सपना की रसीली कुँवारी चूत

दोस्तो, मेरा नाम यश त्रिपाठी है। मेरी उम्र 19 वर्ष है। मैंने अर्न्तवासना की सारी कहानियाँ पढ़ी हैं.. इन कामुक कहानियों को पढ़ने के बाद मेरे मन में भी यह बात आई कि क्यों ना मैं भी अपनी कहानी आप सभी को सुनाऊँ।

मित्रो.. यह मेरी पहली कहानी है.. बात उन दिनों की है.. जब मैं इलाहाबाद में अपने भईया-भाभी के साथ रहता था। हमारे घर के सामने सपना नाम की एक लड़की रहती थी.. वो भी अपने परिवार के साथ हमारे कमरे के ठीक सामने रहती थी।

वो मुझको चाहती थी.. लेकिन मैं उसको नहीं पसंद करता था.. लेकिन उसकी जवानी देखकर कभी-कभी मेरा मन भी उसको चोदने को करता था। पर क्या करता.. मैं उससे ये बात कह भी नहीं सकता था।

फिर एक दिन उसने मुझको चुम्बन कर लिया.. मैं सकपका गया कि साली यह तो बहुत बड़ी वाली है। अब मैं भी मौके की तलाश में रहने लगा।

एक दिन मेरे कमरे पर कोई नहीं था.. तो सपना मेरे कमरे पर प्रेस लेने आई। भईया भाभी को लेकर दवा लेने के लिए बाहर गए हुए थे। तो अच्छा मौका देखकर मैंने दरवाजा बँद कर लिया.. फिर मैंने उसको बिस्तर पर बैठा दिया और मैं भी उसके बगल में बैठ गया।

मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें किस करना चाहता हूँ। उसने कहा- यश.. मैं इस दिन का इन्तजार बहुत दिन से कर रही हूँ।

मैंने पहली बार उसको स्पर्श किया.. और उसको पकड़ कर मैं उसके होंठों का रस चूसने लगा।

करीब 10 मिनट तक मैंने उसके रसीले होंठों का रसपान किया.. वो तो एकदम से उतावली सी हो गई थी और जैसे ही मैंने उसको छोड़ा.. तभी उसकी बड़ी बहन बाहर से उसको बुलाने लगी।

फिर वो प्रेस लेकर चली गई।

कुछ देर बाद शाम हो गई और भईया-भाभी भी आ गए थे, मैंने भाभी से पूछा- क्या हुआ.. डाक्टर ने क्या कहा? तो भाभी बोलीं- अपेन्डीस है और डाक्टर ने आपरेशन के लिए बोला है। मैं समझ गया कि अब ऑपरेशन ही होगा। दूसरे दिन सुबह ही भाभी के मायके वाले आए और अस्पताल ले गए.. आपरेशन हुआ।

सभी लोग वहीं रुक गए और मैं और मेरा भतीजा जो 1 वर्ष का है.. वही मेरे साथ कमरे पर था। मैं आप लोगों को बता दूँ कि वो मेरे पास ही ज्यादा रहता है।

दूसरे दिन उसकी नानी जी आईं और उसको लेकर अस्पताल चली गईं और मैं अकेला रह गया।

तो मैंने सपना से कहा- मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ। वो तैयार हो गई।

फिर मैंने उसको पकड़ कर चुम्बन करना शुरू कर दिया। मैं 15 मिनट तक चूमता रहा। मुझको एहसास हुआ कि वो गर्म होने लगी थी। उसके मुँह से सिसकियों की आवाज निकल रही थी- आ.

. उह.. उई.. आउच… वो सिसकारियाँ भर रही थी।

उसने जीन्स टॉप पहन रखा था। फिर मैंने उसके टॉप को निकाल कर फेंक दिया.. उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी मैं तो उसका नंगा जिस्म देखकर पागल हो रहा था। फिर मैंने उसकी जीन्स उतारी.. उसने काले रंग की पैन्टी भी पहन रखी थी।

उसकी उभरी हुई चूत मैंने देखकर ही पहचान लिया था कि अभी उसकी सील नहीं टूटी थी। मैं उसकी चूचियों को पीने लगा और मेरा हाथ उसकी चूत पर था।

फिर मैं अपनी उँगली उसकी चूत में डालने लगा.. बहुत टाईट जा रही थी। किसी तरह मैं उँगली चूत में डालकर अन्दर-बाहर करने लगा। वो एकदम गीली हो गई और 5 मिनट के बाद झड़ गई।

फिर उसने उठ कर मेरे लण्ड को अपने मुँह में भर लिया और मस्ती से लवड़ा चूसने लगी। वो ऐसे चूस रही थी मानो कोई आईसक्रीम मिल गई हो।

लगभग 15 मिनट की लण्ड-चुसाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था।

मैंने सपना से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ। उसने कहा- मेरे मुँह में गिरा दो।

मैंने उसके मुँह में अपना सारा रस छोड़ दिया। फिर मैं उसको चुम्बन करने लगा.. थोड़ी देर के बाद वो फिर गर्म हो गई, उसके मुँह से आवाज आने लगी- आ… उ..उई… आउच… उसने मुझसे कहा- यश, अब बर्दाश्त के बाहर है.. डाल के अपना लण्ड.. फाड़ दो मेरी चूत..

मैंने अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोर का धक्का लगाया.. उसके मुँह से जोर की चीख निकली और वो रोने लगी। मुझको ऐसा लगा कि आज तो मेरी खैर नहीं.. तभी उसने नीचे चूत की तरफ देखा कि उसकी चूत से खून आ रहा है.. वो और जोर से रोने लगी। वो कहने लगी- मुझे छोड़ दो.. मुझे नहीं चुदवाना.. मैं मर जाऊंगी.. तुमने मेरी चूत फाड़ दी।

फिर मैंने उसको समझाया- तुम सब समझती हो.. तुम पहली बार चुदी हो इसलिए खून आया है.. तुम्हारी सील टूटी है.. जिससे खून निकला है.. अभी सब ठीक हो जाएगा। तब वो जाकर शान्त हुई।

अब मैंने फिर से उसको चोदना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद उसको भी अच्छा लगने लगा। अब वो भी उठ-उठ कर चुदवाने लगी। कुछ ही देर बाद हम दोनों झड़ गए। फिर मैंने उस दिन दो बार चोदा और मुझको अस्पताल भी जाना था.. तो मैं कपड़े पहन कर अस्पताल चला गया।

अब सपना मेरे लौड़े की गुलाम हो चुकी थी,हम लोग जब भी मौका मिलता तो चुदाई लीला कर लेते थे।

दोस्तो, उम्मीद है कि कहानी आप सभी लोगों को पसंद आई होगी। आप अपनी राय जरूर लिखें। [email protected]

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