स्कूल टीचर की कुंवारी बुर की चुदाई का मजा

मेरा नाम समर है.. मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैं एक जवान और सुंदर लड़का हूँ। मेरी उम्र 26 साल है.. मैं जिम और योगा का इन्स्ट्रक्टर हूँ। मेरे लंड का साइज़ 9 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है।

ये कहानी कुछ 6 महीने पहले की है। सामन्यत: मैं रोज़ सुबह 8 बजे निकल जाता था और फिर दोपहर में आता था। मेरे पड़ोस में मिस्टर सिंह रहते है.. वो बिजनेसमैन हैं। उनकी एक मस्त सी बेटी है जूही.. जैसा नाम वैसा हुस्न। जूही पास के एक स्कूल में टीचर है। वो सुबह 8 बजे स्कूल जाती है और 1:00 बजे घर आ जाती है। फिर दिन भर घर में अकेली रहती थी।

एक दिन मेरा छुट्टी वाला दिन था, तो मैं आराम से सो रहा था। मॉम ने मुझे जगाया और बोला- डोर लॉक कर लो, मैं ऑफिस जा रही हूँ। मैंने उठ कर डोर लॉक किया और फिर सो गया।

करीब 30 मिनट बाद डोरबेल बजी.. मैंने दरवाजा खोल कर देखा तो जूही सामने खड़ी थी। मैं हैरान हो गया और सोच रहा था कि यह हॉट माल आज मेरे घर पर कैसे? मैं यह भी भूल गया कि मैं सिर्फ़ अंडरवियर में हूँ।

वो मुझे बड़ी गौर से देख रही थी कि तभी वो अचानक हंसने लगी और बोली- घर मैं कपड़े नहीं हैं क्या? मैंने नीचे देखा और भाग कर अपने रूम में जाकर शॉर्ट पहन आया।

तब तक वो हाल में आकर बैठ गई। मैंने पूछा- कहिए कैसे आना हुआ? वो बोली- कल हमारे स्कूल में फेट पार्टी है.. मैं उसके टिकट बेच रही हूँ। बस 2 टिकट ही बची थीं.. सोचा आपको दे दूं। मैंने कहा- आपने बिल्कुल ठीक सोचा!

मैंने उनसे टिकट ले लीं.. थोड़ी देर बातचीत हुई।

फिर उससे मेरी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई। दोस्ती इतनी अधिक हो गई थी कि हमारी मुलाकात के कुछ 15 दिन बाद वो मेरे कमरे में बैठी थी।

मैं उसके साथ मस्ती कर रहा था, मस्ती-मस्ती में मैंने उसकी चुची पर कोहनी लगा दी, फिर वो उठ के चली गई। दूसरे दिन मम्मी घर में नहीं थीं, उस दिन वो मेरे कमरे में फिर से आ गई। लेकिन जब वो आने वाली थी.. उसके पहले मैंने अपने कंप्यूटर पर एक सेक्सी मूवी लगा के रखी थी।

जब वो कमरे में आई तो उसने देखा कि सेक्सी फिल्म चल रही है। मैंने उसे देखते ही वो मूवी फट से बंद कर दी, मुझे पता था कि वो मुझे पूछेगी कि तुम क्या देख रहे थे। और उसने वही पूछा, तो मैंने कहा- कुछ नहीं… वो तुम्हारे काम की चीज़ नहीं है। वो ज़िद करने लगी। तब मैंने उससे कहा- मैं सेक्सी मूवी देख रहा था। वो बोली- मुझे भी देखनी है।

फिर मैंने मूवी फिर से ऑन कर दी। थोड़ी देर बाद मैं उसके करीब जा कर बैठा तो उसने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी सेक्स किया है? मैंने कहा- हाँ.

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उसकी बात से मैं जान गया कि उसका मुझसे चुदाई करवाने का मन है। मैं उसे झट से पकड़कर किस करने लगा। शुरू में तो वो ‘ना.. नहीं..’ करने लगी, पर मैं नहीं माना तो वो नॉर्मल हो गई।

फिर मैं धीरे-धीरे उसे चूमता रहा, जब मुझे अहसास हुआ कि वो पूरी गर्म हो चुकी है, तो मैंने उसके कपड़े उतारना शुरू किए। उसने टाइट साड़ी बाँध रखी थी, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी।

उसके कपड़े उतारने के बाद उसकी कोमल नाज़ुक जवानी देखकर मैं थोड़ी देर के लिए तो अवाक सा रह गया। उसका फिगर बिल्कुल सांचे में ढला हुआ संगमरमर की मूर्ति जैसा था। उसका फिगर यही कोई 36-28-34 का था। उसके स्तन काफी सुडौल बड़े और गोरे थे। उसकी बुर पर भी एक बाल भी नहीं था और गुलाबी रंग वाली बड़ी रसीली बुर थी।

फिर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए। जैसे ही मैंने अपना अंडरवियर उतारा, तो वो मेरा लंबा और मोटा लंड देख कर हैरान रह गई। उसके मुँह से एक अ..हा.. उईई..’ निकली और बोली- क्या मैं इसको झेल पाऊँगी? मैं बोला- मेरी जान अगर तुम खुद अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा पूरा लंड अपनी बुर में ना लो.. तो मेरा नाम बदल देना।

फिर मैंने उससे अपना लंड मुँह में लेने के लिए कहा.. तो वो बोली- कितना बड़ा है तुम्हारा लंड.. मैं तो सच्ची मर जाऊँगी। मैंने कहा- चिंता मत करो मेरी जान.. मैं धीरे-धीरे करूँगा। बुर की चुदाई की यह हिंदी चुदाई की कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

फिर वो मेरा लंड मुँह में ले कर कुछ मिनट तक चूसती रही। वो पहली बार ये सब कर रही थी, लेकिन किसी तजुर्बेकार लड़की की तरह ये सब कर रही थी। थोड़ी देर बाद हम 69 पोजीशन में आ गए, अब वो मेरे ऊपर थी और मेरा लंड खूब जोर-जोर से जितना हो सकता था, उतना अपने मुँह में गले तक अन्दर लेकर चूस रही थी। मैं भी उसकी बुर चाटने और चूसने लगा।

कुछ पल बाद ही वो छटपटाने लगी। मैं अपनी जीभ को नुकीली करके उसकी बुर में अन्दर तक डाल के उसे जीभ से चोदने लगा था। तो वो मुँह से ‘म्म्म्ममाआ.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आअहह..’ कर रही थी। उसे अब एक साथ 2 मज़े मिल रहे थे, एक तो बुर चटवाने का और दूसरा लंड चूसने का।

मेरा लंड भी लोहे की तरह सख़्त हो गया था। अब मैंने उसे बिस्तर पर चित लिटा दिया और लंड उसकी बुर पर रखकर धीरे-धीरे अन्दर डालने की कोशिश करने लगा।

लेकिन जूही की बुर टाइट होने के कारण लंड अन्दर नहीं जा रहा था। फिर मैं उठा और सरसों का तेल लाकर उसकी बुर पर और कुछ अपने लंड पर लगा दिया। इसके बाद उसकी बुर के छेद पर लंड रखने के बाद मैंने उसके होंठों पर मेरे होंठ रखे और उसे किस करने लगा।

जैसे ही वो लंड लेने के लिए मचली.
. मैंने एक जोर का झटका मार दिया और पूरा लंड उसकी बुर में अन्दर तक डाल दिया। उसके मुँह से एक चीख निकलने को हुई, लेकिन मेरे मुँह के अन्दर दब गई। मोटे लंड के कारण उसकी बुर की सील फट गई और इस वजह से उसकी बुर से खून आना शुरू हो गया था और वो रोने लग गई थी।

मैं थोड़ी देर उसकी टाइट और रसीली बुर में मेरा बड़ा और मोटा लंड डाले हुए बिना हिले-डुले उसके ऊपर पड़ा रहा और उसके मम्मों को दबाता और चूसता रहा।

फिर थोड़ी देर बाद उसे जब अच्छा लगने लगा.. तब मैंने झटके देना शुरू किया। मैं उसकी बिल्कुल मासूम सी बुर में मेरा बड़ा और मोटा लंड अन्दर-बाहर करते हुए उसकी बुर की चुदाई रहा था।

वो भी नीचे से अपने कूल्हे उठा-उठा कर मज़े लेकर मुझसे अपनी बुर की चुदाई करवा रही थी। उसके मुँह से बड़ी अज़ीब सी आवाज़ें आ रही थीं ‘ऊओ समर.. मेरे राजा आज मुझे औरत बना दो.. इस बुर को भोसड़ा बना दो।’

वो पूरा लंड ले रही थी और मुझे ललकार रही थी- अह.. राजा.. और जोर से चोदो अपनी रानी को.. आज तुमने मुझे जन्नत का मज़ा दे दिया है.. आआअहह.. अब तो मैं तुमसे ही रोज़ाना चुदवाया करूँगी.. आह्ह.. फाड़ दो अपनी रानी की बुर को, बना दो उसका भोसड़ा।

उसके मुँह से ऐसी बातें सुन कर मुझे बड़ा जोश आ रहा था और जोर-जोर से उसकी बुर को चोद रहा था। मेरे हर धक्के में वो एक-दो इंच ऊपर हो रही थी।

कुछ मिनट की चुदाई के बाद वो बोली- मेरे राजा.. मैं झड़ने वाली हूँ.. आआअहह.. लो.. मैं झड़ गइईई.. उसने मुझे अपनी टांगों के बीच में जकड़ किया था, मैं भी रुक गया।

वो जब पूरी तरह झड़ गई तो बोली- राज मेरी जान.. आज तुमने मुझे फूल बना दिया है। मैंने चूमते हुए पूछा- तुम खुश तो हो ना? वो बोली- आज से पहले मैं कभी भी इतनी खुश नहीं हुई।

फिर दो-तीन दिन तक वो मेरे यहाँ आई नहीं.. लेकिन उसके बाद जब भी हमें मौका मिला.. मैंने उसे खूब चोदा।

आज तक मैंने उसे कितनी बार चोदा है, यह मुझे भी याद नहीं है, लेकिन आज भी मैं उसे बड़े प्यार और मज़े से चोदता हूँ और वो भी उतनी ही मस्ती से चुदवाती है।

अब उसकी शादी हो गई है.. और वो अपने ससुराल चली गई है।

आपको कुंवारी बुर की चुदाई की कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मेल करके ज़रूर बताना, आपकी सेक्सी मेल्स का इन्तजार रहेगा। [email protected]

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