Meri Surprise Suhagraat

मैं रूपा उम्र ३२ साल की खुबसूरत हाउसवाइफ हूँ मेरे नैन नक्स और मेरी सुन्दर काया सभी को मेरी ओर आकर्षित करते हैं मेरे बॉडी की साइज़ ३४”२८”३४” है बूब्स और हिप्स इतने अच्छे हैं की पास पडोसी और पति के दोस्त देखते रह जाते हैं।

सामान्यतया मैं घर में साडी पहनती हूँ और बाहर जाते समय साडी या सूट पहनती हूँ मैंने महशुश किया है की साडी से मेरा बदन ज्यादा दीखता है।

लोगों की भूखी निगाहें मेरे बूब्स,नाभि और मेरे नितम्बों को देखते रहती हैं और मैं विचलित हो जाती हैं पर मैं सिर्फ अपने काम से काम रखती हूँ मैं नॉएडा में अपने पति और ३ साल के बच्चे के साथ रहती हूँ मेरे पति प्रतीक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं और हम किराये पर रहते हैं।

सुनीता मकान मालिक की पत्नी है और उसके पति मेरे पति के ही एज के हैं पर सुनीता एक तेज तर्रार औरत है बाद में पता चला की बहुत सारे मर्दों के साथ उसके सम्बन्ध हैं वो एक बुटिक चलाती है उसके बुटिक में जो टेलर है यंग है और सुन्दर है।

सुनीता का उसके साथ भी सम्बन्ध है सुनीता ने मेरे पति पर भी डोरे डाले पर उन्होनें ज्यादा ध्यान नहीं दिया फिर भी सुनीता काफी हेल्पफुल थी और मेरे उससे अच्छे सम्बन्ध थे। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

सुनीता से मिलने उसके पति श्याम का एक दोस्त प्रवीन अक्सरहां घर आता था और अपने पति के गैरहाजिरी में वो उसके साथ समय गुजारती थी प्रवीन ३५ साल के एक स्मार्ट इंसान थे।

सुनीता मुझसे बहुत सारी बात शेयर किया करती थी कभी कभी वो अपने दोस्तों के साथ ऊपर हमारे पोर्शन में भी आ जाती थी और न चाहते हुए भी मुझे उनकी आवभगत करनी पड़ती थी उसके सारे फ्रेंड्स मुझे जानते थे और में इज्ज़त करते थे।

सुनीता बहुत कोशिश करती की मुझे भी अपने जैसा बना ले पर मैं उसके झांसे में नहीं आने वाली थी सुनीता बोलती की रूपा तुम आज के ज़माने की नहीं हो पति तो जॉब पर चले जाते हैं हम औरतों को भी अपनी जिंदगी जीने का हक़ है यदि मेरे कुछ दोस्त हैं तो बुरा क्या है मैं उन्हें अपने इशारे पर नचाती हूँ।

वो मेरा बहुत सारा काम कर देते हैं मुझे भी बॉय फ्रेंड मिल गए हैं बैठे बिठाये मेरा टाइम भी पास हो जाता है बुटिक भी तो घर में ही है वो कहती की तुम भी आया करो निचे तुम्हारा भी टाइम पास हो जायेगा मैंने कहा की नहीं मैं भी अपने में बिजी रहती हूँ और पढाई वैगेरह भी करते रहती हूँ वो और भी तरह तरह की बातें करती मैं भी उससे बातें करने में एन्जॉय करती थी एक दिन मुझे एक ब्लाउज और सलवार सूट सिलवाना था।

मैंने सुनीता से कहा तो उसने कहा की निचे बुटिक में आ जाओ मेरा टेलर विनोद तुम्हारा नाप ले लेगा और मुझे १.

३० बजे बुलाया और कहा की उस समय कोई नहीं रहता है और आराम से आपका मेज़रमेंट नोट कर लेंगे ठीक डेढ़ बजे मैं निचे गयी वो मेरा ही वेट कर रही थी उसने कहा की विनोद इनका नाप ले लो विनोद ने कहा की भाभीजी को अपनी साडी उतारनी पड़ेगी तब बढ़िया से मेज़रमेंट लेंगे मैं तैयार नहीं हो रही थी।

पर सुनीता बोली क्यों शर्माती हो विनोद तो रोज कितनी औरतों का रोज नाप लेता है नाप ले कर साडी पहन लेना साडी खोलते ही मेरे वक्ष आधे खुले हो गए थे विनोद ने मेरे पुरे बॉडी का नाप लिया पर उसकी निगाहें मेरे बूब्स पर ही टिकीं थीं नाप लेने के दौरान उसने उन्हें छु भी दिया था।

साडी खुलते ही मेरे पेट भी नंगे हो गए थे और नाभि पूरी दिख रही थी और हिप्स का पूरा शेप दिख रहा था विनोद ने कहा की आप देखिएगा की कितनी सुन्दर फिटिंग आएगी मैंने कहा की ब्लाउज थोड़ी ढीली बनाना क्योंकि अभी वाली ब्लाउज थोड़ी टाइट हो गयी और बदन दीखता है।

विनोद ने कहा की ये तो स्टाइल है आज कल तो औरतें बोलती हैं की थोडा लो कट बनाना ताकि बॉडी दिखे आप की बॉडी अच्छी है तभी तो कोई देखेगा मैं उसकी बात शर्मा गयी तभी प्रवीन बुटिक में आ गया उसने मुझे देखा तो नमस्ते किया वो मुझे उस हालत में देखते रह गया मैं जाने लगी तो वो बोला की भाभी जी मुझे आपसे बात करनी है मैं बोली की मेरी साडी दुसरे कमरे में है मैं पहन कर आती हूँ।

पर सुनीता ने कहा रूपा क्या दिक्कत है फी पहन लेना प्रवीन से बात कर लो पहले प्रवीन ने मुझसे मेरे हुसबंद के बारे में पूछा वो मुझे किसी न किसी बहाने से रोक रखा था औ मी बदन को निहार रहा था उसकी आखें मेरे चुचियों और नंगे पेट से हट ही नहीं रहीं थी उसने कहा की भाभी जी आप काफी स्मार्ट हो।

सुनीता बोली की हाँ प्रवीन हमेशा तुम्हारी तारीफ़ करता है मैंने देखा की प्रवीन के पैन्ट में टेंट बन गया था मैं सिहर उठी और साडी बदलने चली गयी मैंने सुना की प्रवीन सुनीता से मेरे बदन की तारीफ़ कर रहा था।

सुनीता ने कहा की प्रवीन तुम तो उसे खा जाने वाली नजर से देख रहे थे प्रवीन बोला की वो चीज ही ऐसी है झूट मुठ का लंड खड़ा कर गयी मैंने सुना तो मुझे बहुत गुस्सा आया पर मन ही मन अपनी तारीफ़ से खुश भी थी मैं अपने रूम में चली आई पर विनोद की छुवन और प्रवीन के मेरे जिस्म को घूरने से मेरे तन बदन में आग लग गयी थी प्रवीन अब मेरे पास भी आता और किसी न किसी बहाने से बात करता मैं जानती थी की ये मेरे बदन को घूरने आता है।

एक दिन मेरे पति बाहर गए हुए थे सुनीता आई और बोली की मैं चंडीगढ़ जा रही हूँ कुछ काम से और शाम तक आ जाउंगी तुम भी चलो ना मैंने कहा की बच्चे को भी लेना पड़ेगा पर उसने कहा की उसका कोई प्रॉब्लम नहीं है बेटा को पड़ोस की भाभीजी संभाल लेंगी हम शाम तक तो आ ही जायेंगे बच्चे के रहने से उसे खाने पिने में दिक्कत होगी थोडा मना करने के बाद मैं मान गयी हम गाडी से जाने वाले थे।

सुनीता का पति श्याम और उसका दोस्त प्रवीन भी जा रहा था हम चंडीगढ़ पहुंचे उन लोगों ने अपना काम किया पर जिस आदमी से मिलना था वो अगले दिन सुबह में आने वाला था।

सुनीता ने कहा की ये तो गड़बड़ हो गयी हमें तो होटल में रुकना पड़ेगा उसने मुझसे रिक्वेस्ट किया की बस रात भर की ही बात है तो मैंने हामी भर दी हमने फिर चंडीगढ़ घुमा और खाना खाया और पास के ही होटल आ गए पर वहां मालुम चला की होटल में स्टे करने के लिए फोटो आईडी लग रहा है और आईडी सिर्फ श्याम और प्रवीन के पास था।

और होटल मेनेजर ने कहा की रूम में रहने वाले दो में से एक आदमी के पास आईडी होना अनिवार्य है श्याम ने रिक्वेस्ट किया पर वो तैयार नहीं हुआ बोला चेकिंग काफी टाइट है और मैं ये रिस्क नहीं ले सकता मैंने कहा की दुसरे होटल में चलते हैं तो उसने बोला की हर जगह सेम रूल है।

सुनीता बोली की रूपा देखो मज़बूरी है अब तो हमें रहना ही पड़ेगा कोई आप्शन नहीं है तुम तै कर लो की किसके साथ रहोगी मैं सोंच में पड़ गयी श्याम और प्रवीन दोनों मेरे साथ रहने के लिए तैयार हो गए प्रवीन ने कहा की आप पति पत्नी हो आप क्यों हम दोनों की वजह से सफ़र करोगेआ आप लोग पति पत्नी हो एन्जॉय करो।

सुनीता मुस्कुरा दी और बोली की हम क्या करेंगे थोडा टीवी देखेंगे और देखते देखते ही सोफे पर सो जायेंगे सुनीता ने कहा की रूपा को ज्यादा तंग मत करना और प्रवीन को छेड़ने लगी मैं भी काफी अन्काम्फर्तेबल महसूस कर रही थी प्रवीन बहुत खुश लग रहा था।

सुनीता ने कहा की हम आधी रात को चेक करेंगे की सब कुछ ठीक है की नहीं मुझे अजीब लग रहा था पराये मर्द के साथ रूम शेयर करने में पर मज़बूरी थी क्या करती हमारे रूम आस पास ही थे रूम मिस्टर & मिसेज श्याम और मिस्टर एंड मिसेज प्रवीन के नाम से बुक की थी।

होटल वालों ने कहा की आप दोनों कपल अपने रूम में जाएँ और हमारे रूम की फैसिलिटी एन्जॉय करें कपल के लिए बाथ टब और सेक्सी बेड है और होटल की तरफ से कपल के लिए सेक्सी नाईट ड्रेस और हॉट & सॉफ्ट ड्रिंक्स हैं जो कॉम्प्लीमेंट्री है आप लोग रूम में जाएँ और एन्जॉय करें मैं काफी अजब महसूस कर रही थी मेरे मन में मिश्रित भावना आ जा रही थी।

सुनीता ने छेड़ भी दिया की रूपा और प्रवीन रूम में जाओ और आज सुहाग रात मना ही डालो मुझे बुरा लगा और शर्म से मेरा चेहरा लाल हो गया पाविन अन्दर जाने के लिए काफी उतावला था उसे तो मनचाही मुराद मिल गयी थी एक सुन्दर हाउसवाइफ के साथ रात गुजारने के लिए हम अपने अपने कमरे में आ गए देखा पूरा कमरा फूलों से सजा था।

और सुहाग रात की सेज की तरह लग रहा था पूरा कमरा खुसबू से भरा था पर डबल बैड काफी छोटा था रूम में जाने पर प्रवीन ने फ्रेश हो कर कपडे उतारे और नाईट गाउन पहन लिया जो की बिलकुल नग्न था उसका पूरा चेस्ट नंगा था।

और उसने अन्दर केवल अंडरवियर पहन रखा था और उसने डीयो स्प्रे कर लिया और मुझसे बोला की रूपा तुम भी फ्रेश हो कर चेंज कर लो फिर टीवी देखेंगे और बातें करेंगे मैंने अपना नाईट ड्रेस देखा वो पूरा ट्रांसपेरेंट ।

मैंने कहा की मई फ्रेश हो कर आती हूँ पर चेंज नहीं करुँगी ये ड्रेस पूरा ट्रांसपेरेंट है प्रवीन बोला की क्या हुआ की यहाँ तो सिर्फ हम दोनों हैं और कौन देखेगा उसने कहा की फर्श कपडे से नींद अच्छी आएगी चुकी वो रूम कपल रूम था।

इसलिए बाथरूम में दरवजा भी नहीं था सिर्फ झीना पर्दा था मैं प्रवीन की ओर देखा तो उसने बोला की बाथरूम जाओ मैं तुम्हें नहीं देखूंगा मैं बाथरूम जा कर परदा ठीक से लगा दिया फिर भी सब कुछ दिख रहा था अब मैंने कपडे उतारा और देखा बाथ टब भी है पर मैंने झरने में स्नान किया मुझे बड़ी शर्म लग रही थी की मैं नंगे नाहा रहीं हूँ।

और पराया मर्द बैड रूम में है मुझे अपने बॉडी में सुरसुरी हुई की कहीं प्रवीन तो नहीं देख रहा है मैंने देखा तो पाया की वो टीवी देख रहा है थोड़ी देर में मैं पारदर्शी गाउन जो की बिच से पूरा खुला था और अन्दर सिर्फ बिलकुल पतली लिंगरी थी और बूब्स दिखाती हुई ब्रा थी मेरा पूरा शरीर दिख रहा था जब मैं बाहर आई तो प्रवीन मुझे देखते रह गया।

और उसने वाव बोला और कहा की उप तुम तो गजब सुन्दर दिख रही हो इन कपड़ों में उसने कहा की कपल रूम इतना सेक्सी है की कोई भी उत्तेजित हुए बिना नहीं रह सकता है आओ आज की रात हम एक कपल की तरह नहीं तो कमसे कम दोस्त की तरह तो रह ही सकते हैं चलो आज स्कॉच पिते हैं जो कपल के लिए रखा है और टीवी देखते हैं मैंने कहा की मैं नहीं पीती सिर्फ हब्बी के साथ लेटी हूँ।

वो भी थोडा प्रवीन ने कहा की हम दोस्त हैं तो स्कॉच एक दो पेग तो साथ ले ही सकते हैं मैं झिजकते हुए तैयार हो गयी रूम में हलकी रौशनी थी और दोनों के बदन चमक रहे थे रूम का माहौल पूरा सेक्सी था प्रवीन ने दो लार्ज पेग ब्लैक लेवल के बनाये हमने बातें करते करते गिलास खाली कर दिया मैंने कहा की मैं नहीं प्रवीन ने जिद्द की कि बस ये ले लो थोड़ी थोड़ी मस्ती छाने लगी थी।

प्रवीन मेरे बिलकुल बगल में आ गया था और मेरे बदन को देख रहा था और मेरे सुन्दरता की तारीफ़ कर रहा था वो कह रहा था की लगता ही नहीं की तुम एक बच्चे की मम्मी भी हो हम दूसरा पेग भी ख़तम कर दिए थे कभी कभी वो बहकते हुए मेरे बदन को छू भी डे रहा था पर मैं हाँथ हटा देती अब मैं भी पुरे नशे में आ चुकी थी।

उसने कहा की एक एक छोटा छोटा और लेंगे मैंने मना करना चाहा पर उसने मुझे अपनी ओर खिंचा बोला की रूपा क्यों इतना शरमा रही हो तुम मेरे गोद में बैठ कर पियो कौन हमे देख रहा है हम कुछ न करें तो भी किसी को विश्वास नहीं होगा की हमने कुछ नहीं किया है आज की रात एन्जॉय करो ये कह कर उसने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया और मुझे जबरदस्ती एक पूरा पेग पिला दिया और अपने भी लिया उसने मुझे भींचना शुरू कर दिया था।

उसका लंड मेरे निचे फील हो रहा था मैं तो फुल नशे में आ चुकी थी उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया मेरे होंठ और गाल को किस करते करते लाल कर दिया और चुचिओं को बेतहाशा दबाने लगा और नाइटी मेरे बदन से निकाल दिया और खुद का भी निकाल दिया अब उसने मेरे चुचिओं को पीना शुरू कर दिया मैं उसे रोक रही थी।

पर इस हालत में नहीं थी की विरोध कर सकूँ मेरा पूरा बदन ऐसा लग रहा था की मीठी गुदगुदी हो रही हो उसने अब मुझे गोद में उठाया और बैड पर लिटा दिया और मेरे ब्रा और पैंटी को शरीर से अलग हटा दिया अब वो मेरे पुरे बॉडी को चाटने लगा और मेरी चुत देख कर तो वो जैसे पागल हो गया बिलकुल चिकनी चुत थी।

उसने उसको भी उँगलियों से खेलने लगा उसने कहा की रूपा रानी तुम्हारी चुत तो एक दम कुंवारी लग रही है वो पागलों की तरह मेरे बगलों और बुर को चाटने लगा चूची भी पूरी कड़ी हो गयी थी वो निप्प्लेस को छेड़ने लगा और मुह में ले कर चूसने लगा उसका लंड बिलकुल लम्बा हो गया था लगभग ७” का था और मोटा भी।

उसने कहा की रूपा इसे हाँथ में तो लो तुम्हें अच्छा लगेगा मैं भी अब जोश में आ गयी थी मेरा पूरा शरीर अब पूरी मस्ती से भर गया था मैं उसके लंड को हाँथ में ले कर हिलाने लगी थी उसने कहना शुरू किया की रूपा डार्लिंग आज हमलोग सुहाग रात मना रहे हैं।

उसने कहा की मैं तुमसे कुछ भी नहीं छिपाऊंगा मैंने जान बुझ कर सुनीता और श्याम की मदद से तुम्हें यहाँ माने के लिए मजबूर किया उस दिन बुटिक में जब मैं तुम्हारा सेक्सी बदन देखा तो अपने आप में नहीं रह गया मेरा तो मन कर रहा था की उसी दिन तुम्हें चोद दूँ।

सुनीता ने कहा भी था की थोड़ी जबरदस्ती करोगे तो रूपा मना नहीं कर पायेगी पर मैंने सोंचा की तुम्हें किसी तरह से यहाँ ला कर हनीमून सूट में तुम्हारी जवानी का रस चखुंगा और तुम स्वतः मेरी बाँहों में आ जाओगी इस काम में सुनीता और श्याम ने मदद की है उन्हें यहाँ कोई काम नहीं है वो तो हम दोनों के बाराती हैं।

ये कह कर उसने मुझे लिप्लौक किस करने लगा प्रवीन बोला की ये देखो मैंने मंगलसूत्र भी लाया है और आज की रात तुम मिसेज प्रवीन हो उसने मुझे मंगलसूत्र पहना दिया और अपनी बाँहों में ले कर बेतहाशा चूमने लगा हम दोनों पुरे नंगे थे और एक दुसरे की बाँहों में खो से गए थे।

मैंने प्रवीन को बोला की अब जब तुमने मुझे मंगलसूत्र पहना दिया है तो अब मुझ पर तुम्हारा पूरा हक़ है अपनी रूपा को बाँहों में ले कर उसके पुरे बॉडी का कचूमर निकल दो हम दोनों के अंगों से स्त्राव शुरू हो गया था।

प्रवीन बोला की रूपा रानी तुम बहुत सुन्दर है और तुम्हारी बॉडी बिलकुल अप्सरा की तरह है जी चाहता है की ये रात ख़त्म ही ना हो और हम यूँही प्यार करते रहे अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा था मैंने प्रवीन को अपनी ओर खिंचा और कहा की अब तुम लंड तो घुसाओ मेरी चुत में लेकिन धीरे से इतना बड़ा लंड रखे हो तुम मेरे बुर का तो बाजा बजा दौगे।

प्रवीन ने कहा की कुछ नहीं होगा उसने मुझसे कहा की मेरे पति का कितना बड़ा है और वो मुझे कितनी बार चोदता है मैंने कहा की उसका चार इंच का है और हफ्ते में एक बार ही वो मुझे चोदते हैं प्रवीन बोला की ऐसा लगता है की तुम अभी भी जवानी का असली मजा नहीं ली हो आज तुम एक मर्द से चुदोगी।

पहली बार इतना कह कर वो अपना लंड मेरे चुत के ऊपर रगड़ने लगा और धीरे धीरे कर कर पूरा लंड बुर में घुसा दिया और झटके देने लगा मुझे शुरू में दर्द किया पर उसने मेरे लिप्स पर अपना लिप्स रख दिया ताकि मैं चिल्लआऊं नहीं मैं पुरे जोश में थी और कमर उचका उचका कर अपनी बुर में प्रवीन का लंड ले रही थी।

मैं चिल्लाने लगी की प्रवीन आज मेरी नथ उतार डालो जान खूब चोदो अपनी रूपा को जोर से करो ना और कसके जान फाड़ डालो मेरी चुत को राजा खा जाओ इसे कितना मजा आ रहा है प्रवीन पुरे स्पीड से चोदने लगा उसने मेरी दोनों चूची को दबा दबा कर पूरा लाल कर दिया था इतनी स्पीड में वो मुझे चोद रहा था की अचानक हम दोनों की जवानी के रस फुट पड़े और मेरी पूरी चुत भर गयी और हम एक दुसरे की बाहों में समा गए थोड़ी ही देर में प्रवीन फिर उठ खड़ा हुआ।

और बोला की रूपा रानी अब अपने पति का लंड चुसो न उसने तुरंत अपने लंड को मेरे होठों से लगा दिया और मुंह के अन्दर ठेल दियाऔर चुचियों को दबाते हुए पुरे बेग से अन्दर बाहर करने लगा अब हम दोनों पुरी रफ़्तार पकड़ चुके थे।

प्रवीन बोला रूपा अब मेरा लंड तुम्हारे पुए जैसी गांड को मारना चाहता है उसने मुझे पेट के बल लिटाया और अपने लंड और मेरी गांड में सं लगाया और धीरे कर कर घुसाने लगा उसने पुछा की कभी तुम गांड मरवाई हो मैंने बोला की मेरे हसबैंड अनाडी हैं बस ऊपर से ही किया है।

प्रवीन बोला की देखो मेरा लंड तुम्हारीहै चिकनी और दागरहित गांड मारने के लिए कितना उछल रहा है आज तुम्हारा ये पति तुम्हारी गांड मारेगा ये कह कर प्रवीन मेरी गांड में एक झटके से पूरा लंड पेल दिया मैं दर्द से कराहने लगी पर वो गांड मारना बंद नहीं किया और थोड़ी देर में मेरे गांड में ही अपना रस गिरा दिया फिर से हम एक दुसरे की बाँहों में समा गए हमने रात भर में छः बार चुदाई की और एक दुसरे से सट कर और बाहें डाल कर नंगे ही सो गए।

सुबह छः बजे हम फिर उठे और प्रवीन और मैंने कहा की आज सुबह सुबह की चुदाई भी कर ली जाये न जाने कब मौका मिले फिर उसने फिर मुझे चूम चूम कर पूरा उत्तेजित कर दिया और मेरी बुर में लंड डाल कर पेलने लगा मैं तेज आवाज निकाल रही थी और कहे जा रही थी।

की मेरे पति मेरे प्रेमी मेरी बुर देखो तुम्हारे के लिए रो रही है इसे संतुष्ट करो तुम्हारी जिम्मेवारी है इसे चुप कराने की प्रवीन बोला की मेरा लंड अपनी दोस्त तुम्हे बुर को पूरा संतुष्ट कर देगा तुम देखती जाओ ये कह कर वो तेज धक्के लगाने लगा और मैं चिल्लाना शुरू कर दी तब तक दरवाजे पर थाप सुनाइ दी सुनीता आवाज दे रही थी।

हम दोनों ने कहा किधक्का देने दो अब चुदाई के बाद ही खोलेंगे पर हमें ख्याल नहीं रहा की हमने दरवाजा अन्दर से लगाया नहीं है मेरी चुदाई हो ही रही थी की सुनीता और श्याम अन्दर आ गए पर हम तो एक दुसरे में खोए हुए थे मैं सुनीता और श्याम को देख कर चौंक गयी।

सुनीता मुस्कुराने लगी हैप्पी बिलेटेड सुहागरात रूपा माफ़ करना हमने तुम्हें सरप्राइज दे दिया उम्मीद है तुम्हे सरप्राइज पसंद आया होगा उनके आने के बाद भी प्रवीन ने चोदना नहीं छोड़ा और मुझे चोद कर मेरे बुर में अपना रस गिरा दिया इधर श्याम ने जब मुझे नंगी देखा और चुदते हुए देखा तो पुरे जोश में आ गया और मेरी चुचियों को दबाने लगा मैंने कहा प्रवीन मैं तुम्हारी बीवी हूँ दूसरा कोई कैसे हमें छू सकता है।

प्रवीन बोला की क्या फर्क पड़ता है अब तुम मंगलसूत्र निकाल दो श्याम तुम्हे पहना देगा और फिर तुम दोनों एक साथ सुहाग दिन मना लेना। ये एपिसोड अगले पार्ट में और मेरी मेल आई डी है “[email protected]”.


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