा सभी प्राणियों की अनिवार्य आवश्यकताएं हैं उसी प्रकार “काम” (सेक्स) भी एक अनिवार्य आवश्यकता है इसका दमन हानिप्रद होता है।… read more

आप सभी ने मेरी पिछली सभी कहानियों को बहुत पसंद किया है उसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ। मैंने सदैव अपनी कहानियों के माध्यम से अपने पाठकों को अच्छे मनोरंजन के साथ साथ उपयोगी जानकारी भी देने की कोशिश की है। मेरी बहुत सी पाठिकाएं मुझे अक्सर पूछती रहती हैं कि मैं इतनी दुखांत, ग़मगीन और भावुक कहानियां क्यों लिखता हूँ। विशेषरूप से सभी ने मिक्की (तीन चुम्बन) के बारे में अवश्य पूछा है कि क्या यह सत्यकथा है? मैं आज उसका जवाब दे रहा हूँ। मैं आज पहली बार आपको अपनी प्रियतमा सिमरन (मिक्की) के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसके बारे में मैंने आज तक किसी को नहीं बताया। यह कहानी मेरी प्रेयसी को एक श्रद्धांजलि है जिसकी याद में मैंने आज तक इतनी कहानियां लिखी हैं। आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे अवश्य अवगत करवाएं।… read more

सेक्स की खास बात हे फोरप्ले और आफ्टर प्ले.

सेक्स में पहले ये जानो के आपके पार्टनर को कहा ज्यादा उतेजना होती हे, बहोत सी औरते अपनी पीठ पर, कान से पिछले हिस्से में किस कराने में ज्यादा उत्तेजित हो जाती हे. आप पीछे से कंधो पे, पीठ पे, कान के बूट पे, किस करते हुए चुचियायो को मर्दन करगे तो वो जल्दी जड़ जाती हे. उसकी चूत भी इससे जल्दी चिकनी हो जाती हे और बाद में आप लंड उसकी चूत में डालोगे तो वो बहुत आनद पायेगी और वो आपकी गुलाम बन जाएगी. होंठो को और स्त्री की छाती को चुसना एक आर्ट हे. औरत का बदन एक संगीत के तार जैसा होता हे अगर सही तार को ज़न्कृत करोगे तो सही सुर निकलेगा वरना बेसुरा संगीत आपका और आपके पार्टनर का मजा किरकिरा कर देगा. तो यह साज कैसे बजाते है वो कभी मुझसे सिख लेना…. read more

मेरा नाम कुसुम है पर प्यार से सभी मुझे कम्मो कहते हैं। मैं पूरी 18 की हो चुकी हूँ। मेरी चूत में खुजली तो बहुत पहले से ही शुरू हो गई थी पर अब बर्दाश्त से बाहर हो गया था। हर समय चूत में चींटियाँ से रेंगती रहती थी और लगता था अंदर कोई छोटी सी मछली फड़फड़ा रही है। चूत और जांघें सब टाईट हो जाती थी। जब भी किसी जवान लड़के या मर्द को देखती तो मेरी चूत अपने आप गीली होकर आँसू बहाने लगती और मैं सिवाय उसकी पिटाई करने के और कुछ न कर पाने को मजबूर थी। मेरी चूत एक अदद लंड के लिए तरस रही थी और मुन्नी की तरह मेरा मन भी किसी मोटे लंड के लिए बदनाम हो जाने को करने लगा था। सच कहूँ तो अब तक मैंने अपनी इस निगोड़ी चूत से बस मूतने का ही काम लिया था। प्रेम गुरु की प्रेम कथाएँ पढ़ पढ़ कर मेरा मन गाना गाने को करता… read more

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