बुआ की ननद की बेटी चुदाई की खिलाड़िन

हाय फ़्रेन्डस, मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ। मेरा नाम शिवम है.. मैं गुजरात के बड़ोदरा शहर से हूँ।

नवरात्रि का समय था और मैं थोड़ा बीमार था.. सो मैं इन दिनों नवरात्रि में गरबा खेलने नहीं जाता था.. एक दिन मैं यूँ ही थोड़ा घूमने गया था.. वहाँ मुझे मेरी बुआ की ननद की बेटी का फ़ोन आया और उसने मुझे खुद के आने का समाचार दिया। वो मेरे घर से तकरीबन 80 मील दूरी से आ रही थी और वो उस रात मेरे घर ही रुकने वाली थी। मैं समय से घर पहुँच गया और उसके आने का इन्तजार करने लगा।

उसका दोबारा फ़ोन आया तो मैं उसको बस स्टैंड लेने चला गया। मैं उसको अपने घर लेकर पहुँचा तो मेरे घर पर उस वक्त कोई नहीं था। मैंने घर खोल लिया और उसको मेरे घर के गेस्टरूम में ले गया, वो मेरे घर की दूसरे मंजिल पर था। वो बोली- फ़्रेश होकर मुझे कपड़े बदलने हैं। मैं उससे बोला- मैं अपने कमरे में हूँ.. तुम कपड़े बदल लो.. फिर मुझे आवाज दे देना.. इतना कह कर मैं उस कमरे से अपने कमरे में आ गया।

अब मैं मेरे मोबाईल में वीडियो के गाने थे.. वो देख रहा था.. तभी उसने मुझे आवाज दी.. तो मैं उधर को गया। पर वो मुझे कमरे के बाहर कहीं नहीं दिखी.. तो मैं गेस्टरूम के पास गया। तो मालूम हुआ कि वो बाथरूम में थी। मैंने आवाज दी.. तो वो बोली- दरवाजा खुला है.. तुम अन्दर आ जाओ.. मैं अन्दर चला गया.. तभी उसने मुझसे तौलिया माँगा.. वो तौलिया ले जाना भूल गई थी.. जो मैंने दे दिया।

जब मैं उसको तौलिया दे रहा था उस वक्त मैं अपने मोबइल में मस्त था.. तो मैं मोबाइल देखते हुए उसको तौलिया देने लगा.. उस पर मैंने ध्यान ही नहीं दिया और मैं अपने कमरे में वापिस आ गया।

थोड़ी देर बाद उसने फिर आवाज दी.. तो मैं वापस उसके कमरे में गया। तो उसकी चोली की ब्लाउज की डोरी उससे बंध नहीं रही थी.. जो उसने मुझसे बाँधने को बोला.. सो मैं उसके पास गया और मैं उसकी चोली की डोरी बाँधने लगा।

तो अचानक पता नहीं क्या हुआ कि वो मेरे ऊपर पीठ के बल गिरी.. तो मैं उसको और खुद को संभालने लगा। इसी चक्कर में उसके ब्लाउज की डोरी टूट गई और उसका ब्लाउज ऊपर को हो गया।

मेरा हाथ उसको संभाले हुए थे.. इसी वजह से मेरे हाथ उसके मम्मों पर चले गए.. लेकिन मैं तब सेक्स के बारे में ज्यादा नहीं जानता था.. क्योंकि मेरी उम्र अभी 18 साल की हुई थी। मैं सेक्स की बातों में और सेक्स के लिए उन दिनों अधिक रूचि नहीं लेता था। सो मैं इसे एक हादसा समझ कर कमरे से बाहर जाने लगा था। लेकिन वो पीछे से आकर मुझे लिपट गई।

मैंने चौंक कर बोला- ये क्या कर रही हो? तो बोली- मैं तुम्हें चाहती हूँ.

. और वो मौका आज मुझे मिल रहा है.. ‘फ़िर भी तुम मेरी बहन जैसी हो.. और मैं तुमसे कुछ नहीं कर सकता।’ यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैं इतना कह कर वापिस अपने कमरे में जाने लगा। तो उसने मुझे और जोर से जकड़ लिया और उसने एक हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया। दोस्तो, आखिर मैं भी तो एक मर्द हूँ.. फिर भी मैं अभी इस बारे में नया था.. पर वो सब जानती थी, शायद वो खेली खाई थी.. इसलिए वो मुझसे सेक्स करना चाहती थी। जो मुझे सेक्स करने के समय पता चला तब वो शादी-शुदा औरतों के जैसे खुली हुई थी। उसके बहुत सारे ब्वॉयफ़्रेन्ड थे और वो सभी के साथ चुदाई कर चुकी थी।

चलिए मुख्य बात पर आते हैं। जब उसने मुझे पकड़ लिया और चोदने की जिद करने लगी। तो उसके बाद उसके साथ सेक्स करने के लिए मैंने ‘हाँ’ कह दी.. जिस पर उसने मुझे छोड़ दिया।

अब मैंने पलट कर उसको अपनी बाँहों में ले लिया और उसके होंठों पर चुम्बन करने लगा। वो भी मेरा साथ दे रही थी लेकिन वो मुझसे पहले ही उत्तेजित थी तो उसने अधिक चूमा-चाटी नहीं करने दी और वो सीधे मेरे ऊपर आ गई। मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और उसने भी अपने कपड़े खुद ही उतार फेंके।

फिर वो 69 की पोजीशन में हो गई और वो मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरे मुँह के पास उसकी चूत थी.. जो मैंने पहली बार देखी थी। मैं सेक्स के बारे में अन्जान था.. वो उसे भी पता था तो उसने मुझसे कहा- मेरी चूत चाटो..

तो मुझे थोड़ा ऐसा करना बुरा लगा.. पर उसने मेरे मुँह पर जबरन अपनी चूत रख दी। मैं चूत चाटने को मना करता रहा.. पर वो नहीं मानी। बाद में मुझको चूत चाटने में मजा आने लगा.. तो मैंने उसकी गुलाबी चिकनी चूत खूब चाटी.. मेरी जबरदस्त चूत चुसाई से वो एक बार झड़ चुकी थी और मैं भी अपना लौड़ा चुसवा कर एक बार झड़ चुका था।

वो मेरा माल पी गई थी और मैं भी उसकी चूत का पूरा पानी पी गया।

उसके बाद वो मेरे पूरे बदन पर चूमा-चाटी करने लगी। वो मेरे बगल में चित्त लेट गई। मैंने उसके चूचों को मसलना शुरू कर दिया और मैं उसके ऊपर चढ़ गया। मैंने तबियत से उसके पूरे बदन को चूमा और चाटा। बाद में मैंने फ़िर से उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।

थोड़ी देर में वो फ़िर से चुदने के लिए तैयार हो गई और वो बड़बड़ाने लगी- जल्दी.. मुझे चोद दो.. चोद दो.. मैं समझ गया कि अब वो मेरा लण्ड अपनी चूत में लेने के लिए तैयार है।

मैं अपना खड़ा लण्ड उसकी चूत में डालने के लिए तैयार हुआ.
. तो उसने मुझे रोका और बोला- ड्रेसिंग टेबल पर एक पैकेट रखा है.. उसमें कन्डोम है.. वो निकाल कर अपने लण्ड पर पहन लो।

तो मैंने वैसा ही किया। फ़िर उसकी चूत पर अपना लण्ड रख के थोड़ा धक्का दिया.. तो लण्ड आधा अन्दर चला गया। उसके मुँह से एक हल्की सी सिसकारी निकली। मैंने दूसरा धक्का दिया तो मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसता चला गया। फ़िर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए और ये हमने 10 मिनट तक किया, उस दरमियान वो झड़ चुकी थी।

अब मैं भी झड़ने ही वाला था.. तो मैंने उससे पूछा- माल कहाँ लेगी? तो बोली- मेरे मुँह में.. मैंने लण्ड को कन्डोम से निकाल कर उसके मुँह में दे दिया.. वो लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। लगभग 5 मिनट बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया।

यह मेरी पहली रसीली चुदाई थी जो मैंने आप सभी से शेयर की है। मुझे आप सभी के कमेंट्स जानने की उत्सुकता है.. प्लीज़ मुझे ईमेल जरूर कीजिएगा। [email protected]

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