रात को आ जाना.. बहुत कुछ दूँगी

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दोस्तो, मेरा नाम वीरेन्द्र है.. बीकानेर का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 22 साल है और अभी सीए फाइनल कर रहा हूँ और अभी जोधपुर अपनी पढ़ाई के लिए रहता हूँ।

यह मेरी जिन्दगी की पहली घटना है.. जो मैं आपको अभी बताने जा रहा हूँ। मैंने अपनी जिन्दगी की पहली चुदाई का आनन्द जिसके साथ लिया उसका नाम प्रियंका है।

मैं उस वक़्त 12वीं में पढ़ता था और जैसा कि इस उम्र में सब चोदने के लिए बेकरार रहते हैं.. मेरी भी कुछ ऐसी ही हालत थी। मुझे शादीशुदा औरतें पसंद आती हैं और एक दिन मुझे वो मिल ही गई।

हुआ कुछ ऐसे कि वो मेरे पड़ोस वाले घर में रहती थी.. उसकी शादी को 4 साल हो गए थे और अब तक उसके कोई बच्चा नहीं था। वो ज्यादातर अपने पीहर में ही रहती थी।

वो दिखने में सुन्दर थी और उसका फिगर बहुत ज्यादा अच्छा था। उसका पूरा जिस्म भरा हुआ था। जब भी उसको देखता.. दिल करता अभी उसको चोद दूँ।

उसका फिगर 34-30-36 का था। मैं उसके बारे में सोच-सोच कर बहुत मुट्ठ मार चुका था और अब कैसे भी करके उसकी चूत चोदना चाहता था.. और एक दिन मुझे मौका मिल ही गया।

उसका भाई मेरे साथ पढ़ता था.. तो मेरा उसके घर आना-जाना था और ऐसे ही एक दिन मैं उसके भाई के पास उसके घर गया.. लेकिन वो किसी काम से बाहर गया हुआ था। प्रियंका अपनी माँ और बहन के साथ वहीं बाहर ही बैठी थी.. तो मैं भी वहीं बैठ गया।

मैं प्रियंका के पीछे जाकर बैठ गया और उसके घर वालों से बातें करने लगा। प्रियंका की पीठ मेरी तरफ थी.. उसकी ब्रा कपड़ों के ऊपर से साफ दिख रही थी। यह देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। मेरा मन तो किया अभी चोद दूँ साली को.. लेकिन आपको पता है कंट्रोल करना पड़ता है।

मैंने उसकी कमर पर अपना हाथ फेरा उसने कुछ नहीं कहा। मैं उसकी कमर पर थोड़े पल बाद फिर से हाथ चलाने लगा.. लेकिन अबकी बार उसने मुझे घूर कर देखा और मना कर दिया।

उसी वक़्त बारिश होने लगी.. तो उसकी माँ ने कहा- ऊपर कुछ सामान पड़ा है.. उसे जल्दी ले आओ.. नहीं तो भीग जाएगा। तो मैं और प्रियंका ऊपर लेने गए।

ऊपर जाने पर मैंने प्रियंका को पकड़ लिया और चूमने लगा.. लेकिन उसने मुझे अपने से दूर कर दिया और बोली- पागल है क्या.. कोई देख लेगा..

मैं दूर हो गया और जल्दी से काम करके नीचे जाने लगे और सीढ़ियों में मैंने उसको फिर पकड़ लिया और बोला- यहाँ तो कोई भी नहीं देखने वाला.. अब किस दे दे..

उसकी माँ नीचे हमारा इंतजार कर रही थी.. तो उसने कहा- अभी जल्दी से नीचे चलो.. आज रात को 10 बजे पीछे वाले कमरे में आ जाना.. फिर किस क्या.. बहुत कुछ दूँगी। और जाते-जाते मुझे हल्का सा किस देके चली गई।

मैं जो चाहता था.. आज मुझे मिल गया। मुझे और क्या चाहिए.. मैं खुशी-खुशी घर आया और रात का इंतजार करने लगा। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

फिर जैसे-तैसे करके रात हुई और मैं घर पर अपने दोस्त के घर पढ़ने का बोल कर निकल गया। मैं सीधा उसके घर में पीछे की तरफ से घुस कर अन्दर गया।

आगे मेरी रानी तैयार थी। मैं जल्दी से अन्दर गया और दरवाजा बंद करके उसको किस करने लगा, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं साथ में उसके मम्मों को दबाए जा रहा था।

अब मेरे से सहन नहीं हो रहा था.. मैंने जल्दी से उसके ऊपर के कपड़े हटाए और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मों को दबाने लगा.. उसके चूचे बहुत बड़े थे.. मेरे हाथों में ही नहीं आ रहे थे।

मैंने अपनी जिन्दगी में पहले किसी भी औरत को बिना कपड़ों के नहीं देखा था तो मैं उसको देख कर ही पागल हुआ जा रहा था, मैंने उसके पूरे कपड़े हटा कर उसको नंगी कर दिया और मेरे कपड़े उसने हटा ही दिए थे।

अब मैं उसके पूरे जिस्म पर चूम रहा था और वो बिस्तर पर आराम से लेटी मजे ले रही थी। मैं उसको चाटते-चाटते उसकी चूत तक चला गया और चूत को चूमने लगा।

उसकी चूत कमाल की थी यार.. फूली हुई ऊपर को उठी हुई.. देख कर ही मजा आ गया था।

वो मेरा सर अपने हाथों से पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी और मैं उसकी चूत को और जोर-जोर से चाट रहा था।

उसकी चूत को कभी उसके पति ने भी नहीं चाटा था.. तो उसे बहुत मजा आ रहा था.. जो उसके चेहरे से साफ़ पता चल रहा था।

काफी टाइम तक चूत चाटने के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मैं फिर से ऊपर मुँह के पास जाकर उसको किस करने लगा।

अब मैंने उसको मेरा लंड चूसने को कहा तो उसने ‘ना’ कर दिया और मुझे किस करने लगी। मुझे भी किस करना सबसे अच्छा लगता है.. तो मैं भी मज़े से किस करने में लगा रहा.. साथ में उसके दूध को मसलता और चूत में उंगली करता जा रहा था।

अब वो मेरे लंड की मुट्ठ मारने लगी और मेरा लड़की के हाथों में पहली बार ऐसा हो रहा था.. तो मैं अपने आप पर कंट्रोल नहीं रख पाया और मेरा वीर्य निकल आया।

अब दोनों एक बार फ्री हो चुके थे और एक-दूसरे से चिपके हुए लिपटे पड़े थे। तब उसने बोला- आज के बाद कभी किसी के सामने मुझे टच मत करना.. जैसे आज कर रहे थे.. अकेले में जब मिलो.. तो जो चाहे करो कोई रोकने वाला नहीं है।

फिर मैं उसके मम्मों को चूसने और काटने लगा। वो ‘सी सी.. आह.. आह..’ करके मज़े ले रही थी। मेरा लंड दुबारा खड़ा हो चुका था और उसकी चूत में डुबकी लगाने को तैयार था।

मैंने उसको सीधा लिटाया और लंड को उसकी चूत के पास ले जाकर चूत के बाहर फिराने लगा.. इससे उसकी तड़प बढ़ती जा रही थी और उससे सहन नहीं हुआ.. तो उसने अपनी गांड उठा कर मेरा लंड थोड़ा अपनी चूत में ले लिया।

मैंने भी देर न करते हुए अपना लम्बा लंड उसकी चूत में डाल दिया। उसकी चूत अन्दर से गीली हो रखी थी.. लंड आसानी से अन्दर चला गया। अब वो नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड अन्दर लेने लगी और मैं भी जोर-जोर से झटके मारने लगा।

थोड़े टाइम बाद वो मेरे ऊपर आ गई और मैं नीचे आ गया। अब वो सारा काम अपने आप करने लगी मैं बस नीचे पड़ा था।

मुझे बहुत मजा आ रहा था.. पहली बार करके थोड़े टाइम बाद मेरा निकलने वाला था। मैंने उसको अपने नीचे लिया और जोर-जोर से चोदने लगा और थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ ही झड़ गए।

मैं उसकी बगल में ही लेट गया और फिर उस रात मैंने उसके साथ एक बार और सेक्स किया था।

दोस्तो, मैंने पहली बार अपनी ज़िंदगी में सेक्स किया था.. मुझे बहुत मज़ा आया था।

फिर रात में अपने घर आकर सो गया।

प्यारी-प्यारी भाभियों और लड़कियों आप सबकी चूत को मेरी तरफ़ से प्यारी सी किस और आप सब बताना मेरी पहली चुदाई की दास्तान कैसी लगी।

दोस्तो, कोई ग़लती हुई हो.. तो मुझे माफ़ करना.. आप सबके मेल के इन्तज़ार में आपका वीरेंदर। [email protected]

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