फ़ेसबुक गर्लफ्रेंड होटल में चूत चुदवाने आई

मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ कर मुझे लगा कि मुझे भी अपनी कहानी लिखनी चाहिये.. तो दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है.. मुझसे कोई गलती हो.. तो माफ करना।

मेरा नाम राहुल राठौड़ है। मैं जयपुर में पढ़ता हूँ और अभी बी.टेक. के फाईनल ईयर में हूँ। मेरी हाईट 6 फुट है.. दिखता भी अच्छा हूँ। मेरा लण्ड भी लंबा है। यह कहानी आज से चार महीने पहले की है.. तथा कहानी के नाम काल्पनिक हैं।

यह कहानी मेरे और मेरी गर्लफ्रेण्ड के बारे में है। उसका नाम अंजलि है.. वो दिल्ली की है, उसका फिगर 36-30-34 का है, वो बहुत मस्त माल है।

हम दोनों फेसबुक पर मिले थे, धीरे-धीरे बात हुई फिर उसने मेरा नंबर लिया और हम दोनों अक्सर फोन पर बात करने लगे। एक दिन उसने मुझसे बोल ही दिया- मैं तुमसे प्यार करती हूँ क्या तुम मेरे ब्वॉयफ्रेण्ड बनोगे? मैं भी उससे प्यार करता था.. तो मैंने ‘हाँ’ कर दी।

फिर बात करते-करते एक दिन उसने बोला- मिलने कब आओगे? तो मैंने बोला- होटल चलोगी तो आऊँगा। अंजलि बोली- तुम आओ तो सही.. बाकी सब मैं देख लूंगी।

मैं दूसरे ही दिन लण्ड के बाल बना कर दिल्ली के लिए बस में बैठ गया और उसको भी बोल दिया कि चूत के बाल साफ कर लेना.. मुझे चकाचक चिकनी चूत पसंद है।

दिल्ली में धौलाकुआँ पहुँच कर मैंने अंजलि को फोन किया, पांच मिनट में वो आ गई, उसे देखते ही लण्ड खड़ा हो गया, मन किया कि यहीं पटक कर चोद दूँ.. एकदम मस्त माल लग रही थी।

टाईट कपड़े पहने होने के कारण उसकी गांड और मम्मे दोनों मस्त लग रहे थे, मन हो रहा था सारा दूध निचोड़ कर पी जाऊँ।

वहाँ से हम गुड़गांव चले गए.. वहाँ एक होटल में कमरा बुक किया और अन्दर चले गए। कमरे में अन्दर जाते ही मैंने दरवाजा अन्दर से बन्द किया और उस पर टूट पड़ा।

मैं उसके मम्मों को दबाने लगा.. तो वो बोली- जानू आराम से करो ना.. अब तुम्हारी तो हूँ ही।

फिर मैं उसके होंठों को चूसते हुए उसके कपड़े उतारने लगा और एक-एक करके सारे कपड़े उतार कर उसे नंगी कर दिया। वो बोली- मेरे कपड़े तो उतार दिए लेकिन अपने नहीं उतारे। मैंने कहा- खुद उतार दो।

मेरे कहते ही उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए।

फिर हम धीरे-धीरे चुम्बन करने लगे और वो मेरे लण्ड को सहलाने लगी।

मुझे जोश आ गया और मैं जंगली तरीके से उसे किस करने लगा और उसके स्तन चूसने और काटने लगा। क्या मस्त दूध थे उसके.

. मन कर रहा था कि खा जाऊँ।

फिर मैंने उसको लिटा दिया और उसके पूरे शरीर को चाटने और काटने करने लगा, वो सिसकारियाँ लेने लगी और खुद ही अपनी चूत में उंगली करने लगी।

फिर मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में दे दिया तो वो लपालप लंड चूसने लगी।

जब वो लण्ड चूस रही थी… तो ऐसा लग रहा था.. जैसे जन्नत में होऊँ… मैं सातवें आसमान में पहुँच गया और उसके मुँह को चोदने लगा.. तेज-तेज धक्के मारने लगा।

फिर मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ.. तो मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया।

अब अंजलि बोली- चूत चाटो ना मेरी.. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैं चूत की तरफ गया तो देखा कि उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी, मैंने उसकी चूत को उंगलियों से चौड़ा किया और जुबान से चूत चाटने लगा।

वो ‘आहहह.. ऊहहह.. मम.. ओओह..’ करके सिसकारियाँ लेने लगी। उसकी आवाजों को दबाने के लिए मैंने टीवी चालू कर दी और वापस उसकी चूत चाटने लगा, कुछ देर तक उसकी चूत चाटता रहा।

वो बहुत ज्यादा गर्म हो गई और मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी और अपने दूध भी दबा रही थी।

थोड़ी देर बाद अंजलि बोलने लगी- फक मी.. फक मी.. तो मैंने भी सोचा कि लोहा गर्म है, हथौड़ा मार देता हूँ। मैं अपना लण्ड उसकी चूत पर घिसने लगा.. तो वो अजीब-अजीब सी आवाजें निकालने लगी ‘आहहहह.. उउउहह.. उउमम..’ वो जल्दी से चोदने को बोलने लगी।

मैंने अपना लण्ड सैट किया और अभी टोपा ही अन्दर डाला था कि दर्द के कारण वो बाहर निकालने का बोलने लगी। मुझे पता था कि एक बार निकाल दिया तो दोबारा नहीं डलवाएगी, मैं ऊपर से ही धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा।

थोड़ी देर बाद वो भी बोलने लगी- तेज-तेज करो.. मैंने जोर से धक्का मारा और पूरा लण्ड अन्दर डाल दिया, वो दर्द से छटपटाने लगी, मैं उसे तेज-तेज चोदता रहा, वो सेक्सी आवाजें निकालती रही।

मेरा पहली बार था तो मैं जल्दी ही झड़ गया।

फिर 10 मिनट बाद वापस लण्ड खड़ा हो गया और मैं फिर से उसे चोदने लगा, मैं ताबड़तोड़ धक्के लगाता रहा, उसके मुँह से आवाजें आने लगीं ‘आआहह.. आआहहहह..’ उसने टांगें उठा कर मेरी कमर को जकड़ लिया।

इस बार काफी देर तक चोदता रहा.. उसे अलग-अलग आसन में चोदता रहा.. घोड़ी बना कर.. लिटा कर.. खूब चोदा। इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी लेकिन मेरा छूटने का नाम नहीं ले रहा था।

उसने मुझसे कहा- मेरी कोचिंग का टाईम हो रहा है.
. जल्दी कर लो।

मैंने कुछ देर और उसकी चूत को चोदा और पानी निकाल दिया। कुछ देर मैंने उसे जाने दिया।

रात में मैंने फोन करके पूछा- कैसी लगी चुदाई? अंजलि ने कहा- बहुत मस्त.. कल और करेंगे।

दूसरे दिन वो फिर आ गई.. तो मैंने उसको दो बार चोदा। फिर मैं वापस जयपुर आ गया।

थोड़े दिन बाद उसने बात करना बंद कर दिया और बोली- मेरी शादी होने वाली है.. अब मैं बात नहीं करूंगी। मैं फिर से अकेला हो गया।

यह थी मेरी पहली चुदाई की कहानी.. एकदम सच्ची.. इसमें कुछ भी झूठ नहीं है। इस कहानी के बारे में अपनी राय जरूर दें। जल्द ही लौटूंगा नई कहानी के साथ। [email protected]

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