मेरी अकेली चूत और दो लौड़े-2

मेरी अकेली चूत और दो लौड़े-1

शौकत ने हँस कर कहा- अरे.. शरम की क्या बात है.. मैं हूँ ना तेरे साथ.. पूरे मज़े ले.. मस्त हो कर.. शर्मा नहीं.. अंधेरे में तू सैम का नंगा लंड कैसे देखेगी?

मैंने कहा- नहीं.. रोशनी बिल्कुल नहीं..

शौकत ने कहा- ओके मेरी जान.. अंधेरे में ही मज़ा ले लो.. बत्तियां बन्द ही रखूँगा।

यह कहते हुए शौकत मेरा हाथ पकड़ कर मुझे सैम के कमरे में ले आए और बिस्तर पर जगह बनाने के लिए सैम को हिलाया और मुझे अपने और सैम के बीच में लिटा कर खुद भी लेट गए। मेरा नंगा बदन सैम से छू गया और सैम एकदम से चौंक गए।

शायद उनके लिए ये सब अविश्वसनीय था।

तभी शौकत ने सैम का हाथ पकड़ा और मेरी चूचियों पर रख दिया.. दूसरे हाथ से शौकत ने सैम की लुँगी खींचते हुए कहा- अरे यार.. अभी भी लुँगी पहने पड़ा है.. उतार इसको..

और यह कहते हुए लुँगी खींच कर सैम को नीचे से बिल्कुल नंगा कर दिया, शौकत ने अब मेरा एक हाथ ले कर सैम के लंड पर रख दिया। अंधेरे में कुछ दिखाई तो नहीं दे रहा था.. पर सैम का लंड पकड़ते ही मुझे उनके लंड की लंबाई और मोटाई का अहसास हो गया और मैंने उत्तेजनावश लंड को कस कर पकड़ लिया और हिलाने लगी।

सैम ने अभी बनियान पहन रखी थी, उनका हाथ मेरी चूचियों पर था.. लेकिन वो शायद संकोच कर रहे थे।

शौकत ने उनके संकोच को समझ कर कहा- यार सैम.. बनियान भी उतार दे.. घबरा नहीं.. खुल कर मज़े ले..

शौकत ने एक हाथ से सैम का बनियान खींचा तो सैम ने अपना बनियान भी उतार दिया और बिल्कुल नंगे हो गए। मुझे सैम के 10″ लंबे और 3″ मोटे तने हुए लंड के साथ खेलने में बहुत मज़ा आ रहा था।

तभी शौकत ने पलट कर मेरी चूत में अपनी जीभ डाल कर चाटना शुरू कर दिया.. तो मेरे मुँह से सिसकारी निकलने लगी और मेरी गीली चूत और भी गीली हो गई।

शौकत ने सैम का लंड.. जो मैं पहले से ही पकड़े हुए थी.. पकड़ते हुए कहा- यार सैम, चल इसे अपनी भाभी की चूत में डाल दे।

सैम शायद बहुत शरमाए हुए थे.. वो बोले- यार शौकत.. तुम पहले चोदो..

यह कह कर सैम ने मेरी चूचियों को अपने मुँह से चूसना शुरू कर दिया। तभी शौकत उनके एक हाथ को पकड़ कर मेरी चूत पर ले गए और उनकी ऊँगली मेरी चूत में घुसेड़ दी।

मेरी बहती हुई चूत महसूस करके सैम के मुँह से भी सिसकारी निकलने लगी।

अब शायद वो भी बिल्कुल गरम हो गए थे.

. लेकिन शायद अब भी कुछ-कुछ शर्मा रहे थे।

शौकत ने फिर पलट कर अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख कर चूमते हुए कहा- ज़रीना मेरी जान.. मज़ा आ रहा है ना?

मैं तो अब तक बिल्कुल गरम हो चुकी थी.. मैंने धीरे से कहा- मुझे चोदो ना.. मेरी चूत को अब लंड चाहिए..

मैंने जानबूझ कर यह नहीं कहा कि किसका लंड चाहिए।

शौकत ने सैम से फिर कहा- यार मेरी ज़रीना को अपने लंड का स्वाद चखा दे।

लेकिन सैम ने शौकत से कहा- नहीं यार.. तेरी बीवी है.. पहले तू चोद।

शायद वो मुझे चोदने में अभी भी शर्मा रहे थे।

शौकत ने अब मेरे ऊपर चढ़ कर सैम से कहा- यार सैम.. ज़रा मेरा लंड पकड़ कर ज़रीना की चूत पर फिट कर दे..

सैम ने शौकत का लंड पकड़ा और मेरी चूत को अंधेरे में ढूंढते हुए.. पहले उसमें अपनी ऊँगली डाली.. फिर दोनों हाथों से मेरी चूत के होंठों को खोल कर उसमें शौकत के लंड का सुपारा अपने हाथ से घुसा कर फिट कर दिया और बोले- ले शौकत.. चोद अपनी बीवी को..

सैम की टाँगें मेरे चेहरे की तरफ थीं और उनका लंड मेरे हाथ में था।

मैंने उनके लंबे और मोटे लंड को अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी।

हम तीनों इतने उत्तेजित थे कि तीन-चार मिनट में ही शौकत ने मेरी चूत में पिचकारी मार दी और शौकत का लंड ढीला हो गया.. लेकिन शौकत तब भी धक्के मारते रहे।

मैं भी इतनी देर में शौकत के लंड के धक्कों से और सैम के लंबे और मोटे लंड को चूसने के अहसास से पूरी तरह से स्खलित हो गई।

ज़ोर से झड़ने के कारण मेरे मुँह से ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ निकल रही थीं.. तभी सैम से भी ना रुका गया और उनके लंड ने मेरे मुँह में ही पिचकारी मार दी।

सैम ने मुझसे कहा- भाभी आई एम वेरी सॉरी..

उसने अपनी लुँगी अंधेरे में हाथ से ढूँढ कर पहन ली.. मैं उसी हालत में उठी और भागती हुई अपने कमरे में आ गई और नाईटी पहन ली। मेरी टाँगों के बीच शौकत का माल मेरी चूत से निकल कर टपक-टपक कर मेरी जांघों पर बह रहा था और मेरे मुँह से सैम का वीर्य निकल कर मेरे गालों और ठोड़ी तक टपक रहा था.. जिसे मैं बड़े ही स्वाद ले कर गटक रही थी।

शौकत अंधेरे में ही मेरे पीछे-पीछे आए और कहा- अरे भाग क्यों आई.. चलो हम दोनों सारी रात वहीं सोते हैं और मज़ा लेते हैं।

मैं झड़ने के बाद भी पूरी गरम थी.. मैंने शौकत के लटके हुए लंड को फिर चूसना शुरू कर दिया.
. दो-तीन मिनट में ही शौकत का लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैं बोली- उनसे अभी नहीं शौकत.. तुम मुझे यहीं पर खूब चोदो.. मुझे मज़ा आ रहा है..

मेरी चूत में अभी तक सैम का लंड नहीं गया था.. पर मैंने अंधेरे में ही उस लंड को छू कर महसूस कर लिया था और सोच रही थी कि जब वो लंड मेरी चूत में जाएगा तो कितना मज़ा आएगा।

शौकत मुझे फिर मेरा हाथ पकड़ कर कमरे में ले आए और अब शौकत ने कमरे की बत्ती भी जला दी।

मेरी नज़र सैम के लंड पर पड़ी.. उनका लंड तना हुआ था और सुपारा अपना घूँघट निकाल कर बाहर की हवा खा रहा था। उनका लंड पूरी तरह से तना हुआ था, मेरी नज़र सैम के खड़े लंड पर ही टिकी हुई थी और मैं उस पर से अपनी नज़रें हटा ही नहीं पा रही थी। सैम तो शरम से अपने लंड को मेरी नज़र से छिपाने की कोशिश कर रहे थे.. पर वो लंड इतना बड़ा था कि उसे दोनों हाथों से भी छुपाया नहीं जा सकता था।

शौकत ने मुझे सैम के लंड को ऐसे देखते हुए देखा और सैम के लंड से उनका हाथ हठाते हुए अपने हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए मुझे दिखा कर बोले- देख ज़रीना.. मेरे दोस्त का लंड देख.. पूरे कॉलेज में यह लंड अपने साइज़ के लिए फेमस था.. आ जा.. तू भी आ जा और साथ ही नहा ले।

यह कह कर शौकत ने मुझे भी खींच लिया और मेरी नाईटी.. जिसके नीचे मैंने कुछ नहीं पहन रखा था.. उतार दी और मुझे बिल्कुल नंगी कर दिया।

मैंने कहा- यह क्या कर रहे हो?

लेकिन मैं मुस्कुराती भी रही.. मुझे मालूम था कि शौकत अब मुझे पूरी रोशनी में सैम से चुदवाएँगे.. इसलिए यह कहते-कहते भी बिल्कुल नंगी होकर मैं उन दोनों के साथ खड़ी हो गई।

मैं शौकत से बोली- शौकत तुम मुझको क्या दिखा रहे थे?

इतना कहते-कहते ही मैंने सैम के लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से दबा-दबा कर आगे-पीछे करती हुई बोली- आपके दोस्त का लंड तो बहुत ही बड़ा है.. इनके लंड से चुदवाऊंगी तो मेरी तो चूत ही फट जाएगी..

शौकत ने कहा- ज़रीना.. तू एक बार अपनी चूत में लेगी तो फिर इसी लंड को हमेशा याद करेगी.. चुदा ले.. सारे दिन चूत में इस लंड का रस डाल कर बैठ.. शाम को तेरी फिर जी खोल कर चुदाई करेंगे..

सैम ने अब मुझको पूरा नंगा देख लिया था और वो भी मेरे सामने बिल्कुल नंगे अपने उस 10″ लंबे और 3″ मोटे लंड को ताने हुए खड़े थे.. फिर भी थोड़ा हिचकिचा रहे थे, उनकी शरम तो शायद निकल गई थी.
. क्यूंकि अब वो लंड छुपा नहीं रहे थे।

उनको इस तरह हिचकिचाते हुए मैंने सैम से कहा- चोद लीजिए मुझे.. मैं बुरा नहीं मानूँगी..

शौकत ने भी कहा- हाँ यार सैम.. क्यों  शर्मा रहा है.. देख ज़रीना भी तेरे लंड से चुदाने को तैयार है और मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है.. अपनी शरम निकाल दे और एक मर्द बन कर मज़े ले और अपनी भाभी को मज़े दे..

तब तक मैं खड़े-खड़े ही सैम से लिपट गई और उनका लंड पकड़ कर अपनी चूत से रगड़ने लगी। मेरी चूत का बुरा हाल था और गीली होकर उस घोड़े जैसे लंड को लेने के लिए खुज़ला रही थी। मैंने उनके गले में अपनी बाँहें डाल दीं और उनके सीने से अपनी चूचियाँ रगड़ते हुए मैंने अपना पूरा बोझ उनके ऊपर डाल दिया। सैम ने भी मुझे सहारा देकर अपने बलिष्ठ जिस्म से चिपका और लटका लिया।

मैंने इस स्थिति का पूरा फायदा उठाया और सैम के लंड को चूत पर टिका लिया और खुद ही एक धक्का लगाया तो एक चौथाई लंड मेरी चूत में चला गया।

मेरे मुँह से अब सिसकारियाँ निकलने लगीं और मैं बेशरम होकर बोलने लगी- हाय.. मज़ा आ गया.. क्या लंड है.. मारो एक जोरदार धक्का.. घुसा दो इस लंड को मेरी चूत में.. फाड़ दो मेरी चूत.. मेरे चूतड़ों को मसलो.. मेरी जान.. मेरी चूचियाँ दबाओ.. मसल डालो मुझे.. पेल दो इस लंड को मेरी चूत मैं… आअहह…. शौकत…माय डियर.. तुम्हारे दोस्त के लंड से तो मज़ा आ गया.. मैं आज पूरी रात तुम दोनों के लंड से अपनी चूत बिल्कुल नंगी होकर ठुकवाऊंगी। मुझे तुम दोनों जैसे चाहो वैसे चोदना.. मेरी चूत की प्यास बुझा दो..

मेरी बात सुन कर सैम उत्तेजित होकर ज़ोर-ज़ोर से लंड मेरी चूत में पेलने लगे। उनका 10″ का लंड मेरी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था और मेरी चूत से बहते हुए रस से बिल्कुल गीला हो चुका था।

सैम ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया.. मैं बिस्तर पर टाँगें फैला कर लेट गई और सैम को अपने ऊपर गिरा लिया और अपने हाथ से उनके लंबे लंड को  पकड़ कर फिर अपनी चूत में डाल लिया।

शौकत ने अपना लंड मेरे सिरहाने खड़े हो कर मेरे मुँह में डाल दिया।

अब सैम मुझे अपने घोड़े जैसे लंड से उछल-उछल कर चोद रहे थे, मेरी चूचियाँ पागलों की तरह चाट रहे थे और मेरे नीचे से अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को मसल-मसल कर बोलते जा रहे थे- यार शौकत.. तू तो बहुत लकी है.. तेरी बीवी तो बहुत मस्त माल है.. भाभी मज़ा आ गया.
. तुम्हारी चूत तो बहुत मजेदार है..

शौकत बोला- यार जब तक तू यहाँ है.. चोद ज़रीना को जम कर.. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है.. आगे से जब भी दिल्ली आए.. तुझे यहीं हमारे पास ही रहना होगा.. दिन में अपना ऑफीशियल वर्क कर.. और रात में मेरी ज़रीना को चोद.. मेरे लिए इसकी खुशी ही सबसे बड़ी खुशी है..

सैम ने मुझे दम भर के चोदा फिर एक साथ शौकत और सैम ने मेरी चूत और मेरे मुँह को अपने वीर्य से भर दिया।

मैं वीर्य को बड़े ही स्वाद से खाती हूँ, यह देख कर सैम भी मस्त हो गया और शौकत के बाद उसने भी अपना लवड़ा मेरे मुँह में लगा दिया और मैंने भी बड़े मजे से सैम का लवड़ा खूब चूसा और उसका लौड़ा एक बार फिर खड़ा हो गया।

फिर चुदाई शुरू हो गई.. और अब हम तीनों ने खूब व्हिस्की पी कर चुदाई की।

सच में इस threesome में मुझे बहुत मजा आया।

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