रूचि मैम की रोल-प्ले में चुदाई-5

मैं रंडी मम्मी के होंठों को चूसने लगा और रंडी मम्मी ने फिर मेरी शर्ट उतार दी और मेरी घुंडियों को चाटने लगी।

उसने इसके साथ ही मेरा लोवर भी उतारना शुरू किया।

अब मेरा लंड बाहर आ गया और जब रंडी मम्मी ने मेरा लौड़ा देखा तो उससे जैसे नशा सा छा गया।

रंडी मम्मी मेरे लंड प्यार से देखती रही।

मैं- क्या देख रही है मेरी रखैल-मम्मी? मैम- मेरे बेटे का लंड इतना बड़ा और मोटा है, मुझे चोदेगा ना.. इसी लंड से.. अपनी रंडी मम्मी की इज़्ज़त इसी लंड से लूट.. मेरे मादरचोद बेटे…

फिर मैंने अपनी दो ऊँगलियाँ अपनी रंडी मम्मी के मुँह में डाल दीं और कहा।

मैं- चुदैल रंडी.. इसे चाट पहले और गीला कर दे…

रंडी मम्मी मेरी ऊँगलियाँ चाट रही थी और चाट-चाट कर गीला भी कर दिया था और फिर मैंने ऊँगलियों को रंडी मम्मी के मुँह से निकाल कर उसकी गरम चूत के मुँह पर रख दिया।

मों- चोद दे… रोहन बेटा… चोद दे…. अपनी मम्मी को…. चोद दे।

मैं- रंडी मम्मी अब तुझे और दर्द होगा।

ऐसा कहते ही मैंने अपने गीली ऊँगलियों को रंडी मम्मी की चूत में बहुत जोर से घुसेड़ दिया। रंडी मम्मी की चूत बहुत कसी हुई थी और रंडी मम्मी ज़ोर से चीख पड़ी।

‘ओहह… सस्स… किल..मी डियर ओआहह… क्या मेरी चूत फाड़ ही डालोगे मादरचोद… आह.. और अन्दर पेल रोहन बेटा और अन्दर.. कर दे.. रोहन बेटा मज़ा आ रहा है…’

मैं अपनी दो ऊँगलियाँ तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा… साली रंडी मम्मी पागल हुई जा रही थी, रंडी मम्मी की चूत बहुत ही गर्म थी। मेरे ऐसा करते ही उसके मुँह से सिसकी निकल गई- आअहह, ह्म्म्म्म ऊऊहह.. हहह… ये क्या करने लगे… छोड़ो मुझे… जल्दी प्लीज़ छोड़ो आअहह… मुझे नहीं चुदवाना तुमसे.. जाओ अपनी असली मम्मी को चोदो मादरचोद.. आअहह..

मैं भी पूरा गर्म हो चुका था, मेरे बदन का रोम-रोम खड़ा हो गया, लेकिन मैं रंडी मम्मी को और तड़पता हुआ देखना चाहता था।

मैं- रंडी मम्मी, अपनी टाँगें खोल और हाथ ऊपर कर बहन की लौड़ी..

रंडी मम्मी ने अपनी टाँगें खोल दीं और हाथ ऊपर कर दिए।

मैं- रंडी मम्मी.. साली अब तुझे और मज़ा आएगा…

मैम- दे.. अपनी रंडी मम्मी को दर्द दे.. रोहन बेटा..

तब मैंने अपना हाथ ऊपर किया और रंडी मम्मी की चूत पर प्यार से मुँह से पप्पी की, फिर मम्मी की चूत की फांकों को चूसने लगा।

यह हरकत उसके शरीर को उत्तेजित कर देने के लिए काफ़ी थी।

वो तड़पने लगी- आहह… न्न्नए ना आअहीईई…

रंडी मम्मी के आँखों में आंसू आ गए थे, उसे सुरसुरी हो रही थी और उसे मज़ा भी आ रहा था, रंडी मम्मी का मस्ती से भरा चेहरा देख कर मैं और पागल हो गया।

मैम- तू अपनी रंडी मम्मी को रंडी बना रहा है.

. साले…

मैं- हाँ मेरी रांड.. तुझे मस्ती का अहसास भी दे रहा हूँ…

मैंने दोबारा रंडी मम्मी की चूत को जोर से चूसा.. उसकी चूत की फांकों को दाँत से चुभलाया और चूत के दाने पर जीभ फिराई… उसे मुँह में ले कर चूसने लगा।

मैम की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी। मुझे उसके पानी का स्वाद बहुत मज़ेदार लग रहा था। मैंने जीभ को मैम की चूत के और अन्दर घुसेड़ा, मेरी जीभ अन्दर तक चली गई, फिर चूत का कौवा चूसा ‘आआमम्म्म…’ ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा..

मैम- आआआह्हःह्हः…

रंडी मम्मी का दर्द भरा चेहरा देख कर मैं और पागल हो गया।

अब मैं रंडी मम्मी की चूत पर से गीले-पन को चाटने लगा और रंडी मम्मी मस्ती से सिसिया रही थी और बड़बड़ा रही थी ‘आआअहह…’

रंडी मम्मी की चूत, चूचियाँ और चूतड़.. आह्ह.. मैं मजा करता जा रहा था, अपनी गंदी रंडी मम्मी को… खूब मजे से भोग रहा था।

‘अयायाह मार डाल मुझे… मैं तेरी गंदी रंडी मम्मी हूँ…’

अब मैंने रंडी मम्मी के बाल पकड़े और उसके चेहरे को अपने लंड के सामने ले आया और कहा।

मैं- देख, रंडी मम्मी तेरे बेटे का लंड कितना बड़ा है… तेरी चूत को ये फाड़ कर रख देगा।

मैम- हाय.. मेरा हरामी रोहन बेटा.. रंडी मम्मी की चूत फाड़ देगा।

मैं- हाँ मेरी रखैल…

मैम- और क्या करेगा मेरी जान.. तू अपनी गंदी रंडी मम्मी के साथ?

मैं- चाट.. साली अपने बेटे के लंड को…

मैम- हाईईईई मेरे बेटे का लंड इतना बड़ा है.. तू जो कहेगा वो ही करूँगी..

मेरा लंड मम्मी के मुँह के पास था और रंडी मम्मी मेरे लंड को खूब चूस रही थी और 5 मिनट तक चाटती रही।

रंडी मम्मी ने कई बार मेरा लंड मुँह में लेने की कोशिश की लेकिन मैं उसके बाल पकड़ कर हटा देता।

मैम- अब अपनी नंगी रंडी मम्मी को बिस्तर पर ले जा रोहन बेटा…

मैं- हाँ.. रंडी.. अब तो मैं तुझे बिस्तर पर बाँध कर चोदूँगा।

मैंने रंडी मम्मी को बिस्तर पर लिटा दिया। उसे नंगी देख कर मेरा लवड़ा फूल रहा था।

मम्मी बोली- आअहह हरामीईई मादरचोद.. चोद ना मुझे…

फिर मैंने कपबोर्ड से डिल्डो निकाले और रंडी मम्मी के दोनों हाथ ऊपर कर बिस्तर के सिरहाने पर रख कर बाँध दिए।

फिर रंडी मम्मी की टाँगों को पकड़ा और ज़ोर से फैला दिया और उसकी चूत में डिल्डो घुसेड़ दिया, तो वो चिल्लाई- आआअहह आआहह नहींईईईई…मादरचोद.
.

रंडी मम्मी को बहुत दर्द हुआ, वो दोनों टाँगें खोल कर पड़ी थी।

अब नज़ारा कुछ ऐसा था कि एक औरत जो पूरी नंगी बिस्तर पर बँधी पड़ी है।

वो मेरी मैम है और मेरी रंडी मम्मी का रोल-प्ले कर रही है और उसका रोहन बेटा अपनी रंडी मम्मी के सामने अपना लंड पकड़ कर नंगा खड़ा है।

मैम को इस कामुक रोल-प्ले में मज़ा आ रहा था। वो खुल कर मेरा साथ दे रही थी। डिल्डो मैम की चूत में घुसा था और वो उससे मस्ती कर रही थी।

मैं- बोल मेरी रखैल मम्मी चुदना चाहती है.. तू अपने बेटे से?

मैम- चोद दे अपनी रखैल मम्मी को… अपनी रखैल को मादरचोद चोद ना… आहह.. मेरा हरामी.. लंड.. ईई फक मी फक मी हार्ड… अन्दर घुसेड़ दे.. मम.. आहह..

‘साली कुतिया लौड़े के लिए कैसी तड़फ रही है।’

मैम- चोद दे मुझे रोहन बेटा.. अब चोद भी दे.. अपनी रंडी मम्मी को इतना मत तरसा…

अब मैंने डिल्डो रंडी मम्मी की चूत से निकाला… डिल्डो पूरा रस से गीला था। मैंने उसे प्यार से चाटा और मम्मी का रस पिया, फिर उसे मैम की गाण्ड पर लगा कर कहा।

मैं- रंडी.. अब ये डिल्डो एक झटके में पूरा तेरी गाण्ड को फाड़ता हुआ अन्दर जाएगा.. मगर तुझे दर्द नहीं होगा… बोल डालूँ.. इसे तेरी गाण्ड में?

मैम- नहींईईई… ऐसा मत कर रोहन बेटा मैं तेरी रंडी मम्मी हूँ।

मैंने एक ना सुनी और उसकी गाण्ड में मेरे थूक से गीला डिल्डो घुसेड़ दिया…

मम्मी चिल्लाने लगी- आआआर… राआआहहह……हाईईई रीईईईईई ररमम्मीईई…

कुछ देर के बाद उसे मजा आने लगा- आह्ह.. अब मज़ा आ रहा है.. डाले रहो इसे…

मैं भी रुका नहीं और रंडी मम्मी की गाण्ड में डिल्डो धकेलता रहा…

‘अन्दर…और अन्दर…और अन्दर…’ वो दर्द में चीख रही थी।

‘रुक ज़ा… रोहन.. मुझे तेरा लंड चाहिए मुझे ये डिल्डो नहीं… रुक रोहन बेटा.. तुझे अपनी रंडी मम्मी की कसम… मेरा रोहन बेटा है ना.. तू रुक..न..’

मैम चाहती थीं कि मैं डिल्डो को निकाल दूँ, मगर मैं रुका नहीं… दस मिनट तक रंडी मम्मी ऐसे ही चीखती रही और मैं रंडी मम्मी की गाण्ड में डिल्डो डालता रहा।

मैं- मेरी रखैल मम्मी.. अब मैं तुझे और तड़पाऊँगा।

मैम- नहीं..ईईई.. मैं और नहीं सह सकतीईईई..

रंडी मम्मी की गाण्ड में वो डिल्डो अभी भी अन्दर ही था.. तो मैंने अपना लंड निकाला।

मैं- रखैल मम्मी अब तू अपने बेटे का लंड चूसेगी।

मैम- तेरा बहुत बड़ा है.
. मेरे मुँह में नहीं आएगा..

मैं- चुप साली.. रखैल.. मुँह खोल अपना कुतिया रण्डी।

अब रंडी मम्मी अपना मुँह खोल कर मेरे लंड का इंतज़ार कर रही थी। रंडी मम्मी ने अपने आँखें बंद कर लीं, फिर मैंने लंड से अपनी रंडी मम्मी चेहरे पर धीरे से मारना शुरू किया। उसको बहुत अच्छा लगा, वो बोलने लगी, “हाँ मार.. मेरे गालों पर अपने लौड़े से..।” अब मैंने एक झटके में रंडी मम्मी के मुँह में अपना लंड डाल दिया। मैंने उत्तेजनावश इतनी जोर से डाला कि मेरा लंड रंडी मम्मी के गले तक पहुँच गया। वो ‘गों-गों’ करने लगी, बोली- मादरचोद… भोसड़ा समझ कर ठूंस दिया.. मेरे मुँह में…

यह मदमस्त कहानी जारी रहेगी। आपके प्यारे कमेंट्स ईमेल करें।

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