खेत में मामा की बेटी की चूत की पहली चुदाई

हाय मेरा नाम अबनेश है, मैं बदायूँ उत्‍तर प्रदेश का रहने वाला हूँ, मैं अन्‍तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मेरी उम्र बीस साल है, मेरा कद पांच फुट नौ इंच है, मेरा रंग गोरा व मेरे लन्‍ड की लम्‍बाई 8 इंच है।

बात अब से कुछ महीने पहले की है, मैं छुट्टियों का समय बिताने के लिये नाना नानी के गांव चला जाता हूँ, मेरे मामा की बड़ी लड़की का नाम मीना है लेकिन घर के सभी लोग उसे मीनू कहते हैं, मीनू मुझसे एक साल छोटी है लेकिन दिखने में एकदम मस्त है, उसका फिगर लगभग 34-28-36 है, उसका रंग एकदम गोरा है।

मेरी ननिहाल के गाँव के बहुत से लड़के उसे पसन्‍द करते हैं और उसे चोदना चाहते हैं पर वो किसी को घास नहीं डालती!

मीनू हाई स्‍कूल पास है, गांव में इण्‍टर कालेज ना होने की वजह से उसे आगे नहीं पढ़ाया। मीनू हमेशा अपने माता पिता के कहे अनुसार ही चलती है।

मेरे मामा कृषि कार्य करते हैं, वो खेतों पर अधिकतर समय रहते हैं, मीनू छोटे बच्‍चों को साथ ले जाकर खेतों पर खाना लेकर जाती है। मेरी मीनू से अच्छी पटती थी।

जब मैं अपनी छुट्टियाँ बिताने ननिहाल गया था, मैं मामा जी के घर पहुँच कर बैठा ही था, तब मैंने देखा कि मीनू मामा का खाना लेकर जा रही थी लेकिन उसके साथ जाने के लिये कोई छोटा बच्‍चा नहीं था।

मामी ने एक ओर मुझे देखा और कहा- तुम मीनू के साथ मामा को खाना देने चले जाओ!

मैं मन ही मन खुश होकर चल दिया। खेतों का रास्‍ता छोटा और खराब होने के कारण सम्भल कर चलना पड़ रहा था।

कुछ दूर चलने के बाद मीनू का पैर रास्‍ते में मेड़ से फिसल गया और वो गिर गई। मैंने उसके दोनों कन्‍धों को पकड़ कर पीछे उठाया तभी मेरे हाथ उसके मुलायम बूब्‍स से छू गये। मैंने उसे बिठा दिया, दर्द के कारण मीनू करहाने लगी।

मैंने दर्द का कारण पूछा तो पैर में मोच बताने लगी। मैंने उसका पैर धीरे से सीधा किया और उसके पैर को सहलाने लगा, तभी वह अपना दर्द घुटने के पास बताने लगी। मैंने उसकी काले रंग की सलवार जो वो पहने हुए थी, घुटने से ऊपर कर दी, मैं उसका घुटना सहलाने लगा, उसका घुटना बहुत ही सैक्‍सी था। मैंने एक बार उसका गोरा चेहरा देखा जो बिल्‍कुल लाल हो चुका था… मैं उसके चेहरे के लाल होने का कारण समझ चुका था, मैंने धीरे से अपना हाथ उसके सलवार के नाड़े पर लगाया और झट से खोल दिया।

तभी वो इसके लिये मना करने लगी पर मैंने उसे समझा कर सैक्‍स के लिये मनाया। पर वो डर रही थी क्‍योंकि उसकी चूत अभी कुवांरी थी। मैंने उसे गोद में उठाया और पास में खड़े बड़े बाजरे के खेत में ले गया। बाजरा इतना घना होने के कारण कोई भी हमें नहीं देख पाता! मैंने उसका दुपटटा बाजरे के खेत में बिछा कर उसके ऊपर उसे लिटा दिया। तब मेरा सैक्‍स आरम्‍भ हुआ। वो थोड़ी डर रही थी, पर मैंने अपने ओंठ उसके गुलाबी ओंठों पर रख दिये और उनका आनन्द लेने लगा।

मेरा एक हाथ उसके बूब्‍स पर था जो एकदम गोल थे, उन्‍हें दबाने में बड़ा मजा आ रहा था, मेरा एक हाथ उसके सिर के पीछे गर्दन पर था, वो पूरी तरह से मेरा साथ देने लगी।

मैंने उसे कपड़े उतारने के लिए कहा, उसने पहले मेरे कपड़े उतारे, फिर उसने अपने कपड़े उतारे, उसका खूबसूरत शरीर देखकर मैं तो पागल सा हो गया और मैं एकदम उसके बूब्‍स मुँह में लेकर चूसने लगा और वो पूरी तरह‍ से मदहोश हो गई।

जब मेरा हाथ उसकी फूली हुयी चूत पर गया तब वो पानी छोड़ चुकी थी। अब उसकी चूत लन्‍ड मांग रही थी। पहले मैंने मीनू को अपना लन्‍ड मुंह में लेने को कहा तो उसने इन्‍कार कर दिया। तब मैंने ज्‍यादा दबाव नहीं बनाया और सीधा अपना लण्‍ड उसकी चूत के पास ले गया। उसकी चूत लण्‍ड के लिये बहुत ही प्‍यासी थी, मैंने अपना लण्‍ड धीरे से उसकी चूत के मुंह पर रख दिया और धीरे धक्‍का दिया, मेरा लण्‍ड फिसल गया और मैंने दोबारा कोशिश की, हल्‍का सा धक्‍का दिया, तभी मीनू एकदम चीख पड़ी।

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मैं डर सा गया और मैंने अपना लण्‍ड बाहर निकाल दिया। मैंने देखा कि उसकी चूत से हल्‍का सा खून आ रहा था और मेरा लण्‍ड भी खून से सन चुका था।

कुछ देर शान्‍त रहने के बाद हमने दोबारा कोशिश की और उसकी चूत पर हल्‍का सा धक्‍का दिया, मीनू के मुख से उफ़्फ़ निकल पड़ा, मेरा लगभग 4 इंच लण्‍ड उसकी चूत में समा गया और वो दर्द भरी सैक्‍सी आवाजें करने लगी ‘ओ ओ ओ फ फ फ ह ह ह’ करने लगी और मैंने अपना पूरा लण्‍ड उसकी चूत में उतार दिया।

हमारा चुदाई का कार्यक्रम 8 से 10 मिनट तक चला और मैंने भी अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया। मैंने अपने रूमाल से उसकी चूत साफ की, अपना लण्‍ड साफ किया, अपना रूमाल उसी बाजरे के खेत में छोड़ दिया और हम दोनों खुशी खुशी टिफ़िन उठाकर मामा जी को खाना देने चले गये।

यह थी मेरे बाजरे के खेत में मेरे मामी की बेटी की चूत की पहली चुदाई की कहानी !

मेरी सच्‍ची कहानी पसन्‍द आई या नहीं, मुझे मेल कर सकते हैं। [email protected]

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