गांडू साढ़ू प्यासी साली की प्यास बुझाई

आपको याद होगा कि किस तरह मेरे पति रवि ने मेरी बहन सपना की चुदाई की थी और बदले में मैंने किस तरह सपना के पति निखिल के लंड का स्वाद चखा था।

मेरी सबसे छोटी बहन मीना की शादी छः महीने पहले हुई थी, वो अपने पति राकेश के साथ आगरा में रहती थी। पिछले दिनों रवि को आगरा जाना था, दो दिन का काम था इसलिये मैंने मीना को रवि के दौरे के बारे में खबर कर दी।

रवि की ट्रेन सुबह के समय आगरा पहुंची। वो रात में ठीक से सो नहीं पाया था इसलिये थका-थका सा मीना के घर पहुंचा। रवि ने राकेश के बारे में पूछा तो पता चला कि वो जल्दी ही दफ्तर चला गया है।

रवि से बातचीत में मीना कुछ अनमनी सी लग रही थी।

रवि नहाने के लिये बाथरूम में चला गया… नहा कर वो बाहर निकला तो मीना बार-बार गर्मी लगने की बात कहने लगी। रवि ने कहा- तू भी नहा ले… गर्मी दूर हो जायेगी। लेकिन मीना बोली- ..नहीं जीजू ..नहाने से कुछ नहीं होगा।

मीना का जवाब सुनकर रवि चौंक गया लेकिन उसने फिर कहा- नहा लो साली जी… आराम मिल जायेगा।

रवि की बात मान कर मीना नहाने चली गई लेकिन बाथरूम से वो निकली तो एक छोटा सा नेकर और छोटी सी टी शर्ट पहन कर निकली।

मीना की जवानी को देखकर रवि के लंड में हरकत होने लगी थी।

रवि नाश्ता करने बैठा तो मीना फिर गर्मी-गर्मी करने लगी। रवि ने उसे अपने पास बैठाया और पूछा- क्या बात है.. क्या गर्मी गर्मी कर रही है? रवि की बात सुनकर मीना रुआंसी हो गई, कहने लगी- जीजू बोलने में भी शर्म आ रही है।

रवि ने कहा- बताएगी नहीं तो समस्या का हल कैसे निकलेगा? इस पर मीना बोली- जीजू अब राकेश मेरे साथ नहीं करते।

रवि ने चौंकते हुए कहा- भई… शादी हुए छः महीने हुए हैं.. क्या राकेश की कोई गर्लफ्रैंड है? मीना ने कहा= कोई नहीं है… बस दोस्तों के साथ नया शौक पाल लिया है।

रवि ने कहा- ..साफ साफ बता! और मुझसे शर्माएगी तो ज्यादा नुकसान होगा। मीना अब शर्म हया छोड़ कर बोली- शादी के बाद पहले महीने तो सब ठीक चला.. दिन रात मेरी चुदाई होती थी लेकिन इसके बाद इनका तीन दोस्तों से मिलना जुलना बढ़ गया, अब रात में उन्हीं के साथ मस्ती करते हैं।

रवि ने फिर पूछा- क्या कोई लड़की भी होती है? मीना बोली- नहीं सब दोस्त एक दूसरे की गांड मारते हैं।

रवि ने पूछा- क्या तूने खुद देखा है? मीना बोली- हाँ एक बार मेरे घर पर ही पार्टी हुई थी। तब तीन दोस्तों ने राकेश की गांड मारी थी। इसके बाद से राकेश उसकी गांड ही मारते हैं।

मीना की आँखों से आंसू बह रह थे, उसने अपना सिर रवि के कंधे पर टिका दिया। रवि ने हल्के से मीना को सहारा दिया और अपनी गोदी में खींच लिया।

दोनों के होंठ आपस में चिपक गये।

साली और भाभी की चुदाई का मजा ही अलग होता है। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

पांच महीने की प्यासी मीना.

. बीस साल की जवानी… उसने रवि को सोफे पर ही पटक दिया और अपना टॉप उतार फेंका।

उफ मीना की चूचियाँ… इतनी टाइट थीं कि रवि ने पूरी ताकत से लगा कर मुंह में भर लिया।

मीना दर्द से कराहती हुई बोली- जीजू जोर जोर से पियो, मजा आ रहा है। दोनों की कुश्ती जारी थी..

रवि ने मीना को गोदी में उठाया और पलंग पर लिटा दिया। अगले ही झटके में मीना का लोअर और कच्छी हवा में उड़ रही थी।

रवि ने अपनी जीभ मीना की चूत में घुसा दी। मीना की गांड उछलने लगी थी।

अचानक मीना पागल सी हो उठी, उसने रवि को एक तरफ फेंका और उसका लंड अपने मुंह में भर लिया। रवि का लंड साली की जवानी को संभाल नहीं सका और उसकी पिचकारी छूट गई। मीना ने लंड के पूरा माल पी-पीकर साफ कर दिया।

रवि का लंड ठंडा पड़ गया था।

मीना बोली- जीजू.. चूत तो अभी गर्म है लेकिन मजा आ गया। तुम दो घंटे आराम कर लो, उसके बाद मेरी चुदाई करना। लेकिन रवि ने कहा- साली जी.. बस दस मिनट का समय दो…

और दस मिनट के बाद रवि का लंड फिर फनफना रहा था। इस बार मीना खुद रवि के ऊपर चढ़ गई और अपनी चूत की गर्मी को ठंडा कर लिया।

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