मैंने मामा मामी की चूत चुदाई देख मुठ मारी

मैं लखनऊ में रहने वाला एक 20 वर्षीय नौजवान हूँ।

यह घटना दो साल पहले हुई थी, यह कहानी मेरे मामा मामी के सेक्स की है जो मैंने अपनी आँखों से देखा था।

मेरे मामा-मामी दिल्ली में रहते हैं, वे अकसर काम के लिए सिटी से बाहर रहते हैं।

उन दिनों मैं अपने मामा के घर गया हुआ था। उस दिन सुबह मेरे मामा भी घर लौटे थे। हम लोग दोपहर को खाना खा कर लिविंग रूम में बैठे थे। मैं सोफे पर बैठ कर किताब पढ़ रहा था, टीवी ऑन था..

तभी मेरी मामी पानी पीने के लिए वहाँ से गईं। उनके जाने के थोड़ी देर बाद मेरे मामा भी वहाँ उनके पीछे चले गए।

मैंने सोचा कि पानी पीने गए होंगे। मैंने मुड़ कर धीरे से उन्हें देखा.. उस वक्त मामा अपना हाथ मामी की गांड पर घुमा रहे थे। मुझे उस सीन को देखने में मजा आ ही रहा था कि वो वापस आने को घूमे।

मैंने जल्दी से अपना मुँह फेर लिया, उनको पता ही नहीं चला कि मैंने उनको मामी की गांड पर हाथ फेरते हुए देखा है। कुछ पल बाद मामी भी आ गईं।

थोड़ी देर सोफे पर बैठ कर टीवी देखने के बाद मामा अपने कमरे में चले गए, उन्होंने जाते हुए कहा- अब मैं थोड़ा आराम करता हूँ। मैं और मेरी मामी वहीं बैठे थे।

पाँच मिनट बाद मामी भी वहाँ से अपने कमरे में चली गईं। मैंने सोचा ‘आज जरूर कुछ देखने को मिलेगा।’ यह सोच कर मैं उनके कमरे के पास गया और की-होल से उन्हें देखने लगा। मामी ड्रेसिग टेबल के पास बैठ कर अपने बाल ठीक कर रही थीं और मामा उनके पीछे खड़े होकर मामी के मम्मों को सहला रहे थे। मेरे मामी के मम्मों लगभग 36 नाप के होंगे।

मामा- बहुत दिनों से तुम्हारी चूत नहीं मारी। मामी- हाँ वो तो मैं समझ ही गई थी.. जब तुमने मेरी गांड पर हाथ फिराया था।

मामी बैठी थीं और मामा साड़ी के ऊपर से ही उनके मम्मों को हौले-हौले दबा रहे थे। मामा ने कहा- तुम्हारे चूचे तो अभी भी मस्त कड़क हैं.. दबाने में मज़ा आता है।

अब मामी खड़ी हो गईं और मामा के होंठों पर अपने होंठों रख कर चुम्बन करने लगीं। मामा के हाथ मामी की गांड और कमर पर घूम रहे थे। मामी के चूतड़ों का साइज़ लगभग 38 इंच का होगा।

मामी ने कहा- चलो अब मुझे बिस्तर पर ले चलो। मामा ने उन्हें गोद में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया, अब वो मामी के ऊपर चढ़ गए थे। वे उन्हें होंठों पर चूम रहे थे और उनके मस्त मम्मों को दबा रहे थे। मामी के हाथ मामा के चूतड़ों पर फिर रहे थे।

कुछ देर मस्ती करने के बाद चुदास भड़क गई होगी तो मामा ने मामी को खड़ा किया और उनकी साड़ी और पेटीकोट को निकाल दिया। इसके अगले ही पल मामा ने उनका ब्लाउज भी निकाल दिया। मामी ने भी मामा की शर्ट और पैन्ट निकाल दिया था।

अब मामा सिर्फ़ चड्डी में थे उनका लंड खड़ा दिखाई दे रहा था। मामा ने ग्रे कलर की क्रॉस चड्डी पहनी हुई थी। मामी भी ब्रा और पैन्टी में थीं। मामी की स्किन थोड़ी ब्राउन है लेकिन उनका बदन बहुत चिकना है। उनके बड़े चूचे वाइट ब्रा में क़ैद थे और उन्होंने येल्लो कलर की पैन्टी पहनी हुई थी। उनका चिकना बदन बहुत ही सेक्सी लग रहा था। मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, मैं बाहर खड़े-खड़े मुठ मार रहा था।

अब मामाजी मामी के पूरे बदन पर चुम्बन कर रहे थे। उनका एक हाथ मामी के मम्मों पर था तो दूसरा हाथ मामी की गांड को दबा रहा था। मामी भी उनके लंड को अपने हाथ में लेकर खेल रही थीं।

मामी के मुँह से धीरे धीरे कामुक आवाज़ निकल रही थी- उम्म्ह… मुम्म… अय…

मामा ने उनकी ब्रा निकाल दी, मामी के चूचे एकदम से बाहर आ गए, उनके चूचे बहुत ही बड़े और एकदम गोल व तने हुए थे, उनके मम्मों के निप्पलों का रंग डार्क ब्राउन था, उनके निप्पल एकदम कड़क हो गए थे।

मामा एक निप्पल पर अपनी जीभ फिराते हुए चूची को चाटने लगे और दूसरी चूची को अपने हाथ से दबाने लगे। मेरी मामी के हाथ मामा के अंडरवियर के ऊपर से ही मस्ती कर रहे थे।

उधर मामा बारी-बारी निप्पल बदल-बदल कर चूस रहे थे और एक हाथ से मामी की पैन्टी के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाने में लगे थे। मामी की पैन्टी थोड़ी गीली लग रही थी।

थोड़ी देर चूत सहलाने के बाद मामी ने कहा- मुझे तुम्हारा लंड चूसना है। तो मामा ने अपना अंडरवियर निकाल दिया, उनका लंड काफी लंबा और मोटा था।

मामी ने उनके लाल टोपे पर अपनी जीभ फेरनी शुरू कर दी थी, मामा के हाथ मामी के बालों में घूम रहे थे, मामा लंड बहुत कड़क हो गया था। मामी पूरा लंड मुँह में लेकर आगे-पीछे कर रही थीं, मामा भी उनके सर को पकड़ कर अपनी कमर को हिला रहे थे।

यह सब देख कर मेरा लंड भी अब सख्त हो गया था।

मामा ने मामी को बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी पैन्टी को निकाल दिया। मामी की चूत पर काले बाल उगे हुए थे। मामा ने चूत को सहलाया और चूत को चाटने लगे। मामी ने कहा- मैं कब से तड़प रही थी.

. आज इसे शांत कर दो।

यह सुन कर मामा अपनी जीभ चूत में अन्दर-बाहर करने लगे। मामी अपने हाथ से मामा के सर को अपनी चूत पर दबा रही थीं और उनके मुँह से मादक सिसकारी निकल रही थीं।

मामा ने अपनी एक उंगली चूत में डाल दी और ज़ोर से अन्दर-बाहर करने लगे। थोड़ी देर बाद मामा ने दूसरी उंगली भी चूत में पेल दी। मामी की चूत बहुत ही गीली हो गई थी। अब मामा ने एक उंगली चूत से बाहर निकाली और मामी की गांड में डाल दी.. मामी जोर से चीख पड़ीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह…

लेकिन मामा धीरे-धीरे उनकी गांड में उंगली को अन्दर-बाहर करने लगे।

मामी बहुत ही चुदासी हो गई थीं, मामी ने कहा- अब जल्दी से मुझे चोद दो.. अब देर मत करो प्लीज़। तो मामा ने उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा.. मामी झट से कुतिया बन गईं। मामी की गांड बहुत बड़ी दिख रही थी। अब तक मैंने उनको कपड़ों में ही देखा था। बिना कपड़ों के तो उनकी गांड बहुत ही बड़ी दिख रही थी।

मामा ने मामी के दोनों चूतड़ों पर जोर से दो थप्पड़ मारे.. मामी के मुँह से मस्त आवाज़ निकल गई, उनके चूतड़ लाल हो गए।

अब मामा अपना लंड मामी की गांड के छेद पर रगड़ने लगे। मामी डर के मारे घूम गईं.. मामी ने कहा- अभी चूत में ही चुदाई करो.. रात को गांड मार लेना.. अभी बहुत दर्द होगा.. तो मैं सह नहीं सकूँगी।

तो मामा उन्हें सीधे लिटा कर उनके पैरों के बीच में बैठ गए। अब लंड को मामी की लपलपाती चूत पर रगड़ने के बाद एक झटका दिया.. तो लंड थोड़ा अन्दर घुस गया। मामी के मुँह पर दर्द के भाव आ गए थे।

अब मामा-मामी के ऊपर लेट गए और किस करने लगे, उनके हाथ मामी के मम्मों पर चल रहे थे और वे मामी की चूत में धीरे-धीरे धक्के भी लगा रहे थे।

थोड़ी देर बाद मामा ने अपनी स्पीड बढ़ा दी थी.. तो मामी भी उन्हें रेस्पॉन्स दे रही थीं।

कुछ देर बाद मामा ने ऐसे ही चुदाई की.. बाद में मामा ने कहा- अब थोड़ी देर तुम ऊपर आ जाओ। मामी उनके लंड को चूत पर फिट करके ऊपर बैठ कर ऊपर नीचे होने लगीं। मामी के चूचे और उनकी गांड बहुत बड़े दिख रहे थे।

थोड़ी देर तक लौड़े की सवारी करने के बाद मामा ने उन्हें एकदम से पकड़ कर नीचे कर दिया और वो उनके ऊपर सवार हो गए.. और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगे।

मैं धकापेल चुदाई की मधुर आवाज ‘ठप.. ठप..’ सुन रहा था, मैं समझ गया कि अब दोनों का पानी निकलने वाला है।

मामा ने ज़ोर-जोर से ‘आह्ह.
.’ करते हुए 5-6 झटके मारे.. तो मैं समझ गया कि वो झड़ गए हैं। उन्होंने अपना पानी मामी की चूत में ही डाल दिया, थोड़ी देर ऐसे ही शांत एक-दूसरे से चिपक कर पड़े रहे।

बाद में मामी ने कहा- आज बहुत मज़ा आया। मामा ने कहा- रात को क्या करना है.. वो तो पता है ना?

तो मामी ने ज़ोर से मजाक में मामा के चूतड़ों पर एक थप्पड़ मारा। तभी मेरे लंड का पानी भी उनको देख कर निकल गया था। मैं भी बाथरूम में जाकर पानी से अपना लौड़ा साफ करके सो गया।

दोस्तो, जो मैंने देखा था, वही लिखा है..

आपको यह हिन्दी सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे ईमेल करें। [email protected]

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